Connect with us
https://www.aajkikhabar.com/wp-content/uploads/2020/12/Digital-Strip-Ad-1.jpg

नेशनल

जम्मू एवं कश्मीर बोर्ड परीक्षाओं में उपस्थिति सकारात्मक सोच का परिचायक : मोदी

Published

on

जम्मू एवं कश्मीर, नरेंद्र मोदी, 'मन की बात'

Loading

 

जम्मू एवं कश्मीर, नरेंद्र मोदी, 'मन की बात'नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में स्कूल बोर्ड परीक्षाओं में बड़ी संख्या में छात्रों की उपस्थिति युवाओं की सकारात्मक सोच को प्रदर्शित करती है। मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 26 वें संस्करण में राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने हाल में जम्मू एवं कश्मीर के ग्राम प्रधानों से मुलाकात की और स्कूलों में आगजनी समेत घाटी में अशांति पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने ग्राम प्रधानों से कश्मीर घाटी में बच्चों के भविष्य बनाने पर ध्यान देने के लिए निवेदन किया। मोदी ने कहा, “हाल में हुई बोर्ड परीक्षाओं में कश्मीर में 95 प्रतिशत उपस्थिति हुई। यह घाटी में युवाओं की सकारात्मक सोच को दर्शाता है।”

उन्होंने कहा, “जम्मू एवं कश्मीर के छात्र शिक्षा के जरिये जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं। मैं छात्रों के उत्साह की प्रशंसा करता हूं , मैं छात्रों के अभिभावकों और शिक्षकों की भी प्रशंसा करता हूं और लोगों को हालात से अवगत कराने के लिए ‘ग्राम प्रधानों’ को धन्यवाद देता हूं।”

मोदी ने कहा, “घाटी में स्कूल जलाने के मुद्दे पर ग्राम प्रधान उतने ही दुखी थे जितने शेष भारत के लोग। उन लोगों ने महसूस किया कि न केवल स्कूल, बल्कि बच्चों के भविष्य भी आग के हवाले हो गए हैं।”

नेशनल

जानिए कौन हैं वो चार लोग, जिन्हें पीएम मोदी ने नामांकन के लिए अपना प्रस्तावक चुना

Published

on

Loading

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के काल भैरव मंदिर में दर्शन करने के बाद अपना नामांकन दाखिल कर दिया। पीएम मोदी ने वाराणसी से तीसरी बार अपना नामांकन दाखिल किया है। पीएम मोदी के नामांकन में गृह मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत 20 केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे। इसके अलावा 12 राज्यों के सीएम भी शामिल हुए। पीएम मोदी के नामांकन के दौरान उनके साथ चार प्रस्तावक भी कलेक्ट्रेट में मौजूद रहे।

इनमें एक पुजारी, दो ओबीसी और एक दलित समुदाय के व्यक्ति का नाम है। दरअसल पीएम मोदी के नामांकन के दौरान चार प्रस्तावक मौजूद रहे। इनमें पहला नाम आचार्य गणेश्वर शास्त्री का है, जो कि पुजारी हैं। इसके बाद बैजनाथ पटेल पीएम मोदी के नामांकन के दौरान प्रस्तावक बने, जो ओबीसी समुदाय से आते हैं। वहीं लालचंद कुशवाहा भी पीएम के नामांकन में प्रस्तावक के तौर पर शामिल हुए। ये भी ओबीसी समाज से आते हैं। पीएम मोदी के प्रस्तावकों में आखिरी नाम संजय सोनकर का भी है, जो कि दलित समुदाय से हैं।

चुनाव में प्रस्तावक की भूमिका अहम होती है। ये ही वे लोग होते हैं, जो किसी उम्मीदवार के नाम का प्रस्ताव रखते हैं। निर्वाचन आयोग के मुताबिक, प्रस्तावक वे स्‍थानीय लोग होते हैं, जो किसी उम्मीदवार को चुनाव लड़ने के लिए अपनी ओर से प्रस्तावित करते हैं। आमतौर पर नामांकन के लिए किसी महत्वपूर्ण दल के वीआईपी कैंडिडेट के लिए पांच और आम उम्मीदवार के लिए दस प्रस्तावकों की जरूरत होती है।

Continue Reading

Trending