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मनोरंजन

मैं जो हूं, उस पर गर्व है : करण जौहर

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नई दिल्ली, 11 नवंबर (आईएएनएस)| फिल्म निर्देशक और निर्माता करण जौहर ने सेक्सुअल ओरिएंटेशन पर कहा कि वह जो हैं, उस पर उन्हें गर्व है। ‘साहित्य आजतक’ के तीसरे सत्र में शामिल करण जौहर ने शनिवार को कहा, मैं जो हूं उस पर मुझे गर्व है। मुझे इस बारे में जो कुछ कहना था, वो मैंने अपनी किताब ‘एन अनसूटेबल ब्वाय’ में कह दिया था। इसमें जो लिखा वो सच है। कई लोगों का कहना है कि मैं इसमें पूरा क्यों नहीं लिखा, लेकिन ये मेरा अधिकार है कि मैं क्या लिखूं। इसे लेकर मेरी काफी ट्रोलिंग भी हुई।

बॉलीवुड में अपनी दोस्ती और रिश्तों में कड़वाहट पर करण ने कहा, उनका करीना से विवाद रहा। एक साल तक दोनों में बात नहीं हुई। जब मेरे पिता की तबियत ठीक नहीं थी, तब करीना ने मुझे फोन किया। बाद में हमें महसूस हुआ कि ये कितना बचपना था। वो मुझसे 10 साल छोटी है।

वहीं काजोल से विवाद पर उन्होंने कहा, मैं उसे बहुत प्यार करता हूं। हमारे बीच विवाद हुआ पर अब वो पास्ट है। हमारी बॉडिंग अलग तरह की है।

फिल्म निर्माता ने कहा, शाहरुख और आदित्य चोपड़ा की वजह से मैं निर्देशक बना। जब मैंने शाहरुख के साथ काम करना शुरू किया, तब वे स्टार बन चुके थे। हर रिश्ते की तरह हमारे रिश्ते में भी उतार-चढ़ाव रहा, काम और पर्सनल रिश्ते अलग-अलग हैं। हमारे बीच बॉडिंग हमेशा रहेगी। एक भी दिन के लिए हमारे रिश्ते में कभी कड़वाहट नहीं आई।

एलीट क्लास पर आधारित फिल्में बनाने को लेकर करण ने कहा, मैंने कई बार गैरपारंपरिक तरीके की फिल्में भी बनानी चाहिए, लेकिन मुझे इसका क्रेडिट नहीं मिला। मैंने ‘माय नेम इज खान’ बनाई, बॉम्बे टॉकीज में एक फिल्म की, लेकिन उसकी बात नहीं हुई। यदि मेरा नाम ‘करण कश्यप’ होता तो मुझे और क्रेडिट मिल जाता।

फिल्म निर्देशक-निर्माता संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ पर जारी विवाद पर उन्होंने कहा कि फिल्म को शांति से रिलीज होने देना चाहिए।

‘साहित्य आजतक’ के सेशन में बातचीत के दौरान करण ने शाहरुख खान के बेटे को बॉलीवुड का दूसरा बड़ा सुपरस्टार बताया।

उन्होंने कहा, आर्यन खान भी शाहरुख की तरह हिंदी सिनेमा के बड़े सितारे साबित होंगे। मैं सोचता हूं कि शाहरुख खान के बेटे आर्यन भविष्य के ह्यूज सुपरस्टार साबित होंगे, इसलिए नहीं कि वो शाहरुख के बेटे हैं, बल्कि उसमें प्रतिभा है।

करण ने सत्र मॉडरेट कर रही अंजना ओम कश्यप की एक चुटकी पर कहा, सवालों के जवाब देना मेरे लिए बहुत अनसुटेबल है, क्योंकि मैं सवाल करता हूं। मुझे जवाब देना ज्यादा पसंद नहीं।

नेपोटिज्म पर जारी विवाद पर अपनी राय रखते हुए करण ने माना कि वह खुद इसका हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा, ये हर इंडस्ट्री में है। चूंकि मेरे पिता निर्माता थे, मुझे इसका फायदा मिला और उस वजह से मैं फिल्ममेकर बना। मैं क्वालिफाइड नहीं था, मैं फिल्मों में एजुकेटेड नहीं था, ये बात मैं मानता हूं कि पिता की वजह से मुझे मौके मिले। आप इंडस्ट्री का हिस्सा हैं तो आप को इजी एक्सेस जरूर मिलता है, लेकिन इसे मेंटेन करना मुश्किल हो जाता। मेरे जैसे कई हासिल कर लेते हैं और कई नहीं। नेपोटिज्म एक कार्ड है जो सिर्फ मौका देने में मदद करता है।

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मनोरंजन

हाईकोर्ट पहुंचे जैकी श्रॉफ, बिना इजाजत ‘भ‍िडू’ बोला तो देना होगा 2 करोड़ जुर्माना

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मुंबई। बॉलीवुड के दिग्गज एक्‍टर जैकी श्रॉफ को आपने अक्सर ‘भ‍िडू’ शब्द का प्रयोग करते सुना होगा। कई बार उनसे मुलाकात के दौरान उनके फैंस भी इस शब्द का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अब अगर आपने आगे से ऐसा किया तो आपको 2 करोड़ रु का जुर्माना देना पड़ सकता है। एक्‍टर ने ‘व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों की सुरक्षा’ के तहत ‘भ‍िडू’ शब्‍द के इस्‍तेमाल पर दिल्‍ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और कई संस्‍थानों के ख‍िलाफ केस किया है।

यह मामला उन संगठनों के खिलाफ दायर किया गया है जो जैकी श्रॉफ का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना व्यावसायिक लाभ के लिए कर रहे हैं। उम्मीद है कि कोर्ट इस मामले में जल्द ही अपना फैसला सुनाएगा ताकि अभिनेता के प्रचार अधिकारों की रक्षा की जा सके। मामले को कल 14 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

यह पहली बार नहीं है कि किसी बॉलीवुड अभिनेता ने गोपनीयता और प्रचार अधिकार के लिए अदालत से मदद मांगी है। इससे पहले दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन ने लोगों को अभिनेता की नकल करने और उनकी सहमति के बिना उनकी आवाज का इस्तेमाल करने से रोकने के लिए मुंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

दूसरी ओर पिछले साल अनिल कपूर ने भी अपने व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। इसके अलावा, इस साल जनवरी में अनिल कपूर ने केस जीत लिया। इसमें उन्होंने ‘झकास’ शब्द वाला तकिया कलाम, अपने नाम, आवाज, बोलने के तरीके, छवि, समानता और हावभाव की सुरक्षा की मांग की थी। उनका कहना था कि इसका प्रयोग न किया जाए।

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