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उलेमाओं के खिलाफ आतंकवाद रोधी कानून का इस्तेमाल कर रहा पाकिस्तान

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इस्लामाबाद | जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-एफ (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान सरकार उलेमाओं के खिलाफ आतंकवाद रोधी कानून का इस्तेमाल कर रही है। ‘डान’ की रिपोर्ट के अनुसार रहमान ने रविवार को मुफ्ती महमूद सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि धार्मिक मदरसों को आतंकवाद से जोड़ा जा रहा है। उलेमाओं व विद्यार्थियों के खिलाफ आतंकवाद रोधी कानून का इस्तेमाल किया जा रहा है।

जेयूआई-एफ प्रमुख ने कहा कि मदरसे, मस्जिद, दाढ़ी व पगड़ी को आतंकवाद का प्रतीक बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि मदरसे इस्लाम की इमारतें हैं| जहां विद्यार्थी कुरान व सुन्नत की तालीम लेते हैं। रहमान ने सरकार से धार्मिक संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई से बाज आने को कहा। उन्होंने कहा कि वे देश से आतंकवादियों के खात्मे के नाम पर उलेमाओं व धार्मिक संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई बर्दाश्त नहीं करेंगे।

रहमान ने कहा कि देश के गठन के समय से ही देश की अर्थव्यवस्था, राजनीति व लोकतांत्रिक प्रणाली पर अमेरिका व पश्चिमी शक्तियों का प्रभाव रहा है। उन्होंने कहा धार्मिक नेता व उलेमा पाकिस्तान को ‘अंकल सैम’ व काफिर ताकतों से मुक्त कराने के लिए आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।

 

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कांपते हुए कुरैशी ने कहा था- 9 बजे भारत हम पर हमला कर देगा, डर के मारे पाकिस्तान ने अभिनंदन को किया था रिहा

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नई दिल्ली। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारत में घुसने की कोशिश कर रहे पाकिस्तानी एफ 16 को भारतीय पायलट अभिनंदन ने अपने मिग विमान से मार गिराया था। हालांकि इस कार्रवाई में अभिनंदन का विमान पाकिस्तानी सीमा में क्रैश कर गया था जिसके बाद पाकिस्तान ने भारतीय पायलट को बंदी बना लिया था। हालांकि भारत सरकार के दबाव में पाकिस्तान को उन्हें कुछ ही घंटों के अंदर भारत वापस भेजना पड़ा।

अभिनंदन को भारत वापस भेजने के पीछे पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने इलाके में शांति की दुहाई दी थी, जो पूरी दुनिया के किसी भी शांति प्रिय देश को रास नहीं आई थी। अब पाकिस्तान के एक बड़े नेता सरदार अयाज सादिक ने जो खुलासा किया है उसने दुनिया को बता दिया है कि भारत जैसे शक्तिशाली देश के आगे पाकिस्तान क्या औकात रखता है।

उन्होंने पाकिस्तानी संसद में बताया कि अभिनंदन को भारत को सौंपने से पहले पाकिस्तानी सरकार में हड़कंप मचा हुआ था। अभिनंदन को छोड़ जाने से पहले एक मीटिंग में पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के पैर कांप रहे थे। उन्होंने कहा, “मझे याद है शाह महमूद कुरैशी साहब उस मीटिंग में थे जिसमें आने से वजीर-ए-आलम ने इंकार कर दिया, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ तशरीफ लाए। पैर कांप रहे थे, पसीने माथे पर थे और हमसे शाह महमूद साहब ने कहा, फॉरेन मिनिस्टर साहब ने, कि खुदा का वास्ता अब इसको वापस जाने दें, क्योंकि 9 बजे रात को हिंदुस्तान पाकिस्तान पर अटैक कर रहा है।”

पाकिस्तानी नेता के इस खुलासे के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी लोग जमकर चर्चा कर रहे हैं। आपको बता दें कि बालाकोट स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने अपने एयर स्पेस में विमानों की मूवमेंट को पूरी तरह से रोक दिया था, जानकारों ने कहना है कि इसके पीछे भी इमरान सरकार को भारतीय वायुसेना के हवाई हमले का डर था।

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