Connect with us

नेशनल

सीमांचल एक्सप्रेस के 11 डिब्बे पटरी से उतरे, 7 लोगों की मौत

Published

on

पटना। बिहार के हाजीपुर के पास सहदेई बुजुर्ग में रविवार की सुबह सीमांचल एक्सप्रेस के 11 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई। हादसा किस वजह से हुआ फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है।

माना जा रहा है कि पटरियों के टूटने की वजह से यह रेल हादसा हुआ। आपको बता दें कि 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करने के दौरान रेल मंत्री पीयूष गोयल ने नए साल को रेलवे के इतिहास का सबसे सुरक्षित साल बताया था जिसके 1 दिन बाद ही यह भीषण हादसा हो गया।

पीयूष गोयल के इस बयान के बाद ही दो दिन में दो रेल हादसे देखने को मिले। यह रेल हादसा सुबह करीब 3 बजकर 58 मिनट पर हुआ। सीमांचल एक्सप्रेस जोगबनी से दिल्ली जा रही थी और अचानक ट्रेन के 11 कोच पटरियों से पलट गई।

मिली जानकारी के अनुसार हादसे में 6 लोगों की मौत और 24 लोग घयल हो गए हैं। इस हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिसवालों पर पथराव भी किए।

हादसे के बाद रेलवे ने मृतकों के परिवार को 5 लाख रुपये जबकि गंभीर रूप से घायलों को एक लाख रुपये और मामूली घायलों को 50,000 रुपए देने का एलान किया है। साथ ही घायलों के सभी चिकित्सा व्यय भी रेलवे द्वारा वहन किया जाएगा। बिहार सरकार ने भी मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। सरकार मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये जबकि घायलों को 50,000 रुपये देगी।

ईस्ट सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि इस घटना में 6 लोगों की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि मृतकों और घायलों की संख्या में इजाफा हो सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटनास्थल पर करीब 7 से आठ शवों को निकाला गया है। यह ट्रेन जोगबनी से दिल्ली आ रही थी।

 

नेशनल

विक्रम से संपर्क की उम्मीदें खत्म, इसरो ने देशवासियों के लिए कही ये बात

Published

on

नई दिल्ली। चंद्रमा पर रात होने के बाद अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की विक्रम लैंडर से संपर्क करने उम्मीद खत्म हो चुकी है। मंगलवार को इसरो ने देशवासियों से मिले अपार समर्थन के लिए सभी का धन्यवाद कहा।

यह इसरो का दूसरा चंद्र मिशन था जो कि आंशिक रूप से सफल हो सका। इस मिशन को आंशिक रूप से सफल इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि चांद की सतह से मजह 2.1 किमी की ऊंचाई से इसका संपर्क इसरो केंद्र से टूट गया था।

संपर्क टूटने के बाजजूद देशवासियों और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो की हौसलाफजाई की थी। जिससे खुश होकर इसरो ने मंगलवार शाम को ट्वीट करते हुए सभी का धन्यवाद किया।

इसरो ने ट्वीट कर कहा, ‘हमारे साथ खड़े रहने के लिए आपका शुक्रिया। हम दुनियाभर में सभी भारतीयों की आशाओं और सपनों को पूरा करने की कोशिश करते रहेंगे। हमें प्रेरित करने के लिए शुक्रिया।’

इस मिशन को लेकर अच्छी खबर यह है कि ऑर्बिटर लगातार चंद्रमा के चक्कर काट रहा है और उसकी तस्वीरें भेज रहा है। इसरो के मुताबिक ऑर्बिटर 7 साल तक चांद का चक्कर इसी तरह काटने में सक्षम है।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending