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IPL में पुणे, राजकोट दो नई टीमें, चेन्नई व राजस्थान की लेंगी जगह

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नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को दो नई फ्रेंचाइजी टीमें-राजकोट और पुणे से मिली हैं। इन दो नई फ्रेंचाइजी टीमों ने लीग के 2016 और 2017 संस्करणों का हिस्सा होने का हक हासिल किया। पुणे और राजकोट फ्रेंचाइजी टीमें आईपीएल के अगले दो संस्करणों में चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स का स्थान लेंगी, जिन्हें आईपीएल-2013 से जुड़े सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग मामले में दो साल के लिए निलंबित कर दिया गया है।

पुणे फ्रेंचाइजी का मालिकाना हक कोलकाता के व्यवसायी संजीव गोयनका की कंपनी न्यू राइजिंग के पास होगा। इसी तरह इंटेक्स मोबाइल्स ने राजकोट फ्रेंचाइजी का मालिकाना हक हासिल किया है। गोयनका को अगले दो वर्ष तक बीसीसीआई को 10 करोड़ रुपये प्रति वर्ष की दर से अदा करना होगा, जबकि इंटेक्स मोबाइल्स अगले दो वर्ष में बीसीसीआई को कुल 16 करोड़ रुपये अदा करेगी।

आईपीएल के ट्विटर हैंडल से कहा गया, “समाचार : संजीव गोयनका की न्यू राइजिंग ने पुणे की टीम की निविदा हासिल की। इंटेक्स ने वहीं वीवा आईपीएल के अगले दो संस्करणों के लिए राजकोट टीम की निविदा हासिल की।” भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भी अपने ट्विटर हैंडल से आईपीएल के इस ट्वीट को रीट्वीट किया।

आईपीएल के अगले दो संस्करणों में शामिल करने के लिए दो फ्रेंचाइजियों के लिए उल्टी दिशा में बोली लगाई। अर्थात सबसे कम कीमत की बोली लगाने वाले को फ्रेंचाइजी दी गई। दोनों फ्रेंचाइजी के लिए 40 करोड़ रुपये की न्यूनतम राशि तय कर दी गई थी। दो वर्ष का निलंबन पूरा करने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स दोबारा आईपीएल का हिस्सा बन सकेंगे।

अंतरिम फ्रेंचाइजी चेन्नई और रॉयल्स के खिलाड़ियों को ड्रॉफ्ट प्रणाली के आधार पर बरकरार रख सकते हैं। आईपीएल के अगले संस्करण के लिए खिलाड़ियों को दो श्रेणियों, कैप्ड और अनकैप्ड, में रखा जाएगा, जबकि शीर्ष खिलाड़ियों की नीलामी ड्रॉफ्ट प्रणाली के आधार पर होगी।

दोनों नई टीमें खिलाड़ियों की नीलामी पर न्यूनतम 40 करोड़ रुपये और अधिकतम 66 करोड़ रुपये खर्च कर सकेंगी। खिलाड़ियों की ड्रॉफ्टिंग 15 दिसंबर को होनी है। आईपीएल के एक ट्वीट में कहा गया है कि पुणे को सबसे पहले ड्रॉफ्ट के जरिए खिलाड़ियों को चुनने का अवसर मिलेगा। शेष खिलाड़ियों की नीलामी बेंगलुरू में छह फरवरी को होनी है।

प्रादेशिक

महाराष्ट्र के मंत्री अशोक चव्हाण ने जीती कोरोना से जंग, अस्पताल से मिली छुट्टी

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मुंबई। महाराष्ट्र के पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण ने कोरोना से जंग जीत ली है। अब ठीक होकर अस्पताल से वापस अपने घर आ गए हैं। गुरुवार को पार्टी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री का कोविड -19 परीक्षण पॉजिटिव आया था, लेकिन उनमें कोरोना के लक्षण नहीं थे। 24 मई को उनके गृह स्थान नांदेड़ में और फिर उसके अगले दिन मुंबई के एक निजी अस्पताल में उन्हें स्थानांतरित कर दिया गया था।

उपचार पूरा होने के बाद चव्हाण को गुरुवार दोपहर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, लेकिन प्रोटोकॉल के अनुसार वह अभी भी क्वारंटीन में रहेंगे।

चव्हाण, कैबिनेट के दूसरे सदस्य हैं, जिन्हें कोरोना संक्रमण हुआ। इससे पहले अप्रैल में आवास मंत्री जितेंद्र अव्हाड संक्रमित पाए गए थे।अव्हाड ने क्वारंटीन में समय बिताया और फिर उन्हें एक अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया और उसके बाद भी वह घर पर आइसोलेशन में रहे। मई के आखिर से उन्होंने अपनी मंत्रिस्तरीय जिम्मेदारियों को फिर से संभालना शुरू किया था।

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