Connect with us
https://www.aajkikhabar.com/wp-content/uploads/2020/12/Digital-Strip-Ad-1.jpg

नेशनल

कोरोनाः ट्रंप की चेतावनी पर मोदी सरकार का जवाब, हमारे लिए देश पहले…

Published

on

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी से इस समय पूरी दुनिया जूझ रही है। सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका भी इसके आगे बेबस नजर आ रहा है। इस महासंकट की घड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से फोन पर मदद मांगी और मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का निर्यात करने का अनुरोध किया।

भारत ने भी हर संभव अमेरिका की मदद का आश्वासन दिया लेकिन इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दवा को लेकर धमकी भरे लहजे का इस्तेमाल करने लगे। अब ट्रंप के बयान पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पहले भारत में इसकी जरूरतों और स्टॉक को परखा गया है और उसी के बाद सर्वाधिक प्रभावित देशों को मदद पहुंचाने का फैसला लिया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद विदेश मंत्रालय के नए प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव की ओर से बयान जारी किया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा है, ‘हमारी प्राथमिकता ये है कि जरूरत की दवाइयों का देश में भरपूर स्टॉक हो, ताकि अपने लोगों की जरूरतों को पूरा किया जा सके। इसी के चलते कई दवाइयों पर कुछ समय के लिए निर्यात पर रोक लगाई थी, लेकिन लगातार नए हालात को देखते हुए सरकार ने 14 दवाइयों से निर्यात की रोक हटा दी है।’

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ‘पैरासिटामोल और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को लेकर लगातार हालात का जायजा लिया जा रहा है, जब एक बार भारत में इनका भरपूर स्टॉक होगा तब कंपनियों की ओर से उस आधार पर फैसला लिया जा सकता है।

दुनिया की ओर से लगातार की जा रही अपील पर विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस महासंकट के समय में हम उम्मीद करते हैं कि दुनिया एक साथ होकर लड़ेगी. हमने भी लगातार इस ओर कदम बढ़ाए हैं, जिसका उदाहरण ये है कि कई देशों से हमने विभिन्न देशों के नागरिकों को बचाया है।

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत को पैरासिटामोल और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का ध्यान इसलिए भी रखना है क्योंकि कुछ पड़ोसी देश पूरी तरह से हमारे पर निर्भर हैं। ऐसे में उन्हें इन दवाई की इजाजत दी गई है। साथ ही जरूरत की दवाइयों की सप्लाई उन देशों को जरूर की जाएगी, जहां कोरोना वायरस की वजह से हालात ज्यादा खराब हैं। ऐसे में इस स्थिति को किसी भी तरह से राजनीतिक रूप ना दें।

नेशनल

सुप्रीम कोर्ट ने ऑक्सीजन आवंटन के लिए बनाई टास्क फोर्स, कई टॉप डॉक्टर्स शामिल

Published

on

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने ऑक्सीजन आवंटन के लिए शनिवार को नेशनल टास्क फोर्स (एनटीएफ) बनाने का फैसला किया है। इस टास्क फोर्स में 12 सदस्य रहेंगें। उच्चतम न्यायालय की ओर से इसमें देश के कई प्रमुख अस्पतालों के डॉक्टरों को शामिल किया गया है।

इसमें शामिल 12 सदस्यों के नाम- वेस्ट बंगाल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेस के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. भाभातोश बिस्वास, दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल के चेयरपर्सन डॉ. देवेंद्र सिंह राणा, नारायणा हेल्थ केयर के चेयरपर्सन डॉ. देवीशेट्टी, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (वेल्लोर) के प्रोफेसर डॉ. गगनदीप कांग, डॉ. जेवी पीटर, मेदांता अस्पताल के चेयरपर्सन डॉ. नरेश त्रेहन, फोर्टिस अस्पताल के डॉ. राहुल पंडित, सर गंगाराम अस्पताल के डॉ. सौमित्र रावत, इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बायलरी साइंस (दिल्ली) के डॉ. शिव कुमार, मुंबई स्थित ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉ. जरीर एफ., केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव और नेशनल टास्क फोर्स के संयोजक जोकि सरकार में कैबिनेट सचिव स्तर का अधिकारी होगा- हैं।

Continue Reading

Trending