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बिजनेस

चीन में उबेर, दीदी के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ी

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08-1436348012-uber-taxiबीजिंग। चीन की ऑनलाइन टैक्सी एप कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। चीन की दो प्रमुख ऑनलाइन टैक्सी एप दीदी और उबेर इस सप्ताह नए फंडिंग और बाजार विस्तार योजनाएं पेश कर रहे हैं। 

उबेर ने मगंलवार देर शाम कहा कि वह हुबेई, हुनान और गुआंगदोंग प्रांतों में अपनी सेवाएं शुरू करेंगे, जहां 55 से अधिक शहरों तक सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। कंपनी ने पहले घोषणा की थी कि वह 2016 में 100 चीनी शहरों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती है। उबेर के सबसे बड़े बाजार के रूप में चीन अमेरिका को पछाड़ना चाहता है।

उबेर की घरेलू प्रतिद्वंद्वी दीदी ने मंगलवार को बताया कि उसे चाइना मर्चेट्स बैंक से राशि प्राप्त हुई है। हालांकि राशि की मात्रा के बारे में जानकारी नहीं दी गई। दीदी ने बताया कि वह और बैंक मोबाइन भुगतान और ऑटो वित्त जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।

नेशनल

सुप्रीम कोर्ट ने होमबायर्स में फ्लैटों का रजिस्ट्रेशन शुरू करने के दिए निर्देश

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आम्रपाली के घर खरीदने वालों को खुश करने के लिए, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों को निर्देश दिया कि वे होमबायर्स में फ्लैटों का रजिस्ट्रेशन शुरू करें।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि यदि खरीदारों को फ्लैटों का कब्जा सौंपने में उनके हिस्से में किसी तरह की देरी हुई तो दोनों प्राधिकरणों के अधिकारियों को जेल भेजा जाएगा। आम्रपाली ग्रुप की लंबित परियोजनाओं से संबंधित मामले में अपना फैसला सुनाते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने बैंकों, नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों को अचल संपत्ति कंपनी में चल रही गड़बड़ी के लिए दोषपूर्ण ठहराया था।

आम्रपाली के रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) रजिस्ट्रेशन को रद्द करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य द्वारा संचालित एनबीसीसी को आम्रपाली ग्रुप की लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कहा है। इस बीच एनबीसीसी ने लंबित मकानों के निर्माण को पूरा करने के लिए 7.5 करोड़ रुपये मांगे हैं। रॉयल गोल्फ को अदालत द्वारा 50 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया गया है जबकि बैंकों की याचिका पर कोई सुनवाई नहीं होगी।

होमबॉयरों ने पहले आम्रपाली ग्रुप की परियोजनाओं में बुक किए गए लगभग 42,000 फ्लैटों पर कब्जे की मांग करते हुए कई याचिकाएँ दायर की थीं। पिछले महीने, एससी ने प्रवर्तन निदेशालय को आम्रपाली ग्रुप के निदेशकों और प्रमोटरों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू करने का भी निर्देश दिया था। आपको बता दें कि अदालत ने पहले सीएमडी और निदेशकों – शिव प्रिया और अजय कुमार की व्यक्तिगत संपत्तियों की कुर्की का आदेश दिया था।

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