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अन्तर्राष्ट्रीय

‘वियतनाम-चीन के संबंधों में मैत्री, सहयोग अहम’

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हनोई। वियतनाम और चीन के संबंधों में पिछले 66 वर्षो में हालांकि कई उतार-चढ़ाव आए हैं, फिर भी दोनों देशों के बीच मित्रता, सहयोग और सकरात्मक विकास अहम रहा। यह बात वियतनाम के संस्कृति, खेल और पर्यटन मंत्री होआंग तुआन अन्ह ने यहां दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की स्थापना की 66वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में कही, जिसका आयोजन चीनी दूतावास ने यहां गुरुवार को किया था।

होआंग ने कहा, “वियतनाम और चीन के बीच 66 साल पहले आधिकारिक तौर पर कूटनीतिक संबंध स्थापित हुए थे, जो दोनों देशों की दीर्घकालिक परंपरागत मित्रता की दिशा में मील का पत्थर था। इसने दोनों देशों के संबंधों के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत की।”

वियतनाम में चीन के राजदूत होंग शियाओयोंग ने कहा कि 2015 में चीन-वियतनाम के संबंधों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई। दोनों देशों के उच्च स्तरीय नेताओं की एक-दूसरे के यहां यात्रा हुई, जिसमें उन्होंने आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

शियाओयोंग ने कहा, “चीन और वियतनाम दो घनिष्ठ पड़ोसी और भाई हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियां किस प्रकार बदलती हैं, महत्वपूर्ण यह है कि दोनों देशों की इस सोच में कोई बदलाव नहीं है कि हमें आपसी संबंधों को आगे बढ़ाना है, जो दोनों देशों के नागरिकों के हित में है।”

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1 जनवरी से लोगों को मिलने लगेगी रूस में बनी कोरोना की वैक्सीन

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नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को एलान किया कि उन्होंने कोरोना की वैक्सीन बना ली है। साथ ही उनकी बेटी को इसका टीका भी लग गया है। इसके बाद से लोगों के मन में एक ही सवाल था कि आम लोगों की पहुंच में ये दवा कब तक होगी।

बताया जा रहा है कि रूस में बनकर तैयार हुई कोविड-19 की वैक्सीन 1 जनवरी, 2021 से सिविलियन सकुर्लेशन में जाएगी यानि कि इसी दिन से इसकी पहुंच आम लोगों तक कराई जाएगी। रूसी स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने कहा कि यहां के माइक्रोबायोलॉजी रिसर्च सेंटर गेमालेया और रूसी रक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से विकसित कोविड-19 की वैक्सीन सबसे पहले चिकित्साकर्मियों और शिक्षकों को दी जाएगी।

उन्होंने कहा, “हम आम लोगों में चरणबद्ध तरीके से इसका उपयोग करना शुरू करेंगे। इसमें सबसे पहले उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी जो काम के सिलसिले में संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं और ये चिकित्सा कर्मी हैं और यह उन्हें भी पहले मुहैया कराई जाएगी जो बच्चों की सेहत के लिए जिम्मेदार हैं यानि कि शिक्षक।”

रूसी स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैक्सीन के उत्पादन के लिए गेमालेया रिसर्च सेंटर इंस्टीट्यूट और फार्मास्युटिकल कंपनी बिन्नोफार्म जेएससी इन्हीं दो जगहों का उपयोग किया जाएगा।

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