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नेशनल

अगर आप देर रात तक जागते हैं तो आपके सर पर मंडरा रहा है मौत का खतरा, वजह जान चौंक जाएंगे आप

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देर रात तक जागना अब लोगों की आदत बन चुकी है। स्मार्टफोन के इस्तेमाल ने लोगों की दिनचर्या पर अच्छा खासा प्रभाव डाला है। लोग देर रात तक इंटरनेट पर सर्फिंग करते गुजारते हैं। देर रात जागने से सुबह जल्दी नींद नहीं खुलती। देर से जागने को लोग अब स्टेटस सिंबल मान रहे हैं।

साभार – इंटरनेट

आपको बता दें आपकी यह आदत आपके लिए जानलेवा साबित होगी। ताजातरीन अध्ययन की माने तो देर रात तक जगने वाले ऐसे लोग अपनी मौत को न्यौता भेज रहे हैं। नतीजे बताते हैं कि ऐसे लोग जो देर रात तक जागते हैं और सुबह देर से उठते हैं, वे जल्दी मरते हैं।

साभार – इंटरनेट

जी हां, यह सनसनीखेज खुलासा हम नहीं करे हैं, बल्कि ब्रिटिश शोधकर्ताओं ने किया है। क्योंकि देर तक उठने से शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। साथ ही शरीर की जैविक घड़ी भी डिस्टर्ब हो जाती हैं। ऐसे लोग जल्दी सोने व जल्दी उठने वाले लोगों की तुलना में मृत्यु का खतरा बहुत अधिक पाल लेते हैं। क्योंकि जल्दी सोने और जल्दी उठने के फायदे तो जगजाहिर है।

साभार – इंटरनेट

समस्त धार्मिक ग्रंथ और साइंसदान यही सलाह देते हैं कि रात को 10 बजे सो जाओ और सुबह 4 बजे ब्रह्म मुहूर्त में उठ जाओ। अगर आप भी अक्षय कुमार की तरह ऐसा ही करते हैं तो आपको स्वस्थ और बाहुबली होने से कोई नहीं रोक सकता है। मगर इसके उलट अगर आप निशाचर की गिनती में आते है तो फिर अपने दिन गिनना शुरू कर दीजिए। क्योंकि देर से उठकर आप अपना जीवन कम कर रहे हैं।

साभार – इंटरनेट

ब्रिटेन में करीबन पांच लाख प्रतिभागियों पर यह शोध किया गया है। परिणाम बताते हैं कि देर रात तक जागने और सुबह देरी से उठने की वजह से जल्दी मरने की संभावना करीब 10 प्रतिशत अधिक बढ़ जाती है। ‘द जर्नल क्रोनोबायोलॉजी इंटरनेशनल’ नामक शोध पत्रिका में ये नतीजे प्रकाशित हुए हैं।

 

नेशनल

आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ केके अग्रवाल का कोरोना से निधन

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नई दिल्ली। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ केके अग्रवाल का सोमवार को कोरोना वायरस की वजह से निधन हो गया। दिल्ली के एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली।

62 वर्षीय केके अग्रवाल पिछले कई दिनों से एम्स में भर्ती थे। उन्हें एक सप्ताह से वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। 2010 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली में की और नागपुर विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी।

पिछले एक साल से, वह कोविड महामारी पर वीडियो पोस्ट कर रहे थे और बीमारी के विभिन्न पहलुओं और इसके प्रबंधन के बारे में बात कर रहे थे। उनके ट्विटर प्रोफाइल पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा गया, “महामारी के दौरान भी, उन्होंने जनता को शिक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास किए। इस दौरान उन्होंने कई वीडियो और शैक्षिक कार्यक्रमों के माध्यम से 10 करोड़ लोगों तक पहुंचने में सक्षम थे और अनगिनत लोगों की जान बचाई। वह चाहते थे कि उनके जीवन का जश्न मनाया जाए और शोक न किया जाए।”

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