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बटला हाउस एनकाउंटर केसः आरिज खान दोषी करार, 15 मार्च को होगा सजा का ऐलान

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नई दिल्ली। बाटला हाउस एनकाउंटर केस में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने आतंकी आरिज खान को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया। 15 मार्च को आरिज की सजा का ऐलान कर दिया जाएगा।

अदालत ने धारा 302, 307 और आर्म्स एक्ट में तहत आरिज खान को दोषी करार दिया है। साल 2008 में बाटला हाउस एनकाउंटर केस के बाद आरिज फरार हो गया था।

साल 2018 में उसे नेपाल से गिरफ्तार किया गया था। आतंकी आरिज खान को बाटला हाउस एनकाउंटर में जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर मोहन शर्मा की हत्या के लिए दोषी बनाया गया है।

वहीं पुलिसकर्मी बलवंत सिंह-राजवीर को जान से मारने की कोशिश भी आरिज ने की थी। अदालन आरिज को दोषी करार देते हुए जांच अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वो आरिज के परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में जानकारी लेकर अदालत को बताएं। इसी के बाद कोर्ट यह तय करेगी कि उसके परिवार से कितनी राशि वसूल की जा सकती है।

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कोरोना से लड़ाई में धर्म और अध्यात्म से लोगों का जुड़ाव औषधि के रूप में काम करेगा: राजनाथ सिंह

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लखनऊ। देश के रक्षामंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने कोरोना काल में डॉ. समीर त्रिपाठी के रामचरित मानस के अर्थ सहित गायन के यू-ट्यूब चैनल मेधज एस्ट्रो पर आने पर उनको बधाई दी है। साथ ही उन्होंने इस प्रयास को कोरोना काल में आस्था जगाने वाला और सकारात्मकता को बढ़ावा देने वाला बताया है। उन्होंने कहा है कि कोरोना की लड़ाई में धर्म और आध्यात्म से लोगों का जुड़ाव औषधि के रूप में काम करेगा। संक्रमितों को सही करने में भी सस्वर रामायण का पाठ वरदान साबित हो सकता है।

राम नवमीं पर राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में श्री रामचरित मानस के अर्थ सहित गायन को लांच किया गया। इस समारोह में वर्चुअल रूप से देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी जुड़े। उन्होंने डॉ. त्रिपाठी की ओर से किये गये प्रयास की सराहना करते हुये कहा कि समाज के वर्तमान परिस्थितियों से निपटने में उपयोगी साबित होगा यह प्रयास।

सुप्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने भी श्री रामचरित मानस के अर्थ सहित गायन को समाज के लिये वर्तमान परिस्थितियों में काफी उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि लोगों का ध्यान नकारात्कम सूचनाओं और खबरों से हटाकर सकारात्कता फैलाने के लिये यह प्रयोग काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

जल शक्ति मंत्री ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी ने, न सिर्फ शारीरिक बल्कि मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी व्यक्ति और समाज को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। व्यग्रता और भय, आज दोनों ही हमारे जीवन के हर क्षण में गहरे व्याप्त हैं। ऐसे मे स्वाभाविक है कि संकटग्रस्त समाज में हम धर्म की उपस्थिति और भूमिका को संज्ञान में लें और उसकी पड़ताल करें।

कोरोना काल में राहत देगा धर्म और आध्यात्म से जुड़े रहना-
द्वारकाशारदापीठाधीश्वर एवं ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के प्रतिनिधि शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती जी महाराज ने कहा कि कोरोना काल का संदेश सांस्कृतिक जड़ों, धर्म और आत्यात्म से जुड़े रहना सबसे महत्वपूर्ण है। लोगों को शास्त्रों, वेदों का पाठ पढ़ने का यह उपयुक्त समय है। इसका भरपूर उपयोग कर लोग स्वयं को महामारी के संकट से तो बचा ही सकते हैं साथ में अपनी सांस्कृतिक विरासत को जानने का भी उनके लिये यह सुनहरा समय है।

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