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प्रादेशिक

नहीं रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा, लंबे समय से थे बीमार

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नई दिल्ली। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा का सोमवार को निधन हो गया है। जगन्नाथ लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका दिल्ली में इलाज चल रहा था। वे तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। उनके निधन की खबर से पूरे बिहार में शोक की लहर दौड़ गई।

पहली बार 1975 में उन्होंने मुख्यमंत्री का पद संभाला और अप्रैल 1977 तक बिहार के सीएम बने रहे। उसके बाद साल 1980 में उन्होंने एक बार फिर तीन साल के लिए मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली।

फिर वह 1989 में तीन महीने के लिए सीएम रहे। तीन बार मुख्यमंत्री रहे जगन्नाथ मिश्रा का विवादों से भी गहरा नाता रहा। उन पर चारा घोटाले का आरोप लगा जिसके बाद कई महीने उन्हें जेल में बिताने पड़े।

उनके निधन पर  केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दुख जताया है। उन्होंने कहा, ”बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री जगन्नाथ मिश्रा जी का निधन हो गया है ,प्रभु उनकी आत्मा को शांति दे।”

उत्तराखंड

सीएम त्रिवेंद्र ने सचिवालय में की अहम बैठक, लापरवाह अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में सीएम डेशबोर्ड पर केपीआई के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की है।

उन्होंने कहा कि सेवा के अधिकार में अधिसूचित सेवाएं ऑनलाईन भी उपलब्ध होनी चाहिए। ई-डिस्ट्रिक्ट में वर्तमान की सेवाओं के साथ ही अन्य सेवाओं को भी शामिल किया जाए। जो जिला इसमें बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। विभागों को डिजी-लॉकर से जोड़ने के लिए सचिव समिति द्वारा विचार किया जाए। एक ही एप्प के अंतर्गत सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार में सेवाएं निर्धारित समय में दी जा रही है या नहीं, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग की जाए। सीएम हेल्पलाईन पर वर्तमान में प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित की जा रही है। रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे तक जो भी कॉल आती हैं, उनकी रिकार्डिंग की व्यवस्था की जाए और उन्हें संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित किया जाए।

सीएम हेल्पलाईन में सभी स्तरों के अधिकारियों की परफोरमेंस वेल्युशन किया जाए। लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक डिजीटल विलेज के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।

बैठक में बताए गए मुख्य बिंदु –

स्टेट डाटा सेंटर के अंतर्गत वर्तमान में 12 विभाग जुड़े

स्वान से 1474 कार्यालय जुड़ चुके हैं

मार्च 2020 तक 164 कार्यालय और जोड़ दिए जाएंगे

इन्वेस्टर्स समिट के बाद आईटी में 2286 करोड़ रूपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है

सीएम डेशबोर्ड से 33 विभाग जुड़े हैं

पीएमजी-दिशा  में युवाओं को डिजीटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है

 

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