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अशोक वाजपेयी ने भी लौटाया साहित्य अकादमी पुरस्कार

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नई दिल्ली। लेखक नयनतारा सहगल के बाद ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष अशोक वाजपेयी ने ‘‘जीवन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर हमले’’ के खिलाफ साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटा दिया है। उनकी विभिन्न कविताओं के लिए वर्ष 1994 में उन्हें भारत सरकार द्वारा साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाज़ा गया था।

वाजपेयी ने दादरी में एक व्यक्ति की पीट पीटकर हत्या और तर्कवादियों की श्रृंखलाबद्ध हत्याओं पर दुख जताते हुए इन घटनाओं पर पीएम नरेंद्र मोदी की लगातार चुप्पी पर सवाल उठाया है। वाजपेयी ने कहा, ‘‘सहगल सही हैं। वह :मोदी: बहुत ही बातूनी प्रधानमंत्री हैं। वह देश से यह क्यों नहीं कहते कि देश के बहुलतावाद की किसी भी कीमत पर रक्षा की जाएगी?’’

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि लेखकों को कट्टरता के खिलाफ़ एकजुट होकर आवाज़ उठानी चाहिए। लेखक के पास विरोध करने का यही तरीका है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले प्रसिद्ध लेखिका नयनतारा सहगल ने भी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर देश की सांस्कृतिक विविधता कायम न रख पाने का आरोप लगाते हुए उन्हें दिया गया साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने की घोषणा की थी।

उत्तराखंड

उत्तराखंडः इस बड़ी योजना से 2020 तक चमक उठेंगे सभी राजस्व ग्राम

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देहरादून। उत्तराखंड में शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।

बैठक में ऊर्जा विभाग के अंतर्गत विभिन्न केंद्र पोषित योजनाओं एवं राज्य में संचालित अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के संबंध में सचिव ऊर्जा राधिका झा द्वारा सभी कार्यक्रमों की प्रगति के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।

प्रस्तुतीकरण में योजनावार अद्यतन उपलब्धियों की जानकारी दी गई तथा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध रूप से प्राप्ति के लिए निर्णय हुए।

सचिव ऊर्जा द्वारा बताया गया कि प्रदेश के समस्त राजस्व ग्रामों का विद्युतीकरण पूर्ण कर लिया गया है। यह निर्णय लिया गया कि, प्रदेश के अवशेष समस्त 1343 तोकों का विद्युतीकरण जनवरी 2020 तक पूर्ण कर लिया जाए।

बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में ग्रामीणों को सुचारू रूप से विद्युत उपलब्ध कराए जाने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जल स्रोतों पर आधारित माईक्रो हाईडिल परियोजनायें स्थापित कराई जाएं जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक ग्रिड लाईन लिए जाने में होने वाले व्यय तथा विद्युत हानि को कम कराया जा सके।

यह भी निर्णय लिया गया कि ऑफ ग्रिड एरिया में माइक्रो हाईडल परियोजनाओं की स्थापना हेतु एक नीति तैयार की जाए जिसमें इन योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव आदि की व्यवस्था की भी सहमति हो।

बैठक में तय हुआ कि प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाओं के विकास हेतु  Condusive Environment  तैयार किए जाने के लिए हाइड्रो पावर एवं  रिनीबल एनर्जी विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन भी कराया जाए।

सचिव ऊर्जा राधिका झा ने बताया कि आर.ई.सी के के माध्यम से संचालित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यो पर स्टेट जी.एस.टी ( एस.जी.एस.टी ) का भुगतान विद्युत मंत्रालय द्वारा नहीं किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव ने अपने स्तर से विद्युत मंत्रालय को पत्र भेजने के निर्देश दिए।

व्यासी जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण की प्रगति की समीक्षा पर पाया गया कि कार्यों के संपादन की गति धीमी है। बैठक में सीपीएसयूएस के साथ ज्वाइंट वैंचर (संयुक्त तत्वाधान) में निर्माण कार्यों को गति प्रदान करने पर विचार किया गया।

प्रत्येक जल विद्युत परियोजना के संबंध में केंद्र सरकार तथा सीपीयूएस के प्रबंध निदेशक के साथ वन-टू-वन बैठक कर इन परियोजनाओं को पूर्ण कराए जाने के लिए संसाधन विकसित करने पर विचार किया गया।

 

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