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ट्विटर ने 1,25,000 संदिग्ध अकाउंट बंद किए

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8003-twitter-1सैन फ्रांसिस्को| माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर के मालिकान ने आतंकवाद संबंधित ट्वीट के प्रचार-प्रसार पर नकेल कसते हुए 1,25,000 संदिग्ध अकाउंट बंद कर दिए हैं। पृथम दृष्टया इन अकाउंट का उपयोग कुख्यात आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) द्वारा किए जाने की आशंका थी। ट्विटर ने अपनी एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा, “दुनियाभर के ज्यादातर लोगों की तरह ही हम भी आतंकवादी समूहों के अत्याचारों से सहमे हुए हैं। हम आतंकवाद के प्रचार-प्रसार में ट्विटर का इस्तेमाल किए जाने की निंदा करते हैं। ट्विटर के नियम स्पष्ट करते हैं कि इस तरह की कोई भी हरकत या कोई भी हिंसक धमकी हमारी ट्विटर सेवा पर किए जाने की अनुमति नहीं है।”

अमेरिका के ‘ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन’ के हालिया अध्ययन के अनुसार, आईएस समर्थकों के 46,000 से ज्यादा एक्टिव ट्विटर अकाउंट चलाने की आशंका है। हाल के दिनों में ट्विटर ने दुनियाभर में आतंकवाद संबंधित ऑनलाइन विषय सामग्री पर नकेल कसने के लिए काम कर रहे संगठनों से साझेदारी की। ब्लॉग पोस्ट में लिखा गया, “हमने आतंकवाद के खिलाफ गैर सरकारी आवाज को मजबूत करने के लिए पीपुल अगेंस्ट वायलेंट एक्सट्रीम (पीएवीई) और इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटेजिक डायलॉग के साथ साझेदारी की है।” समाचार एजेंसी  की रिपोर्ट के अनुसार, ट्विटर के दुनियाभर में 50 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं।

अमेरिका की सरकार और गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) व लोगों ने ट्विटर पर आईएस व अन्य आतंकवादी संगठनों के अकाउंट बंद करने का दबाव बनाया था, जिसके बाद उसे ये अकाउंट बंद करने पड़े। पिछले माह जॉर्डन की पुलिस के प्रशिक्षण केंद्र पर एक हमला हुआ था, जिसमें एक अमेरिकी नागरिक मारा गया था। उसकी विधवा ने ट्विटर के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज कराया गया था। महिला का आरोप था कि ट्विटर ने आईएस के लिए आतंकवाद के प्रचार-प्रसार का काम आसान बना दिया है।

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कोरोना वायरस भेष बदलकर फिर पहुंचा चीन, इस बदलाव के साथ बना पहले से भी खतरनाक

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस दुनिया के सभी देशों को अपनी गिरफ्त में ले चुका है। इस वायरस से अब मरने वालों की संख्या 76 हजार के पार हो गई है। दुनिया के किसी देश के वैज्ञानिकों को इसकी दवा खोजने में अबतक कामयाबी हासिल नहीं हुई है।

इस बीच यह वायरस जहां से निकला है वहीं दोबारा भेष बदलकर पहुंच चुका है। इस बार यह कोरोना वायरस और भी ज्यादा खतरनाक होकर चीन में लौटा है। यह इतना खतरनाक है कि लोगों को आसानी से चकमा दे सकता है।

ये नया कोरोना भी चीन के उसी हुबेई प्रांत से आया है जहां से पुराना कोरोना निकला था। जानकारों की मानें तो ये नया कोरोना पुराने कोरोना से भी कहीं ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इस नए कोरोना का कोई लक्षण ही नहीं है। यानी इसके शिकार शख्स को पता ही नहीं चलेगा कि वो संक्रमित है या नहीं?

अभी तक सर्दी, खांसी, गला खराब, बुखार सांस लेने में तकलीफ को ही कोरोना के लक्षण बताए गए हैं और अभी इस कोरोना से पूरी दुनिया जूझ ही रही है कि दुनिया को डराने के लिए नई शक्ल में कोरोना उसी चीन में दोबारा लौट आया है जहां से पहला कोरोना फैला था, मगर इस बार ज्यादा खतरनाक तरीके से।

इस नए कोरोना के संक्रमण का कोई लक्षण ही नहीं है इसीलिए इसे एसिम्टोमैटिक केस कहा जा रहा है। एसिम्टोमैटिक कोरोना का मरीज कोविड-19 के आम मरीज से ज़्यादा खतरनाक होता है क्योंकि कम से कम उनमें कोरोना के लक्षण नजर आते हैं।

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