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पकड़ा गया भगौड़ा नीरव मोदी, लंदन में घूम रहा था भेष बदलकर!

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नई दिल्ली। भारत का लगभग 13700 करोड़ लेकर फरार हुए नीरव मोदी को देश की जांच एजेंसियां 1 साल से ढूंढ रही थी लेकिन उन्हें नीरव का कोई पता नहीं चल पाया लेकिन लंदन के एक पत्रकार ने इस घोटालेबाज नीरव मोदी को आखिरकार पकड़ ही लिया।

नीरव लंदन में भेष बदलकर रह रहा है। फरार होने के बाद नीरव पहली बार कैमरे पर दिखा। आपको बता दें कि जांच एजेंसियों से बचने के लिए नीरव ने अपना लुक पूरी तरह बदल लिया है।

एक अंग्रेजी अखबार के संवाददाता ने बीच सड़क पर नीरव मोदी से कई सवाल किए, लेकिन उसने किसी भी सवाल का जबाव नहीं दिया। इस दौरान संवाददाता ने कई सवाल पूछे, जिसका जवाब देने की बजाए नीरव मोदी केवल ‘नो कमेंट’ बोलता रहा।

इसके बाद नीरव कैब लेकर वहां से निकल गया।  नीरव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस एक बार फिर बीजेपी पर हमलावर हो गई है। नीरव मोदी के सामने आने के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार से कई सवाल पूछे हैं।

कांग्रेस ने कहा- ‘पत्रकार नीरव मोदी को पकड़ने में कामयाब हुए. मोदी सरकार ऐसा क्यों नहीं कर पाई? मोदी किसकी रक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं? अपने आपको, नीरव मोदी या उन्हें भागने वाले लोग को?’

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरेजवाला ने कहा, ‘देश का 23,000 करोड़ लूट कर ले जाओ, बग़ैर रोक-टोक देश से भाग जाओ, फिर PM के साथ विदेश में फ़ोटो खिचवाओ, लंदन में 73 करोड़ के ऐशगाह में ज़िंदगी बिताओ, बुझो, मैं कौन हूँ, अरे छोटा मोदी, और कौन. जब मोदी भए कौतवाल, तो डर काहे का.मोदी है तो मुमकिन है।’

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भारतीय वैज्ञानिकों ने रचा इतिहास, चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचाया

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नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों ने मंगलवार को चंद्रयान-2 को चांद की पहली कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश करा कर इतिहास रच दिया है।

चांद के ऑर्बिट में चंद्रयान-2 को प्रवेश कराना वैज्ञानिकों के लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती चंद्रयान-2 की गति कम करने की थी जिसे इसरो वैज्ञानिकों ने सफलतापूर्वक 10.98 किमी प्रति सेकेंड से 1.98 किमी प्रति सेकेंड कर दिया।

वैज्ञानिकों ने सुबह 8.30 से 9.30 बजे के बीच चंद्रयान-2 को चांद की कक्षा LBN#1 में प्रवेश कराया। अब चंद्रयान-2, 118 किमी की एपोजी (चांद से कम दूरी) और 18078 किमी की पेरीजी (चांद से ज्यादा दूरी) वाली अंडाकार कक्षा में अगले 24 घंटे तक चक्कर लगाएगा।

आपको बता दें कि चंद्रयान-2 की गति 90 फीसदी इसलिए कम की गई है ताकि यान चांद गुरूत्वाकर्षण की वजह से उसके सतह से टकरा न जाए। पहले ऑर्बिट में प्रवेश के बाद 7 सितंबर को चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा। चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण केंद्र से रॉकेट बाहुबली के जरिए प्र‍क्षेपित किया गया था।

इससे पहले 14 अगस्त को चंद्रयान-2 को ट्रांस लूनर ऑर्बिट में डाला गया था. उम्मीद जताई जा रही है कि 7 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद्रयान-2 की चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग को लाइव देखेंगे।

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