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प्रादेशिक

15 दिनों के बाद एक्टिव केस की संख्या घटकर 1,77,643 रह गई है: नवनीत सहगल

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लखनऊ। अपर मुख्य सचिव ‘सूचना’ श्री नवनीत सहगल ने बताया कि मुख्यमंत्री जी द्वारा बनायी गयी कोविड-19 संक्रमण को नियंत्रित के लिए ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की नीति के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। प्रदेश में 2.50 लाख से अधिक टेस्टिंग की जा रही है। एग्रेसिव टेस्टिंग में नए केस लगातार कम आ रहे है, जबकि स्वस्थ होने वालों की संख्या में बढोत्तरी हो रही है। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल को प्रदेश में लगभग 1.70 लाख एक्टिव केस थे, जो 13 दिनों के भीतर बढ़कर 30 अप्रैल को सर्वाधिक 03 लाख 10 हजार तक पहुंच गए थे। सतत प्रयासों का परिणाम है कि आज 15 दिनों के बाद एक बार फिर एक्टिव केस की संख्या घटकर 1,77,643 रह गई है। प्रदेश की रिकवरी दर अब लगभग 88 प्रतिशत हो गई है। विगत 24 घंटों में प्रदेश में 02 लाख 56 हजार 755 टेस्ट किए गए। इसी अवधि में 12,547 नए कोविड केस की पुष्टि हुई, जबकि इसी अवधि में 28,404 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। अब तक 4 करोड़ 44 लाख 27 हजार 447 टेस्ट किये गये है। सर्विलांस की कार्यवाही निरन्तर चल रही है। प्रदेश में अब तक सर्विलांस टीम के माध्यम से 16.82 करोड़ की जनसंख्या का सर्वेक्षण किया गया है।

श्री सहगल ने बताया कि कोविड टीकाकरण की प्रक्रिया प्रदेश में सुचारु रूप से चल रही है। 45 वर्ष से अधिक लोगों के साथ साथ 18-44 आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगायी जा रही है। अब तक 01 करोड़ 16 लाख लोगों ने पहली डोज और 31 लाख 82 हजार लोगों ने वैक्सीन की दोनों डोज प्राप्त कर ली है। इस तरह 01 करोड़ 47 लाख कोविड वैक्सीन एडमिनिस्टर हुए हैं। वर्तमान में 18 जनपदों में 18-44 आयु वर्ग का टीकाकरण हो रहा है, अब अगले चरण में आगामी सोमवार से प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालय वाले सभी जिलों में भी इस आयु वर्ग का टीकाकरण प्रारम्भ किया जायेगा। प्रदेश के सभी नागरिकों का वैक्सीनेशन सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क है। वैक्सीनेशन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा ग्लोबल टेण्डर जारी किया गया है।
श्री सहगल ने बताया सर्विलान्स के साथ-साथ गाँवों में लोगों से सम्पर्क करते हुए कोविड लक्षणयुक्त लोगों की पहचान कर उनका कोविड टेस्ट तथा उन्हें मेडिकल किट प्रदान की जा रही है। निगरानी समितियों के द्वारा गाँव में रहने वाले लोगों से सम्पर्क कर कोविड लक्षणों की जानकारी ली जा रही है। कोविड लक्षण मिलने वाले लोगों का आरआरटी टीम द्वारा एन्टीजन कोविड टेस्ट किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गाँव में संक्रमणयुक्त लोगों को होम आइसोलेशन में रखने के लिए गाँव में ही पंचायत भवन/स्कूल/सरकारी इमारतों मंे आइसोलेट करके उनका उपचार किया जा रहा है। उन्होंने निगरानी समिति द्वारा गांव के केवल एक ही हिस्से का सर्वेक्षण करने की भ्रामक खबर का खडन करते हुये बताया कि गांव में निगरानी समिति गांव के प्रत्येक मजरे जा कर रहने वाले लोगों से कोविड लक्षण की जानकारी ले रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा गांवों में चलाये जा रहे इस अनूठे अभियान की तारीफ विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा नीति आयोग द्वारा की गयी है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 से बचाव एवं व्यवस्था सम्बन्धी कार्यों हेतु जनपदों में प्रमुख सचिव एवं सचिव स्तर के वरिष्ठ नोडल अधिकारियों की तैनाती की गयी है, जो जनपद में रहकर कोविड-19 संक्रमण के नियंत्रण करने के कार्यों की समीक्षा करेंगें। इसके अतिरिक्त नगर पंचायतों के लिए सेक्टर अधिकारी नियुक्त किये गये है।

