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धान की खेती करता किसान

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भारत एक कृषि प्रधान देश हैं, खरीफ की फसल में धान सबसे अहम है। विश्व में भारत सबसे ज्यादा क्षेत्रफल में धान उगाने वाला देश है।

देश में वर्ष 2018—19 खरीफ फसलों का रकबा करीब 115.90 लाख हेक्टेयर है। इस बार पिछले साल की तुलना में इसी वक्त बुवाई करीब 10 फीसद कम है। राज्यों से प्राप्त रिपोर्टों के मुताबिक 22 जून, 2018 तक 115.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी समय 128.35 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई थी।

जानकारी अनुसार, 10.67 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई/रोपाई हुई है, जबकि 5.91 लाख हेक्टेयर में दलहन, 16.69 लाख हेक्टेयर में मोटे अनाज, 50.01 लाख हेक्टेयर में गन्‍ने और 20.68 लाख हेक्टेयर में कपास की बुवाई हुई है।

बीजोपचार करें। बीजों को अंकुरित करने के बाद ही बिजाई करें। करने के बाद पौधे जब बड़े हो जाते हैं तो उनको दूसरे खेत में रोप दिया जाता है। और उसके बाद इंतजार शुरू हो जाता है पौधों के सही ढंग से बड़े होने का। और धान के पौधे लहलहाते हैं तो किसान के चेहरे पर खुशी आ जाती है। फिर धान से निकले चावल आपके घरों में पकाएं जाते हैं, जिनकी खुश्बू और स्वाद लेने के बाद आप कहेंगे…वाह जनाब…

तस्वीरों में देखिए धान की बुवाई करते किसान की मेहनत :-

धान की बुवाई करते किसान की मेहनत

धान की बुवाई करते किसान की मेहनत

धान की बुवाई करते किसान की मेहनत

धान की बुवाई करते किसान की मेहनत

धान की बुवाई करते किसान की मेहनत

धान की बुवाई करते किसान की मेहनत

धान की बुवाई करते किसान की मेहनत

धान की बुवाई करते किसान की मेहनत

धान की बुवाई करते किसान की मेहनत

धान की बुवाई करते किसान की मेहनत

धान की बुवाई करते किसान की मेहनत

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क्या कृषि कानूनों को कुछ समय के लिए रोका नहीं जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

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केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर दायर याचिकाओं पर आज 11 जनवरी सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है।

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कोर्ट ने सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस बोबडे ने केंद्र से पूछा है कि क्या आप नए कृषि कानूनों को फिलहाल लागू करने से रोक सकते हैं।

चीफ जस्टिस बोबडे के इस बयान के बाद लोग सोच रहे हैं कि क्या इससे कोई लाभ होगा कि नहीं ।

 

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