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अन्तर्राष्ट्रीय

मास्क की जगह पेंट लगाकर प्रशासन को दे रही थीं धोखा, पासपोर्ट हुआ जब्त

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी भारत समेत कई देशों में अभी भी लोगों को तेजी से अपना शिकार बना रही है। इस खतरनाक वायरस को रोकने के लिए एक्सपर्ट्स मास्क लगाए रखने की सलाह दे रहे हैं।

लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो विशेषज्ञों की इस सलाह को नजरअंदाज कर दूसरों के लिए भी खतरा बन गए हैं। आज हम ऐसी ही दो महिलाओं के बारे में बताने जा रहे हैं जो जो मास्क की जगह पेंट चेहरे पर लगाकर लगातार प्रशासन को मूर्ख बना रही थीं।

मामला इंडोनेशिया का है। इन दोनों को चेहरे पर मास्क की जगह पेंट लगाकर सूपरमार्केट में घूमना महंगा पड़ गया। कोरोना काल में मास्क न पहनने पर इन दोनों का पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है।

बता दें कि इंडोनेशिया में भी संक्रमण से बचने के लिए फेस मास्क अनिवार्य है।  इंडोनेशिया के बाली  में हाल ही में दो महिलाओं के पासपोर्ट जब्त कर लिए गए। ये दोनों महिलाओं ने सुपरमार्केट में जाने के लिए जो मास्क पहना था,  असल में वो मास्क नहीं था बल्कि चेहरे पर मास्क जैसी दिखने वाली पेंटिंग की गई थी। मास्क के बिना सुपरमार्केट में आने की अनुमति नहीं है। इसलिए इनमें से एक महिला ने दुकानदारों को बेवकूफ बनाने के लिए अपने चेहरे पर नीले रंग के मास्क की पेंटिंग बना ली ।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुपरमार्केट में टहलते हुए  जोश पालर लिन और लीया नाम की इन दो महिलाओं का किसी ने चुपके से वीडियो बना लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद इन महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई की लीया की पहचान रूसी नागरिक और जोश की पहचान ताइवान की नागरिक के तौर पर हुई और उनके निर्वासन की आशंका जताई जा रही है।

अन्तर्राष्ट्रीय

अब अमेरिका में बच्चों को भी लगेगी फाइजर की वैक्सीन, एफडीए ने दी मंजूरी

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस पूरी दुनिया में लगातार कहर बरपा रहा ऐसा कोई देश नहीं जहां इस वायरस ने लोगों को संक्रमित न किया हो। कोविड-19 नाम का यह वायरस अमेरिका में सबसे ज्यादा तबाही मचा चुका है।

इस महामारी पर काबू पाने के लिए अब अमेरिका ने एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, अमेरिका वायरस से जंग जीतने के लिए अब 12 से 15 साल की उम्र के बच्चों को वैक्सीन लगाने का फैसला किया है। अमेरिका के खाद्य और दवा प्रशासन (एफडीए) ने फाइजर की कोरोना वैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है।

अमेरिका के खाद्य और दवा प्रशासन ने फाइजर-बायोएनटेक की कोविड-19 वैक्सीन को 12 से 15 साल के किशोरों में आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है।

एफडीए के कार्यकारी आयुक्त डॉक्टर जेनेट वुडकॉक ने कहा कि कोविड वैक्सीन के इस्तेमाल को लेकर लिया गया यह निर्णय हमें सामान्य स्थिति में लौटने के करीब लाएगा। माता-पिता और अभिभावक इस बात के लिए आश्वस्त हो सकते हैं कि एजेंसी ने सभी उपलब्ध डेटा की गहन समीक्षा की है।

अमेरिका के खाद्य और दवा प्रशासन (एफडीए) ने 16 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए फाइजर वैक्सीन लगाने की पहले ही मंजूरी दे दी थी।

हालांकि, फाइजर कंपनी ने पाया कि उसका टीका छोटे बच्चों पर भी कारगर है, जिसके एक महीने बाद यह घोषणा हुई। अब फाइजर की दो खुराक वाले वैक्सीन को 12 से 15 साल के बच्चों के लिए आपात स्थिति में इस्तेमाल करने को मंजूरी दे दी गई है।

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