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खेल-कूद

यूएई में होंगे आईपीएल के बचे मैच, बीसीसीआई ने किया ऐलान

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नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के फैंस के लिए एक अच्छी खबर आई है। कोरोना वायरस महामारी की वजह से स्थगित हुए 14वें सीजन के बचे हुए आईपीएल के मैच अब UAE में खेले जाएंगे। विशेष आम बैठक में बीसीसीआई की ओर से यह फैसला लिया गया। टूर्नामेंट का आयोजन सितंबर-अक्टूबर में होगा।

बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बात की जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि बीसीसीआई ने यह फैसला इसलिए भी लिया है, क्योंकि सितम्बर-अक्टूबर में भारत में आमतौर पर मौसम खराब रहता है।

गौरतलब है कि बायो बबल में कई खिलाड़ियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद 4 मई को बोर्ड ने इंडियन प्रीमियर लीग के 14वें सीजन को अनिश्चितकाल समय के लिए स्थगित कर दिया था।

खेल-कूद

हॉकी में ओलंपिक पदक जीतकर बीमार पिता इलाज कराना चाहती हैं सोनीपत की निशा

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नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक के लिए महिला हॅाकी टीम में चयनित होने वाली सोनीपत की निशा अपने दर्जी पिता का इलाज कराकर उन्हें नया घर देना चाहती है। बीमार पिता की हालत के चलते निशा को हॅाकी छोड़ना पड़ा था।

पिता को लकवा मारते ही निशा के घर की हालत खराब होना शुरू हो गई। तब निशा ने खेलना शुरू ही किया था। लेकिन केवल एक कमाऊ सदस्य होने के कारण निशा व उनकी दो बहनों को काम करना पड़ा।

निशा ने हॅाकी छोड़ दी पर उनकी कोच प्रीतम रानी सिवाच ने उनका साथ न छोड़ते हुए निशा को प्रेरित किया। यह कोच की प्रेरणा और निशा की मेहनत ही है कि वह टोक्यो ओलंपिक मे चयनित हो सकी। निशा बेबाकी से कहती हैं कि वह ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन कर अपने पिता का बेहतर इलाज और घर देना चाहती है।

पिता ने कहां, अब देश का नाम रोशन करो

निशा के पिता दर्जी हैं। उनके लकवाग्रस्त होने के बाद उनका काम-धंधा बंद हो गया। निशा कहती है, उनके मामा ने उनकी बहुत मद्द की और उनके साथ उनकी बहनों ने भी बहुत काम किया।

अब उनकी शादी हो चुकी है और निशा की भी रेलवे में नौकरी लग चुकी हैं। लेकिन माता-पिता अब भी सोनीपत में छोटे से मकान में रहते हैं। इसलिए निशा अपने पिता का इलाज कराकर उन्हें एक नया घर देना चाहती हैं।

निशा बताती है कि सबसे पहले अपने ओलंपिक में चयनित होने की खबर उन्होंने अपनी कोच प्रीतम को दी। उसके बाद अपने पिता सोहराब को। पिता के मुंह से यही निकला कि जिसके लिए तुमनें मेंहनत ही उसका फल तुम्हें मिल गया। अब देश का नाम रोशन करो।

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