Connect with us

नेशनल

केदारनाथ में फिर आ सकता है महाप्रलय, मंदिर के ऊपर दिखी नई झील

Published

on

देहरादून। उत्तराखंड के केदारनाथ में साल 2013 में आई आपदा के 6 साल बाद एक बार फिर घाटी में कुछ इसी तरह का खतरा मंडराने लगा है।

जिस झील की वजह से इतनी खतरनाक तबाही मची थी ऐसी ही झील एक बार फिर विकसित हो गई है। इस बारे में वाडिया इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्हें दोबारा झील विकसित होने की जानकारी मिली है जिसके बाद एक टीम को जांच के लिए भेज दिया गया है।

वाडिया इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिकों ने यह भी बताया है कि जो नई झील बनी है वो चोराबाड़ी झील नहीं है बल्कि उससे 3 किलोमीटर ऊपर है।

आपको बता दें कि जिस चोराबाड़ी झील से केदारनाथ में इतनी भारी तबाही मची थी वो मंदिर से महज 2 किलोमीटर की ऊंचाई पर थी। कुछ वैज्ञानिकों ने बताया कि जब ग्लेशियर पिघलता है तो जगह-जगह छोटी छोटी झीलें बन जाती हैं।

इस साल ग्लेशियरों में ज्यादा लेक बनने के आसार हैं क्योंकि इस बार बहुत ज्यादा बारिश और बर्फबारी हुई है जिस वजह से अभी ग्लेशियर पिघल रहे हैं और वही इकट्ठा होकर छोटे-छोटे झील बना लेते हैं लेकिन इन झीलों से कोई खतरे वाली बात नहीं है।

नेशनल

रेलवे में ख़त्म होगा खलासी सिस्टम, नहीं होंगी नई भर्तियां

Published

on

नई दिल्ली। अगर आप भी भारतीय रेलवे में नौकरी करने का सपना संजोए हुए हैं तो आपके लिए बुरी खबर है। दरअसल रेलवे अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आवास पर काम करने वाले ‘बंगला पियुन’ या खलासियों की नियुक्ति की औपनिवेशिक काल की प्रणाली को समाप्त करने की तैयारी कर रहा है और इस पद पर अब कोई नई भर्ती नहीं की जाएगी। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में बृहस्पतिवार को आदेश जारी किया।

रेलवे बोर्ड ने आदेश में कहा है कि टेलीफोन अटेंडेंट सह डाक खलासी (TADK) संबंधी मामले की समीक्षा की जा रही है. आदेश में कहा गया है, ‘टीएडीके की नियुक्ति संबंधी मामला रेलवे बोर्ड में समीक्षाधीन है इसलिए यह फैसला किया गया है कि टीएडीके के स्थानापन्न के तौर पर नए लोगों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए और न ही तत्काल नियुक्ति की जानी चाहिए।

आदेश में कहा गया है, ‘इसके अलावा, एक जुलाई 2020 से इस प्रकार की नियुक्तियों को दी गई मंजूरी के मामलों की समीक्षा की जा सकती है और इसकी स्थिति बोर्ड को बताई जाएगी। इसका सभी रेल प्रतिष्ठानों में सख्ती से पालन किया जाए।

#indianrailways #india #centralgovernment

Continue Reading

Trending