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मुख्य समाचार

संजय दत्त को बेटी के इलाज के लिए मिला पैरोल

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पुणे/मुंबई, मुंबई बम विस्फोट मामले में पुणे की यरवदा जेल में पांच साल कैद की सजा काट रहे अभिनेता संजय दत्त को बुधवार को 30 दिनों का पैरोल मिल गया। संजय दत्त ने अपनी बेटी के इलाज के लिए जून महीने में पैरोल की अर्जी लगाई थी, जिसे मंजूर कर लिया गया। उनकी बेटी की नाक की सर्जरी होनी है। दो दिन पहले पुणे के संभागीय आयुक्त ने उनके पैरोल पर मुहर लगा दी थी।

संजय दत्त औपचारिकताएं पूरी करने के बाद या तो बुधवार को या फिर गुरुवार को जेल से बाहर आकर अपने बांद्रा स्थित घर जाएंगे।

30 दिन का यह पैरोल 60 अतिरिक्त दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता है। अगर ऐसा हुआ तो संजय दत्त तीन महीने तक जेल से बाहर रहेंगे।

इससे पहले भी संजय दत्त चार महीने की अवधि तक पैरोल पर जेल से बाहर रह चुके हैं। अक्टूबर 2013 में उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कारणों से 28 दिन का पैरोल मिला था। दिसंबर 2013 में अपनी बीमार पत्नी की देखरेख के लिए उन्हें 28 दिन का पैरोल मिला था। इसी तरह दिसंबर 2014 में 14 दिन और जनवरी 2014 में 60 दिनों के पैरोल पर संजय दत्त जेल से बाहर आ चुके हैं।

उन्हें मिलने वाले इतने पैरोल पर सवाल भी खड़े होते रहे हैं। कहा जाता रहा है कि उन्हें उनकी ‘स्टार छवि’ का गलत लाभ मिल रहा है।

 

उत्तराखंड

सीएम त्रिवेंद्र ने सचिवालय में की अहम बैठक, लापरवाह अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में सीएम डेशबोर्ड पर केपीआई के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की है।

उन्होंने कहा कि सेवा के अधिकार में अधिसूचित सेवाएं ऑनलाईन भी उपलब्ध होनी चाहिए। ई-डिस्ट्रिक्ट में वर्तमान की सेवाओं के साथ ही अन्य सेवाओं को भी शामिल किया जाए। जो जिला इसमें बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। विभागों को डिजी-लॉकर से जोड़ने के लिए सचिव समिति द्वारा विचार किया जाए। एक ही एप्प के अंतर्गत सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार में सेवाएं निर्धारित समय में दी जा रही है या नहीं, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग की जाए। सीएम हेल्पलाईन पर वर्तमान में प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित की जा रही है। रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे तक जो भी कॉल आती हैं, उनकी रिकार्डिंग की व्यवस्था की जाए और उन्हें संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित किया जाए।

सीएम हेल्पलाईन में सभी स्तरों के अधिकारियों की परफोरमेंस वेल्युशन किया जाए। लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक डिजीटल विलेज के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।

बैठक में बताए गए मुख्य बिंदु –

स्टेट डाटा सेंटर के अंतर्गत वर्तमान में 12 विभाग जुड़े

स्वान से 1474 कार्यालय जुड़ चुके हैं

मार्च 2020 तक 164 कार्यालय और जोड़ दिए जाएंगे

इन्वेस्टर्स समिट के बाद आईटी में 2286 करोड़ रूपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है

सीएम डेशबोर्ड से 33 विभाग जुड़े हैं

पीएमजी-दिशा  में युवाओं को डिजीटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है

 

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