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अन्तर्राष्ट्रीय

बेगुनाही का सबूत बना रेप के आरोपी का प्राइवेट पार्ट, कोर्ट में दिखा कर हुआ बरी!

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प्राइवेट पार्ट

अक्सर हम जब भी न्यूजपेपर या न्यूज वेबसाइट खोलते हैं तो हमें कई बार अजीबोगरीब खबरें पढ़ने को मिलती हैं। इन खबरों के बारे में जानकर इंसान हैरान रह जाता है कि दुनिया में ऐसा भी हो सकता है। कनेक्टिकट में एक रेप आरोपी को बरी कर दिया गया। लेकिन इस रेप आरोपी को किस आधार पर बरी किया गया यह जानकर आप चौंक जाएंगे। दरअसल, आरोपी को खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए अपना प्राइवेट पार्ट कोर्ट को दिखाना पड़ा जिसके बाद ही कोर्ट ने उसे बेगुनाह माना।

बचाव पक्ष के वकील टॉड बुसर्ट ने कहा कि उनके मुवक्किल के पास खुद को निर्दोष साबित करने के लिए यही एक तरीका था। शख्स पर साल 2012 में एक महिला का बलात्कार करने का आरोप था। महिला ने अपनी शिकायत में कहा था कि जिस आदमी ने उनका रेप किया है वह एक अश्वेत था जिसके प्राइवेट पार्ट का रंग बाकी शरीर की तुलना में हल्का था।

गौरतलब है कि साल 2014 में एक न्यूज रिपोर्ट में फोटो देखने के बाद महिला ने डेसमंड जेम्स नाम के शख्स पर बलात्कार का आरोप लगाया था। बचाव पक्ष के वकील के मुताबिक, महिला ने आरोपी के पीनिस के बारे में जो बताया था वो उनके क्लाइंट से मेल नहीं खाता।

21 मई को न्यू हैवेन में सुनवाई के दौरान,  बचाव पक्ष के वकील ने अपने मुवक्किल के पीनिस की कुछ तस्वीरों से उसे बेगुनाह साबित करने की योजना बनाई थी लेकिन कैमरा का फ्लैश ऑन होने की वजह से तस्वीरें खराब हो गईं। जिसके बाद वकील ने रेप आरोपी को बहुत मुश्किल से कोर्ट के सामने पीनिस दिखाने पर राजी किया।

हालांकि, जूरी के फैसले के बावजूद जेम्स रिहा नहीं हुआ। उसे घर में जबरदस्ती घुसकर 10 साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न करने का दोषी करार दिया गया है। फिलहाल वह 65 साल की जेल की सजा काट रहा है।

अन्तर्राष्ट्रीय

अमेरिका में कोरोना का कहर घटा, वैक्सीन की वजह से कम हो रही मौतें

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नई दिल्ली। अमेरिका में लंबे समय तक कहर बरपाने के बाद कोरोना संक्रमण बहुत कम हो गया है। बीते 24 घंटे में यहां कोरोना के लगभग 10 हजार नए मामले सामने आए। इस दौरान 205 लोगों की मौत हो गई।

ताजा आंकड़ो के मुताबिक अमेरिका में कोरोना वायरस से 6 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, 113 दिन में 1 लाख मौतें हुईं हैं। हालांकि अब वैक्सीनेशन की वजह से मौतों का आंकड़ा बढ़ने की रफ्तार धीमी पड़ी है।

मौतों का आंकड़ा 5 लाख से 6 लाख तक पहुंचने में 113 दिन का वक्त लगा है। इससे पहले 4 लाख से 5 लाख मौतें होने में 35 दिन ही लगे थे। मौतों की रफ्तार में कमी की वजह वैक्सीनेशन को माना जा रहा है।

रॉयटर्स के डेटा के मुताबिक, अमेरिका में मई में 18,587 मौतें दर्ज हुईं जो जनवरी की तुलना में 81% कम है। जनवरी में वहां पीक आया था। अमेरिका में अब कोरोना की रफ्तार भले ही धीमी पड़ गई हो, लेकिन अब तक सबसे ज्यादा मौतें यहीं हुई हैं।

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