Connect with us
https://www.aajkikhabar.com/wp-content/uploads/2020/12/Digital-Strip-Ad-1.jpg

अन्तर्राष्ट्रीय

18 मार्च से शुरू होने वाले एशिया XI बनाम वर्ल्ड XI की दोनों टीमों में शामिल होंगे ये खिलाड़ी

Published

on

18 मार्च से शुरू होने वाले एशिया XI बनाम वर्ल्ड XI की दोनों टीमों की घोषणा हो गई है। इन दोनो मैचों की श्रंखला बांग्लादेश में खेली जाएगी। मंगलवार को दोनों ही टीमों की घोषणा करते हुए खिलाड़ियों के नाम भी उजागर कर दिए गए। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की तरफ से यह आयोजन रखा गया है।

बीसीबी अपने संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान की जन्म शताब्दी के मौके पर मीरपुर में वर्ल्ड XI और एशिया XI के बीच टी-20 टूर्नामेंट का आयोजन करेगा जिसमें दुनियाभर के नामी और चुनिंदा खिलाड़ी शिरकत करेंगे।

यह टी-20 टूर्नामेंट 18-21 मार्च के बीच शेरे बांग्ला राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। एशिया इलेवन में जहां विराट जैसे स्टार खिलाड़ी खेलते दिखेंगे वहीं वर्ल्ड XI में क्रिस गेल जैसे खतरनाक बल्लेबाज वर्ल्ड 11 के लिए ओपनिंग करते हुए दिखेंगे।

टीम कुछ इस प्रकार है :

एशिया एकादश : विराट कोहली (एक मैच के लिए, उपलब्धता पर निर्भर), लोकेश राहुल, ऋषभ पंत, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, शिखर धवन, तमीम इकबाल, लिटन दास, मुश्फीकुर रहीम, थिसारा परेरा, राशिद खान, मुस्तफिजुर रहमान, संदीप लामिछाने, लसिथ मलिंगा, मुजीब उर रहमान।

विश्व एकादश :

एलेक्स हेल्स, क्रिस गेल, फैफ डुप्लेसी, निकोलस पूरन, रॉस टेलर, जॉनी बेयरस्टो, कीरोन पोलार्ड, आदिल राशिद, शेल्डन कोट्रेल, लुंगी एनगिडी, एंड्रयू टाई, मिशेल मैक्लेघन।

एशिया 11 और वर्ल्ड 11 की कप्तानी विराट कोहली और फैफ डुप्लेसी को दी जा सकती है, हालांकि इस बात का फैसला कोहली की उपलब्धता के बाद लिया जाएगा। बीसीबी कोहली के अलावा लोकेश राहुल के 18 मार्च को होने वाले मैच में खेलने की पुष्टि का इंतजार कर रहा है, क्योंकि भारत को इसी दिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मैच खेलना है।

अन्तर्राष्ट्रीय

दुनिया में पहली बार कब बनी थी रोटी, जानकर चकरा जाएगा आपका सिर!

Published

on

नई दिल्ली। दुनिया में पहली बार रोटी कब बनी, कहां बनी और कैसे बनी इसे लेकर इतिहासकारों के अलग-अलग मत हैं। लेकिन हाल ही में शोधकर्ताओं ने रोटी से जुड़ा नया सच खोज निकाला है।

उत्तर-पूर्वी जॉर्डन में शोधार्थियों को एक ऐसी जगह मिली है जिसे लेकर कहा जा रहा है कि वहां करीब साढ़े चौदह हजार साल पहले फ्लैटब्रेड यानी रोटी पकाई गई थी।

शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि इस जगह पर पत्थर के बने एक चूल्हे में रोटी पकाई गई थी। शोधार्थियों को मौके से वह पत्थर का चूल्हा भी मिला है।

इन अवशेषों से यह पता चलता हैं कि मानव ने कृषि विकास होने से सदियों पहले ही रोटी पकानी शुरू कर दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 4000 साल पहले इंसानों ने खेती करना शुरू किया था लेकिन उससे काफी समय पहले ही पूर्वी भूमध्यसागर में शिकारियों ने रोटियां पकानी शुरू कर दी थीं।

अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि उस समय रोटी बनाने में जंगली अनाजों का इस्तेमाल किया गया होगा। यह रोटी जौ, इंकॉर्न, जई और पानी में उगने वाले एक खास किस्म के पौधे ट्यूबर्स से बनाई गई होगी।

शोध के अनुसार इस रोटी को नॉटफियन संस्कृति के लोगों ने बनाया होगा। ये वे लोग होंगे जो एक जगह ठहरकर जीवन व्यतीत करते होंगे। यह अवशेष ब्लैक डेजर्ट एर्केओलॉजिक साइट पर मिला है।

इस शोध से मिले अवशेषों से यह प्रतीत होता है कि रोटी का इतिहास कृषि विकास से भी काफी पुराना है। शोधार्थी अमाया अरन्ज-ओटेगुई ने बताया, यह संभव है कि रोटी ने पौधों की खेती करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया होगा।

 

Continue Reading

Trending