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नेशनल

अरुण जेटली की हालत नाजुक, राष्ट्रपति मिलने पहुंचे एम्स

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नई दिल्ली। लंबे समय से बीमार पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की हालत नाजुक बनी हुई है। जेटली को 9 अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जेटली के फेफड़ों में पानी जमा हो रहा है, जिसकी वजह से उन्हें सांस लेने में दिक्कत आ रही है। जानकारी के मुताबिक उनके फेफड़े से बार-बार पानी निकाला जा रहा है लेकिन उनमें फिर से पानी जमा हो जा रहा है।

एम्स की ओर से आखिरी बार जारी किए बयान के मुताबिक जेटली को हेमोडायनैमिकली स्टेबल बताया गया था। इसका मतलब है कि उनका ब्लड प्रेशर और पल्स रेट ठीक से काम कर रही है। हालांकि पिछले शुक्रवार के बाद से एम्स की तरफ से कोई बयान जारी नहीं हुआ है।

शुक्रवार को उनका हाल जानने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एम्स पहुंचे। वहां उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री का हाल जाना। सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आज जेटली से मिलने एम्स आएंगे।

आपको बता दें कि अरुण जेटली लंबे समय से डायबिटीज से पीड़ित हैं जिसके चलते उनका किडनी ट्रांसप्लांट भी हो चुका है। कुछ समय पहले उनकी सॉफ्ट टिशू कैंसर बीमारी के बारे में पता चला था। जानकारी के अनुसार जेटली ने मोटापे से छुटकारा पाने के लिए बैरिएट्रिक सर्जरी भी कराई है।

नेशनल

कोरोना की दवा 2DG हुई लॉन्च, स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कही ये बात

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस की दूसरी लहर से भारत के कई राज्य बहुत अधिक प्रभावित हुए हैं। इस खतरनाक वायरस ने अब तक लाखों लोगों की जान ले ली है। इसके अलावा भारत में फैले कोरोना का यह वैरिएंट लोगों को तेजी से अपना शिकार बना रहा है। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए राज्य सरकारें वैक्सीनेशन और लॉकडाउन का सहारा ले रही हैं। इस बीच कोरोना से जंग में भारत को एक नया हथियार मिल गया है।

DRDO द्वारा डेवलेप की गई दवाई 2-DG अब अस्पतालों में उपलब्ध होगी, जो मरीजों को कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने में मदद करेगी। सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की मौजूदगी में इसे लॉन्च किया गया।

इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री की ओर से इस दवा को एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया को सौंपा गया। दवा को रिलीज किए जाने के मौके पर स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि डीआरडीओ के सहयोग और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की लीडरशिप में इस वैक्सीन को तैयार किया गया है। यह भारत की पहली पूर्ण स्वदेशी वैक्सीन हो सकती है, जो कोरोना संकट से निपटने में मदद करेगी।

यही नहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि इस वैक्सीन के जरिए कोरोना से रिकवरी का टाइम कम होगा। इसके अलावा ऑक्सीजन पर निर्भरता भी कम होगी।

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