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BREAKING: आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर गिरफ्तार, एससी-एसटी एक्ट पर कर रहे थे प्रेसवार्ता

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देवकीनंदन ठाकुर

आगरा। एससी/एसटी एक्ट के विरोध में बयान देकर सुर्खियों में आए कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर को आगरा में पुलिस ने नजरबंद कर लिया है। प्रेसवार्ता के लिए रोके जाने पर उन्होंने पीएम मोदी और योगी पर भी सवाल उठाए। मिली जानकारी के मुताबिक उन्हे नजरबंद कर पुलिस लाइन में रखा गया है।

देवकीनंदन ठाकुर

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर मंगलवार को खंदौली के एक गांव में एससी-एसटी एक्ट के विरोध में सभा करने वाले थे। आपको बता दें कि पुलिस ने किसी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए उन्हे नजरबंद किया है।

देवकीनंदन ठाकुर को गिरफ्तार करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसफोर्स आई थी। वह शहर के हरी पर्वत में प्रेस वार्ता करने जा रहे थे। वार्ता से ठीक पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान पुलिस कप्तान अमित पाठक भी वहां मौजूद रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी गिरफ्तारी धारा 151 के तहत की गई है।

एससी/एसटी एक्ट को मूल रूप में बहाल करने के विरोध में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज लगातार सरकार पर हमला बोल रहे थे। देवकीनंदन ठाकुर ने सरकार को ललकारते हुए कहा था कि दो महीने का वक्त है, वरना हम वह करके दिखाएंगे जो भारत के इतिहास में कभी नहीं हुआ।

मथुरा के रहने वाले देवकीनंदन ठाकुर मूल रूप से एक कथावाचक और एक आध्यात्मिक गुरु हैं। वह भारत के विभिन्न राज्यों के आलावा विदेशों में श्रीकृष्ण की कथाओं का प्रवचन करते हैं।

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राहुल गांधी के बयान पर भड़की शिवसेना, दे डाली ये नसीहत

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नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान से राहुल गांधी द्वारा सावरकर पर दिए बयान पर अब शिवसेना और कांग्रेस पार्टी के बीच तलवारें खिचती नजर आ रही हैं।

भारत बचाओ रैली के दौरान राहुल गांधी ने सावरकर की दुहाई देते हुए कहा था कि वे ‘रेप इन इंडिया’ वाले अपने बयान पर माफी नहीं मांगेगे क्योंकि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं, राहुल गांधी है।

इस बयान से शिवसेना तिलमिला गई है। इसके बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी राहुल गांधी पर पलटवार कर दिया। संजय राउत ने कहा, राहुल का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और सावरकर का बलिदान समझने के लिए राहुल को कांग्रेस नेता कुछ किताबें गिफ्ट करें।

संजय राउत ने मराठी में कहा, “हम पंडित नेहरू, महात्मा गांधी को भी मानते हैं, आप वीर सावरकर का अपमान ना करें, बुद्धिमान लोगों को ज्यादा बताने की जरूरत नहीं होती।”

दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा कि अगर आज भी आप वीर सावरकर का नाम लेते हैं तो देश के युवा उत्तेजित और उद्वेलित हो जाते हैं, आज भी सावरकार देश के नायक हैं और आगे भी नायक बने रहेंगे, वीर सावरकर हमारे देश का गर्व हैं।”

बता दें कि राहुल का इशारा हिंदूवादी नेता विनायक दामोदर सावरकर की ओर से 14 नवंबर, 1913 को ब्रिटिश सरकार को कथित रूप से लिखे गए माफीनामे की तरफ था, जिसे उन्होंने अंडमान की सेलुलर जेल में कैद रहने के दौरान लिखा था।

रेप पर दिए गए बयान को लेकर बीजेपी की ओर से माफी की मांग पर राहुल ने शनिवार को कहा था कि उनका नाम राहुल सावरकर नहीं है, राहुल गांधी है और वे मर जाएंगे पर कभी माफी नहीं मांगेंगे।

 

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