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भाई ने की सगे भाई की कैंची घोंपकर कर हत्या, बस उसने कहा था-भईया आप…

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नई दिल्ली। दिल्ली के नंदनगरी इलाके में एक दिलदहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक भाई ने अपने छोटे भाई को कैंची घोंपकर मार डाला। छोटे भाई का सिर्फ इतना कसूर था कि वह अपने भाई को मोटा कहकर चिड़ा रहा था।

आरोपी ने छोटे भाई के सीने पर कैंची से इतनी जोर से वार किया कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हत्या की घटना को छिपाने के लिए युवक बहाना बनाने लगा कि कैंची भाई के सीने पर गिरी और उसकी मौत हो गई।

लेकिन इस घटना का सच सामने तब आया जब एक 3 साल के बच्चे ने पूरी घटना का पर्दाफ़ाश किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर-पूर्वी दिल्ली के रहने वाले 28 वर्षीय निजाम को उसके 25 वर्षीय भाई आरिफ ने मजाक में मोटा कहकर चिड़ाया। इस बात से निजाम बौखला उठा। उसने आरिफ के सीने पर कैंची से वार कर दिया।

हमले में आरिफ बेहोश हो गया। आनन-फानन में परिवारवालों ने उसे अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस को आरोपी गुमराह करने लगा।

उसने बताया कि आरिफ के सीने पर कैंची गिर पड़ी। वह बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे हम अस्पताल लेकर आए लेकिन उसकी मौत हो गई।

निजाम की बात सुनकर पुलिस हत्या को हादसा समझ बैठी। लेकिन इस बीच डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि आरिफ के सीने पर घाव से ऐसा लगता है कि यह हादसा नहीं किसी ने कैंची से जोरदार वार दिया है।

यह बात सामने आने के बाद पुलिस निजाम के घर पहंची और पूछताछ शुरू की। वह पुलिस को गुमराह करता रहा। इस बीच तीन साल के बच्चे ने निजाम और आरिफ के बीच झगड़ा होने की बात कह दी।

फिर जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि आरिफ उसे मोटा कहकर चिड़ा रहा था। उसने मेरा मजाक बनाया जो मुझे पसंद नहीं आया। गुस्से में मैंने उस पर कैंची से हमला कर दिया और उसकी मौत हो गई।

 

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मोदी की सुनामी के बाद मेनका गांधी ने राहुल पर कसा तंज, कहा-ये बच्चों का खेल नहीं

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नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों में भारत की जनता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को साल 2014 से भी बड़ा जनादेश दिया है।

इन चुनावों में भाजपा ने पिछले बार से ज्यादा अच्छा प्रदर्शन करते हुए 303 सीटें हासिल की। भाजपा की इस प्रचंड जीत के बाद पूरे देश में पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है।

पीएम मोदी की इस जीत की विशालता को इस बात से समझा जा सकता है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दर्ज की गई इस जीत ने राजीव गांधी की 1984 के वोट शेयर पाने के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है।

2014 से बड़ी बीजेपी की इस जीत में कांग्रेस के कई दिग्गज अपना किला नहीं बचा सके। खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने गढ़ अमेठी में लगभग 38 हजार वोटों से हार गए।

राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की इस करारी हार पर मोदी सरकार की मंत्री और रिश्ते में राहुल की चाची मेनका गांधी ने तंज कसा है। मेनका ने कहा है कि राजनीति कोई बच्चों का खेल नहीं है।

मेनका ने कहा कि उनकी तरफ से कैंपेन में कोई भी सही बात नहीं उठाई गई, गाड़ी में बैठ हाथ हिलाने से इलेक्शन नहीं बनता है। अगर राजनीति करनी है तो ठीक से करें और राजनीति गंभीरता से करें।

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