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रमजान में रोजे रखने के होते हैं कई फायदे, गंभीर बीमारियां भी हो जाती हैं दूर

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नई दिल्ली। दुनियाभर में रमजान का पवित्र महीना बड़े ही अदब से मनाया जा रहा है। सभी मुसलमान रोजे-नमाज और तराबीह से अल्लाह की इबादत कर रहे हैं।

इस्लाम धर्म के मुताबिक रमजान में रोजा अल्लाह के लिए रखा जाता है लेकिन इसके कुछ साइंटिफिक फायदे भी हैं। आइए जानते हैं रमजान में रोजा रखने से कौन से होते हैं फायदे…

  1. वजन कम होता है- रमजान में लगातार रोजे रखने से मोटापे में कमी आती है। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास की स्टडी के मुताबिक, खाली पेट रहने या कम मात्रा में खाने से शरीर की सूजन कम होती है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और वजन भी कम होता है। स्टडी के मुताबिक, फास्ट करने से शरीर की कोशिकाओं पर स्ट्रेस पड़ता है। इससे वजन कम होने में मदद मिलती है।
  2. खजूर है जरूरी- इस्लाम में रोजा खोलने के लिए खजूर खाना सुन्नत माना जाता है। साथ ही इससे सेहत को भी काफी फायदा मिलता है। खजूर में मौजूद फाइबर से एनर्जी के साथ डाइजेशन सिस्टम बेहतर होता है।
  3. कोलेस्ट्रोल कम होता है-हेल्थ एक्सपर्ट रोजे रखने से शरीर का कोलेस्ट्रोल भी कम होता है।
  4. मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है-रोजे के दौरान दिनभर भूखे प्यासे रहने से मेटाबॉलिज्म बेहतर तरीके से काम करने लगता है। इससे खाने के ज्यादा से ज्यादा न्यूट्रिएंट्स शरीर को मिलते हैं। रमजान में लंबे समय तक भूखे रहने के बाद देर शाम खाने से शरीर में Adiponectin हार्मोन बनता है, ये शरीर को ज्यादा न्यूट्रिएंट्स एब्जोर्ब करने में मदद करता है।

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सीएम योगी का निर्देश, संक्रमितों की ट्रेसिंग के साथ जांच का दायरा बढ़ाया जाए

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होम आइसोलेट मरीजों से निरंतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संक्रमितों की ट्रेसिंग के साथ जांच का दायरा बढ़ाने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब लोगों को कोरोना महामारी से सामूहिक रूप से लड़ना होगा। कोई भी ऐसी बात न कहें, जिससे हेल्थ वर्कर्स या फिर कोरोना वॉरियर्स का मनोबल कमजोर हो। उन्होंने कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए अस्पतालों में जीवनरक्षक संसाधन दोगुने करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि अनावश्यक घर से बाहर न निकलें। घर के बाहर निकलें तो मास्क जरूर पहनें, दो गज की दूरी का पालन जरूर करें। हर व्यक्ति जब इन कोविड प्रोटोकॉल का पालन करेगा तो यह कार्य एक-एक अमूल्य जीवन को बचाने में बहुत निर्णायक साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, मेरी सबसे अपील होगी कि आप जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा बनें। दूसरों को जागरूक करके कोविड के खिलाफ देश की इस लड़ाई को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने में योगदान दें। इस महामारी के खिलाफ हमें सामूहिक रूप से लड़ना होगा। कोई भी ऐसी बात न कहें, जो हेल्थ वर्कर्स का मनोबल तोड़े एवं संक्रमण की चपेट में आ चुके लोगों को हतोत्साहित करे। कोविड-19 एक महामारी है, इसे सामान्य फ्लू मानने की भूल नहीं करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बीमारी में बचाव सर्वोत्तम उपाय है लेकिन अगर बीमारी हो जाती है, तो इसे छिपाने की नहीं बल्कि तत्काल उसके उपचार की आवश्यकता है। मेरी आप सब लोगों से अपील होगी कि लोगों को जागरूक करें कि बीमारी को छिपाने के बजाय तत्काल टेस्ट करवा कर उसका उपचार शुरू करें। फर्स्ट वेव के समय संक्रमण इतना तीव्र नहीं था। जो L1, L2, L3 हॉस्पिटल बनाए गए थे, उसमें L1 हॉस्पिटल में ही अधिकतर लोग ठीक हो गए थे। ऑक्सीजन की आवश्यकता इतनी ज्यादा नहीं थी। लेकिन दूसरी लहर में तेजी से ऑक्सीजन की मांग उठी।

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