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छोटा राजन की बहनों की याचिका पर विचार करने के निर्देश

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मुंबई/नई दिल्ली।  दिल्ली की एक अदालत ने गिरफ्तार माफिया डॉन राजेंद्र एस. निखलजे उर्फ छोटा राजन की दो बहनों की याचिका पर विचार करने का सीबीआई को शुक्रवार को निर्देश दिया। दोनों बहनों ने अपनी याचिका में भाई राजन से मुलाकात करने और उसके साथ भाई दूज का त्योहार मनाने की अनुमति मांगी है।

विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार ने उत्तर दिल्ली स्थित अपने आवास पर आयोजित एक सुनवाई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के जांच अधिकारी को छोटा राजन की बहनों -सुनीता चव्हाण और मालिनी सकपाल- के आवेदन पर विचार करने का निर्देश दिया।

राजन की बहनों की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता राजीव जय ने कहा कि अदालत ने उनसे कहा है कि वे अपने आवेदन के साथ सीबीआई से संपर्क करें।

राजन एक फर्जी पासपोर्ट मामले में फिलहाल सीबीआई की हिरासत में है। उसे इंडोनेशिया में गिरफ्तार किया गया था और इस महीने के प्रारंभ में उसे भारत लाया गया है।

दोनों बहनों ने कहा है कि वे अपने भाई से कभी नहीं मिली हैं। राजन को 27 वर्षो बाद भारत लाया गया है।

याचिका में कहा गया है कि इतने लंबे समय तक भारत से दूर रहे राजन से अब वे मिलना चाहती हैं और उसके लिए दुआएं करना चाहती हैं।

दोनों बहनें महाराष्ट्र में रहती हैं, और वे नई दिल्ली पहुंची हैं। छोटा राजन को दिल्ली में सीबीआई की हिरासत में रखा गया है।

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बडगाम में आतंकियों ने भाजपा नेता को उतारा मौत के घाट

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जम्मू| जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने भाजपा नेता की गोली माकर हत्या कर दी। मृतक अब्दुल हमीद नाजर बडगाम जिले के ओमपोरा इलाके में भारतीय जनता पार्टी के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के जिलाध्यक्ष थे। अब्दुल हमीद नजर को आतंकवादियों ने रविवार की सुबह उनके घर के पास गोली मार दी थी। वह सुबह की सैर के लिए घर से निकले थे।

गोलियां लगने से गंभीर रूप से घायल हुए नजर को अस्पताल ले जाया गया जहां सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

आतंकी विशेष रूप से भाजपा नेताओं को निशाना बना रहे हैं। जून माह से अब तक चार भाजपा नेताओं पर हमले हो चुके हैं। 11 जुलाई को बांदीपोरा के पूर्व जिला अध्यक्ष वसीम बारी की उनके पिता और भाई समेत हत्या कर दी गई थी। इसके बाद 15 जुलाई को सोपोर में भाजपा नेता मेहराजुद्दीन मल्ला को अगवा किया गया था, हालांकि इन्हें दस घंटे में ही मुक्त करा लिया गया था। इसके बाद चार अगस्त को कुलगाम में पंच पीर आरिफ अहमद शाह को गोली मार दी गई थी,छह अगस्त को सज्जाद खांडे की हत्या कर दी गई।

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