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अन्तर्राष्ट्रीय

जॉर्डन के शाही परिवार में छिड़ी जंग, किंग अब्दुल्ला ने अपने ही भाई को किया कैद

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नई दिल्ली। जॉर्डन के शाही परिवार में सत्ता हासिल करने के लिए खींचतान चल रही है।  किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने अपने ही सौतेले भाई प्रिंस हमजा बिन हुसैन को तख्तापलट की कोशिश के आरोप में घर में कैद कर दिया है।

दरअसल, जॉर्डन की सरकार ने बीते शनिवार को एक पूर्व मंत्री और शाही परिवार के एक अन्य सदस्य सहित, ‘जॉर्डन की सुरक्षा और स्थिरता’ का हवाला देते हुए कई अन्य हाई प्रोफाइल लोगों की गिरफ्तारियां कीं।

यह सब उस जॉर्डन में हो रहा है जो अरब वर्ल्ड में सबसे स्थिर देश माना जाता है। जॉर्डन में किसी तरह का गतिरोध बहुत मुश्किल से ही देखने को मिलता है। लेकिन नए घटनाक्रम के चलते दुनियाभर के पर्वेक्षकों की नजरें अब जॉर्डन पर टिकी हुई हैं।

बता दें कि प्रिंस हमजा बिन हुसैन जॉर्डन के पूर्व किंग हुसैन की चौथी पत्नी क्वीन नूर के सबसे बड़े बेटे हैं। क्वीन नूर अमेरिकी नागरिक थीं। प्रिंस हमजा को किंग हुसैन का सबसे पसंदीदा संतान माना जाता है। किंग तो सार्वजनिक तौर पर प्रिंस हमजा को अपनी आंखों का सुकून कहा करते थे।

प्रिंस हमजा ने ब्रिटेन के रॉयल मिलिट्री एकेडमी और अमेरिका के हॉर्वर्ड से पढ़ाई की है। उन्होंने काफी समय तक जॉर्डन की सेना में भी काम किया है। साल 1999 में हमजा को जॉर्डन के क्राउन प्रिंस की पदवी दी गई थी।

अन्तर्राष्ट्रीय

दुनिया में पहली बार कब बनी थी रोटी, जानकर चकरा जाएगा आपका सिर!

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नई दिल्ली। दुनिया में पहली बार रोटी कब बनी, कहां बनी और कैसे बनी इसे लेकर इतिहासकारों के अलग-अलग मत हैं। लेकिन हाल ही में शोधकर्ताओं ने रोटी से जुड़ा नया सच खोज निकाला है।

उत्तर-पूर्वी जॉर्डन में शोधार्थियों को एक ऐसी जगह मिली है जिसे लेकर कहा जा रहा है कि वहां करीब साढ़े चौदह हजार साल पहले फ्लैटब्रेड यानी रोटी पकाई गई थी।

शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि इस जगह पर पत्थर के बने एक चूल्हे में रोटी पकाई गई थी। शोधार्थियों को मौके से वह पत्थर का चूल्हा भी मिला है।

इन अवशेषों से यह पता चलता हैं कि मानव ने कृषि विकास होने से सदियों पहले ही रोटी पकानी शुरू कर दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 4000 साल पहले इंसानों ने खेती करना शुरू किया था लेकिन उससे काफी समय पहले ही पूर्वी भूमध्यसागर में शिकारियों ने रोटियां पकानी शुरू कर दी थीं।

अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि उस समय रोटी बनाने में जंगली अनाजों का इस्तेमाल किया गया होगा। यह रोटी जौ, इंकॉर्न, जई और पानी में उगने वाले एक खास किस्म के पौधे ट्यूबर्स से बनाई गई होगी।

शोध के अनुसार इस रोटी को नॉटफियन संस्कृति के लोगों ने बनाया होगा। ये वे लोग होंगे जो एक जगह ठहरकर जीवन व्यतीत करते होंगे। यह अवशेष ब्लैक डेजर्ट एर्केओलॉजिक साइट पर मिला है।

इस शोध से मिले अवशेषों से यह प्रतीत होता है कि रोटी का इतिहास कृषि विकास से भी काफी पुराना है। शोधार्थी अमाया अरन्ज-ओटेगुई ने बताया, यह संभव है कि रोटी ने पौधों की खेती करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया होगा।

 

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