Connect with us
https://www.aajkikhabar.com/wp-content/uploads/2020/12/Digital-Strip-Ad-1.jpg

प्रादेशिक

CGCJ ने लखनऊ में “स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता के लिए वैचारिक ढांचा” विषय पर आयोजित की बैठक

Published

on

लखनऊ। चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेजेस, झंजेरी उत्तरी भारत के टियर 2 और टियर 3 शहरों का दौरा कर रहा है और स्कूल के शिक्षकों से मिल रहा है। विभिन्न शहरों के कई प्रिंसिपल और शिक्षक बैठक में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं। इस बार CGCJ ने होटल शांता इन, लखनऊ का दौरा किया और “स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता के लिए वैचारिक ढांचा” विषय पर बैठक आयोजित की।

सीजीसी झंजेरी कैंपस के निदेशक “डॉ. जीजी शास्त्री” के साथ शिक्षकों के संचार के माद्यम से हमेशा की तरह कई मुद्दों को उठाया गया और इस चर्चा में उठाए गए मुद्दों के उचित समाधान भी निकाले हैं। चर्चा में, डॉ. शास्त्री ने छात्र व्यवहार के प्रत्येक परिदृश्य पर खुलकर चर्चा की और इससे निपटने के लिए विस्तार से बताया। कई स्कूल के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों ने भी इस विषय पर अपनी राय दी। सीजीसीजे के कैंपस निदेशक ने शिक्षकों के अधिकार के साथ भूमिकाओं और जिम्मेदारी पर जोर दिया कि छात्रों को उनके वांछित क्षेत्रों में शक्तिशाली पेशेवर बनने में उनका प्रयास कैसे आवश्यक है।

सीजीसी झंजेरी के बारे में बात करते हुए डॉ. शास्त्री ने कहा कि चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कॉलेज झंजेरी की स्थापना 2012 में की गई थी। इसकी स्थापना पास के “चंडीगढ़ राजधानी क्षेत्र” में एक तकनीकी परिसर के रूप में की गई थी, जो वर्तमान में उत्तरी भारत में एक अग्रणी “कॉलेजों का समूह” है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सीजीसी झंजेरी ने फार्मेसी, बीए इन लिबरल एंड आर्ट्स बी.ऐसी – ग्राफिक्स और वेब डिजाइनिंग में, और बी.ऐसी – जैव प्रौद्योगिकी जैसे कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। उन्होंने दो इंजीनियरिंग कार्यक्रमों को भी जोड़ा है जोकि बी.टेक. साइबर सुरक्षा और बी.टेक. इंटरनेट ऑफ थिंग्स है।

डॉ. शास्त्री ने यह भी घोषणा की कि सीजीसी झंजेरी को लॉ कॉलेज चलाने के लिए मान्यता मिल गई है। इस लॉ कॉलेज के माध्यम से, कोई बीए-एलएलबी या बी.कॉम-एलएलबी या फिर सिर्फ एलएलबी कर सकता है। लॉ कॉलेज में एक छात्र के लिए आवश्यक कोर्ट-रूम, हाई-एंड लॉ इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सभी चीजों की सुविधा प्रदान करता है। यदि किसी ने वरिष्ठ माध्यमिक परीक्षा में 60% से अधिक अंक प्राप्त किए हैं तो वह सीजीसी जोश परीक्षा के माध्यम से आवेदन कर सकता है जो उच्च शिक्षा के लिए सीजीसी झंजेरी ओपन छात्रवृत्ति कार्यक्रम है। सीजीसी झंजेरी मेधावी छात्रों को 5 करोड़ तक की छात्रवृत्ति दे रहा है। अंतः सभी शिक्षक छात्र जीवन के सभी क्षेत्रों में सर्वोत्तम तरीके से के साथ बातचीत बड़ी सकारात्मकता और शिक्षण पद्धति को पूरा करने के दृढ़ संकल्प की भावना के साथ समाप्त हुई।

प्रादेशिक

लखनऊ: महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त विवेक जोशी ने किया डाटा सेंटर का उद्धाटन

Published

on

लखनऊ। जनगणना कार्य निदेशालय में शुक्रवार को भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त विवेक जोशी द्वारा आगामी जनगणना के लिए बनाए गए “डाटा सेंटर” का उद्घाटन किया गया जिसमें जनगणना कार्य निदेशालय के अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर विवेक जोशी ने अपने सम्बोधन में कहा कि “ आगामी जनगणना देश की पहली डिजिटल जनगणना है जिसमें मोबाईल एप के द्वारा भारत के नागरिकों की गणना की जाएगी। प्रगणक जनगणना हेतु विकसित एप का उपयोग कर डाटा एकत्रित करेंगे। इस डाटा के संकलन हेतु पूरे भारत में तीन राष्ट्रीय आंकड़ा केंद्र बनाए गए हैं जिसमें से उत्तर भारत का इकलौता केंद्र लखनऊ में स्थापित किया गया है जिसका आज शुभारंभ हो रहा है। अन्य दो केंद्र दिल्ली तथा बेंगलुरु में स्थापित किए गए हैं। यह आंकड़ा केंद्र भारत की जनगणना 2021 से संबंधित सम्पूर्ण आंकड़ों को संग्रहित करेगा। जनगणना 2021 भारत के ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन को साकार रूप प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण चरण होगी।

नरेन्द्र शंकर पाण्डेय,  निदेशक जनगणना कार्य उत्तर प्रदेश ने इस अवसर पर संक्षिप्त अभिभाषण देते हुए कहा कि “भारतीय जनगणना भारत के लोगों की विभिन्न विशेषताओं पर सांख्यिकीय जानकारी का सबसे बड़ा स्रोत है। भारत में पिछली जनगणना 2011 में हुई थी,  आगामी जनगणना देश की सोलहवीं तथा आजादी के बाद आठवीं जनगणना होगी। उन्होंने कहा कि भारत की पहली डिजिटल जनगणना के आंकड़ों के संधारण के लिए बनाए गए “राष्ट्रीय आंकड़ा केंद्र” के आपदा प्रतिपूर्ति स्थल की स्थापना लखनऊ में किया जाना राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह केंद्र किसी भी आपदा की दशा में दिल्ली में स्थापित राष्ट्रीय आंकड़ा केंद्र को डाटा की प्रतिपूर्ति करेगा।

इस अवसर पर प्रदीप कुमार, उप महारजिस्ट्रार ने उत्तर भारत का इकलौता केंद्र लखनऊ में स्थापित करवाने के लिए भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त का आभार व्यक्त करते हुए यह आश्वस्त किया की यह राष्ट्रीय आंकड़ा केंद्र देश की आशाओं पर खरा उतरेगा।

इस अवसर पर संजय, अपर महारजिस्ट्रार, मोहन सिंह थापा, तकनीकी निदेशक, ए. एम. अंसारी, संयुक्त निदेशक, ए. के. राय, कार्यालय अध्यक्ष, अनुपम सिंह सोमवंशी, उप निदेशक, एस. एस. शर्मा, उप निदेशक, राममूर्ति, उप निदेशक, अरून कुमार, उप निदेशक, संतोष कुमार मिश्र, उप निदेशक आदि उपस्थिति थे।

Continue Reading

Trending