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बिजनेस

सेंसेक्स में 318 अंकों की गिरावट

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मुंबई| देश के शेयर बाजारों में बुधवार को गिरावट रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 317.72 अंकों की गिरावट के साथ 25,714.66 पर और निफ्टी 88.85 अंकों की गिरावट के साथ 7,791.85 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 30.89 अंकों की तेजी के साथ 26,063.27 पर खुला और 317.72 अंकों या 1.22 फीसदी गिरावट के साथ 25,714.66 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 26,156.61 के ऊपरी और 25,657.56 के निचले स्तर को छुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 15.45 अंकों की गिरावट के साथ 7,865.25 पर खुला और 88.85 अंकों या 1.13 फीसदी गिरावट के साथ 7,791.85 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 7,930.05 के ऊपरी और 7,777.10 के निचले स्तर को छुआ।

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में मिला-जुला रुख रहा। मिडकैप 83.16 अंकों की गिरावट के साथ 10,477.16 पर और स्मॉलकैप 17.06 अंकों की तेजी के साथ 10,711.73 पर बंद हुआ।

बीएसई के 12 में से दो सेक्टरों बिजली (1.64 फीसदी) और धातु (0.23 फीसदी) में तेजी रही।

बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे बैंकिंग (1.68 फीसदी), स्वास्थ्य सेवा (1.14 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.04 फीसदी), तेल एवं गैस (0.98 फीसदी) और तेज खपत उपभोक्ता वस्तु (0.96 फीसदी)।

 

नेशनल

सुप्रीम कोर्ट ने होमबायर्स में फ्लैटों का रजिस्ट्रेशन शुरू करने के दिए निर्देश

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आम्रपाली के घर खरीदने वालों को खुश करने के लिए, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों को निर्देश दिया कि वे होमबायर्स में फ्लैटों का रजिस्ट्रेशन शुरू करें।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि यदि खरीदारों को फ्लैटों का कब्जा सौंपने में उनके हिस्से में किसी तरह की देरी हुई तो दोनों प्राधिकरणों के अधिकारियों को जेल भेजा जाएगा। आम्रपाली ग्रुप की लंबित परियोजनाओं से संबंधित मामले में अपना फैसला सुनाते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने बैंकों, नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों को अचल संपत्ति कंपनी में चल रही गड़बड़ी के लिए दोषपूर्ण ठहराया था।

आम्रपाली के रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) रजिस्ट्रेशन को रद्द करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य द्वारा संचालित एनबीसीसी को आम्रपाली ग्रुप की लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कहा है। इस बीच एनबीसीसी ने लंबित मकानों के निर्माण को पूरा करने के लिए 7.5 करोड़ रुपये मांगे हैं। रॉयल गोल्फ को अदालत द्वारा 50 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया गया है जबकि बैंकों की याचिका पर कोई सुनवाई नहीं होगी।

होमबॉयरों ने पहले आम्रपाली ग्रुप की परियोजनाओं में बुक किए गए लगभग 42,000 फ्लैटों पर कब्जे की मांग करते हुए कई याचिकाएँ दायर की थीं। पिछले महीने, एससी ने प्रवर्तन निदेशालय को आम्रपाली ग्रुप के निदेशकों और प्रमोटरों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू करने का भी निर्देश दिया था। आपको बता दें कि अदालत ने पहले सीएमडी और निदेशकों – शिव प्रिया और अजय कुमार की व्यक्तिगत संपत्तियों की कुर्की का आदेश दिया था।

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