Connect with us

प्रादेशिक

ट्रक टायर चुराने में दारोगा और सिपाही को जेल

Published

on

कन्नौज। स्थानीय अदालत ने ट्रक के टायर चुराकर बेचने के मामले में एक सिपाही और दरोगा की जमानत याचिका खारिज कर जेल भेज दिया। मामला कानपुर नगर जिले की पुलिस चौकी मकनपुर से जुड़ा हुआ है। जहां बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र की इस पुलिस चैकी मकनपुर में कुछ महीने पहले गोकशी के मामले में ट्रक पकड़ा गया था। ट्रक को पुलिस की निगरानी में मकनपुर चौकी परिसर में खड़ा कराया गया था।

चौकी प्रभारी राकेश प्रताप सिंह और पूर्व में मकनपुर चौकी में तैनात और वर्तमान में ठठिया थाने में तैनात सिपाही अशोक कुमार गिहार ने अपने सहयोगियों को लगाकर ट्रक के छह नए टायर खुलवाकर बेच दिए। ट्रक में पुराने टायर बंधवा दिए। घटना के समय निगरानी की जिम्मेदारी निभा रहे मकनपुर चौकी में तैनात सिपाही वीरेंद्र कुमार ने इस मामले में बिल्हौर कोतवाली में चौकी प्रभारी और सिपाही समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ टायर चोरी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की विवेचना में टायर चोरी होने का मामला सही पाया गया। इस पर पुलिस ने चौकी प्रभारी राकेश प्रताप सिंह और सिपाही अशोक कुमार गिहार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दोनों को जेल भेजने के आदेश दिए।

प्रादेशिक

कहीं बीहड़ के जंगलों में तो नहीं छिप गया आठ पुलिसवालों की हत्या का आरोपी विकास दुबे..

Published

on

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिस वालों की बेरहमी से हत्या करने वाला हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे अभी भी पुलिस की गिरफ्तार से दूर है। उसकी तलाश में पुलिस की सौ टीमें लगी हुई हैं। साथ ही राज्य की नेपाल से लगने वाली सीमा पर एसएसबी को भी अलर्ट किया गया है लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा है।

इस बीच यूपी के पूर्व डीजीपी रहे विक्रम सिंह ने कहा कि जिस तरह से औरैया में विकास दुबे की आखिरी लोकेशन ट्रेस हुई है, तो उससे बहुत संभावना है कि उसने इटावा के रास्ते चंबल के बीहड़ का रास्ता पकड़ लिया हो. बीहड़ के अंदर से होते हुए आगरा तक पहुंचा जा सकता है। आगरा पहुंचने के बाद एमपी और राजस्थान में दाखिल होना आसान हो जाता है। कुख्यात अपराधियों के मामले में अक्सर देखा गया है कि सेटिंग के चलते दो स्टेट की पुलिस में कोऑर्डिनेशन बनना मुश्किल हो जाता है या फिर दूसरे स्टेट की पुलिस दिखावे के लिए अपने यहां सर्च ऑपरेशन चलाती है, लेकिन अपराधी उसके यहां छिपा बैठा रहता है।

गौरतलब है कि कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव में गुरुवार- शुक्रवार की रात पुलिस और विकास दुबे के गिरोह के बीच खूनी मुठभेड़ हुई। पुलिस की टीम विकास दुबे के यहां रेड करने पहुंची थी। यहां पर विकास दुबे ने अपने गैंग के साथ पुलिस पर हमला किया, जिनमें आठ जवान शहीद हो गए।

#vikasdubey #bikruvillage #uttarpradesh

Continue Reading

Trending