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एशियाई खेलों से आई खुशखबरी, भारत की झोली में आया 5वां गोल्ड

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नई दिल्ली। जकार्ता में खेले जा रहे 18वें एशियाई खेलों से एक भारत के लिए बड़ी खुशखबरी आ रही है। भारत की झोली में 5वां स्वर्ण पदक आ गया है। भारत को ये मेडल स्वपना बर्मन ने दिलाया।

आपको बता दें कि स्वपना हेप्टाथलॉन की खिलाड़ी हैं और स्वपना द्वारा जीता गया ये भारत का हेप्टाथलॉन में पहला स्वर्ण पदक है। इसी के साथ स्वपना पांचवी ऐसी महिला बन गई हैं जिन्होंने 6000 पॉइंट्स को पार कर लिया है।

आपको बता दें स्वपना पिछले तीन दिनों से दर्द में थी। इसके बावजूद उन्होंने भारत को एशियाई खेलों का पांचवां स्पर्ण पदक दिलाया। ट्वीटर पर स्वपना के लिए बधाईयों का तांता लगा हुआ है। अनिल कपूर ने भी स्वपना को ट्वीट कर बधाई दी है।

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15 साल में छोड़ा था लड़की ने घर, बनी ISIS दुल्हन, अब दिया आतंकवादियों के बच्चे को जन्म

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ISIS

आपने शादी से जुड़े बहुत से मामले सुने होंगे लेकिन आज हम आपको एक ऐसा मामला बताने जा रहै हैं जिससे आप हैरान रह जाएंगे। इंग्लैंड की एक महिला ने ISIS जॉइन कर लिया था। अब उसी 19 साल की महिला ने अपने एक बच्चे को जन्म दिया है। अब वह अपने देश इंग्लैंड़ वापस आना चाहती है।
इस महिला का नाम शमीमा बेगम है जिसने सीरिया के रिफ्यूजी कैंप में बच्चे को जन्म दिया है। महिला को ISIS में शामिल होने का कोई अफसोस भी नहीं है। उसने बताया की इस फैसले ने उसे और मजबूद बनाया है। ऐसे में अब उसे अपने देश वापस लौटने की इजाजत मिलनी चाहिए या नहीं इस पर बड़ी बहस चल रही है।

शमीमा के वकील का कहना है कि शमीमा के साथ नाजी अपराधियों के भी बुरा व्यावहार किया जा रहा है। वकील ने कहा कि जब वह स्कूल में पढ़ने वाली 15 साल की लड़की थी, तभी चली गई। वह एक पीड़ित थी। वहीं, शमीमा ने एक इंटरव्यू में ये स्वीकार किया है कि ब्रिटेन में उसका पुनर्वास काफी मुश्किल भरा होगा।

उसके वकील ने बताया कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद खूनी अपराधियों को भी मौका मिला था तो इसे भी मिलना चाहिए। शमीमा का परिवार चाहता है कि अगर उसे देश वापस आने की अनुमति मिलती है और जेल की सजा दी जाती है तो वे उसके बच्चे को पालने के लिए तैयार होंगे।

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