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अन्तर्राष्ट्रीय

कोरोना वैक्सीन को लेकर आई अच्छी खबर, बच्चों पर 100% कारगर है फाइजर का टीका

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नई दिल्ली। अमेरिकी कंपनी फाइजर इंक और बायोनटेक एसई 12 साल से कम उम्र के बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल शुरू किया था। अब कंपनी ने इस टीके को लेकर बड़ा दावा किया है। कंपनी के मुताबिक 12 से 15 साल तक के बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन सौ प्रतिशत कारगर है।

गौरतलब है कि अमेरिका में इस समय कोरोना वायरस ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है जिसकी वजह से यहां लोगों को तेजी से टीका लगाया जा रहा है।

साथ ही अब ट्रायल में 16 वर्ष और उससे अधिक उम्र के युवाओं को फाइजर की वैक्सीन की वैक्सीन दी जा रही है। कंपनियों को उम्मीद है कि 2022 तक टीकाकरण की उम्र को बढ़ा दिया जाएगा। भारत में फिलहाल 45 साल से अधिक उम्र और फ्रंटलाइन वारियर्स को टीके लगाए जा रहे हैं।

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दुनिया में पहली बार कब बनी थी रोटी, जानकर चकरा जाएगा आपका सिर!

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नई दिल्ली। दुनिया में पहली बार रोटी कब बनी, कहां बनी और कैसे बनी इसे लेकर इतिहासकारों के अलग-अलग मत हैं। लेकिन हाल ही में शोधकर्ताओं ने रोटी से जुड़ा नया सच खोज निकाला है।

उत्तर-पूर्वी जॉर्डन में शोधार्थियों को एक ऐसी जगह मिली है जिसे लेकर कहा जा रहा है कि वहां करीब साढ़े चौदह हजार साल पहले फ्लैटब्रेड यानी रोटी पकाई गई थी।

शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि इस जगह पर पत्थर के बने एक चूल्हे में रोटी पकाई गई थी। शोधार्थियों को मौके से वह पत्थर का चूल्हा भी मिला है।

इन अवशेषों से यह पता चलता हैं कि मानव ने कृषि विकास होने से सदियों पहले ही रोटी पकानी शुरू कर दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 4000 साल पहले इंसानों ने खेती करना शुरू किया था लेकिन उससे काफी समय पहले ही पूर्वी भूमध्यसागर में शिकारियों ने रोटियां पकानी शुरू कर दी थीं।

अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि उस समय रोटी बनाने में जंगली अनाजों का इस्तेमाल किया गया होगा। यह रोटी जौ, इंकॉर्न, जई और पानी में उगने वाले एक खास किस्म के पौधे ट्यूबर्स से बनाई गई होगी।

शोध के अनुसार इस रोटी को नॉटफियन संस्कृति के लोगों ने बनाया होगा। ये वे लोग होंगे जो एक जगह ठहरकर जीवन व्यतीत करते होंगे। यह अवशेष ब्लैक डेजर्ट एर्केओलॉजिक साइट पर मिला है।

इस शोध से मिले अवशेषों से यह प्रतीत होता है कि रोटी का इतिहास कृषि विकास से भी काफी पुराना है। शोधार्थी अमाया अरन्ज-ओटेगुई ने बताया, यह संभव है कि रोटी ने पौधों की खेती करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया होगा।

 

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