श्री सहगल ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कोविड-19 की सम्भावित तीसरी लहर में बच्चो के स्वास्थ्य सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने के उद्देश्य से सभी जिला अस्पतालों में पीडियाट्रिक आईसीयू को तैयार कराये जाने के निर्देश दिये है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोविड मरीजों के लिए आॅक्सीजन बेडों की संख्या बढ़ाई जा रही है। माह मार्च, 2021 से अब तक लगभग 30 हजार से अधिक बेड बढ़ाये गये हैं, जिसमें अधिकतर बेड आॅक्सीजनयुक्त बेड हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नये मामलों के कम आने से आक्सीजन की मांग में कमी आयी है। प्रदेश में आक्सीजन पर्याप्त मात्रा में अस्पतालों को उपलब्ध करायी जा रही है। जिसके क्रम में कल अस्पतालों में 1010 मीट्रिक टन से अधिक आक्सीजन की सप्लाई की गयी है।

श्री सहगल ने बताया कि मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदेश में नदियों में कुछ स्थानों पर शव बहाये जाने पर मुख्यमंत्री जी ने गृह विभाग को निर्देश दिया है कि प्रदेश में राज्य आपदा प्रबन्धन बल (एसडीआरएफ) तथा पी0ए0सी0 की जल पुलिस को प्रदेश की सभी नदियों में पेट्रोलिंग करते हुए लोगों को नदी में शव न बहाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नदियों के किनारे स्थित सभी गांवों तथा शहरों में ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम प्रधान तथा शहरों में अधिशाषी अधिकारी व नगर पालिका/नगर पंचायत/नगर निगम के अध्यक्षों के माध्यम से समितियां बनाकर यह सुनिश्चित करंेगें कि कोई भी व्यक्ति नदियों में शव का जल प्रवाह न करे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जिसकी मृत्यु हुई है उसे सम्मानजनक रूप से उसकी अन्त्येष्टि करायी जाए। सरकार द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लावारिस शवों के अंतिम संस्कार के लिए बजट की स्वीकृति की गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदेश स्तर पर बनी विशेषज्ञ चिकित्सक टीम को ब्लैक फंगस बीमारी के समुचित इलाज व्यवस्था एवं गाइडलाइन्स तैयार करने के निर्देश दिए है। जिसके क्रम में अस्पतालों को ब्लैक फंगस बीमारी से सम्बन्धित जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस बीमारी के सम्बन्ध में आज पीजीआई से सभी जिलों के चिकित्सकों का एक वर्चुअल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
श्री सहगल ने बताया कि प्रदेशव्यापी आंशिक कोरोना कर्फ्यू के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। आंशिक कोरोना कर्फ्यू में वैक्सीनेशन, औद्योगिक गतिविधियों, मेडिकल सम्बन्धी कार्य आदि आवश्यक अनिवार्य सेवाओं को यथावत जारी रखा गया है। आंशिक कोरोना कर्फ्यू की अवधि में पूरे प्रदेश के शहरों और गांवों में विशेष सफाई एवं फाॅगिंग अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 49 हजार कन्टेनमेंट जोन है। इन कन्टेनमेंट जोन में रहने वाले लोगों को सरकार द्वारा आवश्यक वस्तुओं की डोर टू डोर होम डिलेवरी की जा रही है। प्रदेश में औद्योगिक इकाइयां तेजी से चलायी जा रही हैं। प्रदेश में पंजीकृत 08 लाख से अधिक औद्योगिक इकाइयों द्वारा मजदूरों को काम दिया जा रहा है। इन औद्योगिक इकाइयों में लगभग 01 लाख से अधिक कोविड हेल्प डेस्क बनाये गये हंै। इसके अलावा जिन औद्योगिक संस्थानों में 50 से अधिक कर्मचारी कार्य कर रहे ऐसे औद्योगिक संस्थानों में 1600 से अधिक कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। इन कोविड केयर सेंटरों में लगभग 05 हजार बेड हैं। जिससे वहां पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को समय से इलाज मिल सके। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर शहरी क्षेत्रों में रेहड़ी, पटरी, ठेला, श्रमिकों, पल्लेदार आदि लोगों को सामुदायिक किचन के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

श्री सहगल ने बताया कि प्रधानमंत्री जी द्वारा ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ योजना के अंतर्गत किसानों को उनके खातों में कल वितरित की गयी है। प्रदेश सरकार किसानों के हितों के लिए कृतसंकल्प है और किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उनकी फसल को खरीदे जाने की प्रक्रिया कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए तेजी से चल रही है। 01 अप्रैल से 15 जून, 2021 तक गेहँू खरीद का अभियान जारी रहेगा। गेहँू क्रय अभियान में अब तक 05 लाख से अधिक किसानों से 25,72,493.97 मी0 टन गेहूँ खरीदा गया है, जो विगत वर्ष से दुगुना है। उन्होंने बताया कि खरीफ फसल के लिए समुचित खाद, बीज एवं दवा आदि व्यवस्था की जा रही है। कोविड-19 के कफ्र्यू के दौरान कृषि उपकरणों के मरम्मत तथा खाद बीज की दुकानों को खोला जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि मास्क का प्रयोग करे, सैनेटाइजर व साबुन से हाथ धोते रहे तथा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।

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साफ सफाई में बरती लापरवाही, तो होगी कार्रवाईः नंद गोपाल गुप्ता नंदी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के नागरिक उड्डयन, राजनैतिक पेंशन, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी जी की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था एवं  विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों, नीति आयोग के बिंदुओं, कोविड नियंत्रण आदि विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा बैठक चित्रकूट के तहसील मऊ के सभागार में संपन्न हुई।

श्री नंदी ने उप जिलाधिकारियों से कहा कि जमीन के जो भी मामले हैं उन्हें त्वरित निस्तारण करें। हमारी सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री जी इस प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी कैसे पहुंचे इस पर कार्य कर रहे हैं। पूरी जिम्मेदारी के साथ आप लोग कार्य करें किसी कार्य में फॉर्मेलिटी नहीं होना चाहिए। बैठकों में सभी अधिकारी सूचनाओं सहित बैठें, ताकि उसकी जानकारी हो सके। उन्होंने कहा कि हम लोग नहीं चाहते कि आप लोगों के खिलाफ कार्यवाही हो।

कुछ विकास कार्यों के निर्माण कार्य कई वर्षों से पूर्ण नहीं हुए हैं उन्हें तत्काल पूर्ण करा दे। उन्होंने कहा कि आप लोग यह ध्यान दें कि जो माह जून में कार्य पूर्ण हो और माह जुलाई में कितने कार्य पूर्ण होंगे उसका भी एक अलग से विवरण बनाया जाए। मंत्री नन्दी ने जिलाधिकारी से कहा कि 50 लाख रुपए से ऊपर के जो विकास कार्य कराए जा रहे हैं, उसमें एक टीम बनाकर जांच कराएं तथा कुछ कार्य माह में रैंडम चेकिंग आप भी करें तो निश्चित रूप से कार्य में बदलाव होगा।

उन्होंने कहा कि गांव में साफ सफाई अच्छी तरह से कराया जाए जो सफाई कर्मी गांव में कार्य नहीं कर रहे हो तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी तथा मुख्यमंत्री जी की मुख्यधारा पर है जिन कार्यों के लिए जमीन चिन्हित करना है वह तत्काल कर ले।

उन्होंने जिलाधिकारी से यह भी कहा कि जिन योजनाओं के बैंकों में ऋण हेतु लाभार्थियों के आवेदन पत्र लंबित हैं उसके लिए बैंक अधिकारियों तथा लाभार्थियों के साथ एक बैठक करें। ताकि उन्हें लाभ दिलाया जा सके। मंत्री नन्दी ने संबंधित योजनाओं के विभागों के अधिकारियों को भी कहा कि आप लोग जो आवेदन पत्र बैंकों को भेजते हैं अगर बैंकों द्वारा स्वीकृत नहीं किए जाते हैं उसके लिए पत्राचार भी करें और आप लोग स्वयं बैंकों से संपर्क कर अधिक से अधिक आवेदन पत्रों का निस्तारण करा कर लाभार्थियों को लाभ दिलाया जाए। ताकि वह लोग रोजगार से जुड़ सके तभी हमारी सरकार की मंशा पूरी होगी।

प्रभारी मंत्री जी ने विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान  संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कन्या सुमंगला योजना माननीय मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता में है इसमें लक्ष्य के अनुरूप प्रगति कम है उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि जिला प्रोबेशन अधिकारी का स्पष्टीकरण लिया जाए कि क्यों नहीं प्रगति हुई है, एक जनपद एक उत्पाद तथा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के जो आवेदन पत्र लंबित है उन्हें तत्काल निस्तारित कराए जाएं उन्होंने विद्यालयों के ऑपरेशन कायाकल्प पर कहा कि यह जनपद नीति आयोग में चयनित है फिर भी 14 पैरामीटर्स के कार्य अभी तक विद्यालयों में पूर्ण नही है इस पर तत्काल कार्य कराए जाएं।

प्रभारी मंत्री ने सेतुओ के निर्माण कार्यों पर तेजी लाई जाए शासन से जो समय सीमा तय की गई है उसी के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य कराए जाएं। नई सड़कों के निर्माण की समीक्षा पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन सड़कों की धनराशि स्वीकृत हो गई है उनके कार्य पूर्ण करा लें शेष सड़कों का निर्माण कराया जाए । माननीय राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, विधायक मानिकपुर श्री आनंद शुक्ला मौजूद रहे।

प्रभारी मंत्री ने कानून व्यवस्था के संबंध में पुलिस अधीक्षक श्री अंकित मित्तल से विभिन्न बिंदुओं की जानकारी की तथा कहा कि  महिला उत्पीड़न, पास्को एक्ट, दहेज प्रथा आदि के जो मामले हैं उनको तत्काल निस्तारण कराए उसमें जो दोषी हो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही करें।

मां प्रभारी मंत्री जी ने कर करेत्तर, कानून व्यवस्था, सामुदायिक शौचालय निर्माण, पंचायत भवन निर्माण, सड़कों के निर्माण, सेतुओ का निर्माण, सोलर सिंचाई पंप, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, धान खरीद, खाद्यान्न वितरण, अपशिष्ट प्रबंधन, नहरों की सिल्ट सफाई, कन्या सुमंगला योजना, पशुओं का टीकाकरण, मत्स्य पालन, औद्मानीकरण, ईयर टैगिंग, चिकित्सकों की उपलब्धता, आयुष्मान भारत योजना, मातृ वंदना योजना, परिवार नियोजन, हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर, टेलीमेडिसिन, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, जननी सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, टीकाकरण, संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी तथा ग्रामीण, हैंडपंपों के रिबोर,  पेंशन  योजनाएं शादी अनुदान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, पोषण अभियान, आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण, वनीकरण, कौशल विकास, स्वरोजगार योजना, श्रम योगी मानधन योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, आजीविका मिशन, गेहूं क्रय केंद्रों का संचालन, उर्वरक उपलब्धता आदि विभिन्न योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की।

जिलाधिकारी श्री शुभ्रांत कुमार शुक्ल  ने माननीय प्रभारी मंत्री तथा मां लोक निर्माण विभाग मंत्री, और विधायक का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत करते हुए कहा कि आप द्वारा जो दिशा निर्देश दिए गए हैं उसका अक्षरशः पालन कराया जाएगा। सभी अधिकारियों से कहा कि समय बद्ध तरीके से कार्य पूर्ण कराएं तथा समय से सूचना अर्थ एवं संख्या अधिकारी को भेजे ताकि उसे फीड करा कर शासन को भेजा जा सके।

बैठक  में मुख्य विकास अधिकारी श्री अमित आसेरी,भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश खरे,  प्रभागीय वनाधिकारी श्री कैलाश प्रकाश, समस्त उपजिलाधिकारी, जिला विकास अधिकारी श्री आरके त्रिपाठी, परियोजना निदेशक श्री अनय कुमार मिश्रा,अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा इम्तियाज,उप निदेशक कृषि श्री टी पी शाही  सहित संबंधित अधिकारी व जन प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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