Connect with us

प्रादेशिक

अदिति सिंह ने की सीएम योगी से मुलाकात, प्रदेश अध्यक्ष बोले-कार्रवाई करेंगे

Published

on

लखनऊ। रायबरेली सदर से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। दरअसल, अदिति गुरुवार को एक बार फिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलीं जिसके बाद वह चर्चा में आ गईं।

इस मुलाकात पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि जो लोग स्वार्थ के बारे में सोचते हैं और उनकी कोई विचारधारा नहीं है वे कहीं भी जा सकते हैं। हमने अदिति सिंह को नोटिस दिया है।

जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं अदिति सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री से विधायक अपने क्षेत्र की समस्याओं के लेकर मुलाकात करते रहते हैं।

जब मैं मिलने गई तो अन्य विधायक भी वहां मिलने आए हुए थे। मैंन सीएम से अपने क्षेत्र में सिंचाई और सड़क के मुद्दे पर बात की और स्थिति से अवगत कराया।

आपको बता दें कि इससे पहले 2 अक्टूबर को कांग्रेस द्वारा व्हिप जारी करने के बाद भी अदिति सिंह ने विधानमंडल की कार्रवाई में हिस्सा लिया था। अदिति सिंह के इस कदम के बाद से उनके भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में जाने के कयास लगने शुरू हो गए थे।

प्रादेशिक

श्रमजीवी पत्रकार डॉ. के. विक्रम राव हैं हर एक मीडिया पर्सन के लिए मिसाल

Published

on

By

समाज की सच्ची तस्वीर दिखाना हर एक ईमानदार पत्रकार की ज़िम्मेदारी होती है, ऐसे ही एक श्रमजीवी पत्रकार हैं डॉ. के. विक्रम राव।गद्यकार, सम्पादक, मीडिया शिक्षक और टीवी, रेडियो समीक्षक डॉ. के. विक्रम राव श्रमजीवी पत्रकारों के मासिक दि वर्किंग जर्नलिस्ट के प्रधान सम्पादक हैं।

वे वॉयस ऑफ अमेरिका (हिन्दी समाचार प्रभाग, वाशिंगटन) के दक्षिण एशियाई ब्यूरो में 15 वर्षों तक संवाददाता रहे। वे 1962 से 1998 तक दैनिक टाइम्स ऑफ इण्डिया (मुंबई) में कार्यरत थे।

नौ प्रदेशों में इसके ब्यूरो प्रमुख रहे। सम्प्रति 85 तेलुगु, हिंदी, उर्दू तथा अंग्रेजी पत्रिकाओं में स्तंभकार हैं। वे मुम्बई, हैदराबाद, कोची, दिल्ली, अहमदाबाद, कोलकत्ता आदि के पत्रकारिता संस्थानों में रिपोर्टिंग पर व्याख्याता भी हैं।

वे डॉ. धर्मवीर भारती के “धर्मयुग” और रघुवीर सहाय के “दिनमान” में लिखते रहे। वे दैनिक इकनामिक टाइम्स, और पाक्षिक फिल्मफेयर में भी काम कर चुके हैं। विक्रम राव की समाचार रिपोर्ट की चर्चा विभिन्न विधान मण्डलों तथा संसद के दोनों सदनों में होती रही हैं।

मुरादाबाद, अहमदाबाद और हैदराबाद के साम्प्रदायिक दंगों पर उनकी रिपोर्ट अपनी वास्तविकता और सत्यता के लिए प्रशंसित हुई।बुन्देलखण्ड और उत्तर गुजरात में अकाल स्थिति पर भेजी उनकी रिपोर्टों से सरकारी और स्वयंसेवी संगठनों ने तात्कालिक मदद भेजी जिससे कई प्राण बचाए जा सके।

विक्रम राव की मातृभाषा तेलुगु है। वे मराठी, गुजराती तथा उर्दू भी जानते हैं। उन्होंने मीडिया पर नौ और डॉ. लोहिया पर दो पुस्तकें लिखी हैं। वे भारतीय प्रेस काउंसिल (PCI) के छह वर्षों (1991) तक लगातार सदस्य रहे।

श्रमजीवी पत्रकारों के लिए भारत सरकार द्वारा 2008 में गठित जस्टिस जी.आर. मजीठिया और मणिसाणा वेतन बोर्ड (1996) के वे सदस्य थे। प्रेस सूचना ब्यूरो की केन्द्रीय प्रेस मान्यता समिति के पाँच वर्षों तक वो सदस्य रहे।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending