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भूल से भी सुबह उठते ही न करें इन चीजों का इस्तेमाल, हो सकता है बड़ा नुकसान

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अनजाने में अक्सर हम दिन की शुरूआत ऐसी चीजों के साथ करते हैं जो सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक होती हैं। आइए जानते हैं कौन ही हैं ये आदतें

उठते ही न शुरू करें काम

बहुत से लोग सुबह बिस्तर से उठते ही अपने काम में लग जाते हैं। ऐसा करना बिल्कुल सही नहीं है। सोकर उठने के बाद हाथ और पैरों की मसल्स को रिलेक्स करें। इसके बाद सुबह उठकर एक ग्लास पानी पिएं। उसके बाद काम करें। ऐसा करने से आपके शरीर में चुस्ती और फूर्ती रहेगी।

उठकर मोबाइल ने करें इस्तेमाल

अगर आप सुबह उठते ही अपना मोबाइल चेक करते है और सोशल मीडिया पर एक्टिव होते हैं तो ये आदत आपके शरीरिक और मानसिक विकास के लिए हानिकारक है। इस आदत को जल्द से जल्द बदलें। आप अपने दिन की शुरुआत डे प्लान के साथ करें।

खाली पेट न पिएं चाय

सुबह खाली पेट चाय- कॉफी पीना शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक होता है। इससे आपको एसिडटी की समस्या हो सकती है। साथ ही कई बीमारियां भी आपको अपनी चपेट में ले सकती हैं। आप चाय की जगह गुनगुने पानी में शहद और नींबू मिलाकर पिएं। इसके अलावा आप ग्रीन टी भी पी सकते हैं। आप ब्रेकफास्ट खाने के बाद चाय- कॉफी का सेवन कर सकते हैं।

 

प्रादेशिक

लखनऊ: महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त विवेक जोशी ने किया डाटा सेंटर का उद्धाटन

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लखनऊ। जनगणना कार्य निदेशालय में शुक्रवार को भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त विवेक जोशी द्वारा आगामी जनगणना के लिए बनाए गए “डाटा सेंटर” का उद्घाटन किया गया जिसमें जनगणना कार्य निदेशालय के अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर विवेक जोशी ने अपने सम्बोधन में कहा कि “ आगामी जनगणना देश की पहली डिजिटल जनगणना है जिसमें मोबाईल एप के द्वारा भारत के नागरिकों की गणना की जाएगी। प्रगणक जनगणना हेतु विकसित एप का उपयोग कर डाटा एकत्रित करेंगे। इस डाटा के संकलन हेतु पूरे भारत में तीन राष्ट्रीय आंकड़ा केंद्र बनाए गए हैं जिसमें से उत्तर भारत का इकलौता केंद्र लखनऊ में स्थापित किया गया है जिसका आज शुभारंभ हो रहा है। अन्य दो केंद्र दिल्ली तथा बेंगलुरु में स्थापित किए गए हैं। यह आंकड़ा केंद्र भारत की जनगणना 2021 से संबंधित सम्पूर्ण आंकड़ों को संग्रहित करेगा। जनगणना 2021 भारत के ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन को साकार रूप प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण चरण होगी।

नरेन्द्र शंकर पाण्डेय,  निदेशक जनगणना कार्य उत्तर प्रदेश ने इस अवसर पर संक्षिप्त अभिभाषण देते हुए कहा कि “भारतीय जनगणना भारत के लोगों की विभिन्न विशेषताओं पर सांख्यिकीय जानकारी का सबसे बड़ा स्रोत है। भारत में पिछली जनगणना 2011 में हुई थी,  आगामी जनगणना देश की सोलहवीं तथा आजादी के बाद आठवीं जनगणना होगी। उन्होंने कहा कि भारत की पहली डिजिटल जनगणना के आंकड़ों के संधारण के लिए बनाए गए “राष्ट्रीय आंकड़ा केंद्र” के आपदा प्रतिपूर्ति स्थल की स्थापना लखनऊ में किया जाना राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह केंद्र किसी भी आपदा की दशा में दिल्ली में स्थापित राष्ट्रीय आंकड़ा केंद्र को डाटा की प्रतिपूर्ति करेगा।

इस अवसर पर प्रदीप कुमार, उप महारजिस्ट्रार ने उत्तर भारत का इकलौता केंद्र लखनऊ में स्थापित करवाने के लिए भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त का आभार व्यक्त करते हुए यह आश्वस्त किया की यह राष्ट्रीय आंकड़ा केंद्र देश की आशाओं पर खरा उतरेगा।

इस अवसर पर संजय, अपर महारजिस्ट्रार, मोहन सिंह थापा, तकनीकी निदेशक, ए. एम. अंसारी, संयुक्त निदेशक, ए. के. राय, कार्यालय अध्यक्ष, अनुपम सिंह सोमवंशी, उप निदेशक, एस. एस. शर्मा, उप निदेशक, राममूर्ति, उप निदेशक, अरून कुमार, उप निदेशक, संतोष कुमार मिश्र, उप निदेशक आदि उपस्थिति थे।

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