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धौनी की टीम छठी बार फाइनल में

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Dhoni ipl final

रांची। रांची के जेएससीए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शुक्रवार को दो धुरंधर कप्तानों के बीच हुई अहम जंग में अंतत: मिस्टर परफेक्शनिस्ट माने जाने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धौनी एकबार फिर बीस साबित हुए और रिकॉर्ड छठी बार आईपीएल के फाइनल में प्रवेश कर लिया। धौनी (26) ने अपने चिर परिचित अंदाज में शुक्रवार को हुए आईपीएल-8 के दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ अपनी टीम को तीन विकेट से जीत दिला दी।

हालांकि सुपर किंग्स की जीत के नायक अनुभवी तेज गेंदबाज आशीष नेहरा रहे, जिन्होंने रॉयल चैलेंजर्स के तीन बल्लेबाजों को चलता किया। नेहरा आईपीएल के एक सीजन में तीन या उससे अधिक विकेट पांच बार हासिल करने के मामले में सोहैल तनवीर के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गए। सुपर किंग्स की जीत में अर्धशतकीय पारी खेलने वाले माइकल हसी (56) का योगदान भी अहम रहा। सुपर किंग्स अब रविवार को रोहित शर्मा की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस से भिड़ेंगे।

विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स का इसके साथ ही आईपीएल में पहला खिताब जीतने का अभियान यहीं समाप्त हो गया। रॉयल चैलेंजर्स, सुपर किंग्स के सामने जीत के लिए 140 रनों का औसत लक्ष्य ही रख पाए थे हालांकि उनके गेंदबाजों ने इस औसत लक्ष्य को हासिल करने में भी सुपर किंग्स को कड़ा संघर्ष करने पर मजबूर किया। सुपर किंग्स सात विकेट खोकर एक गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर सके।

छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरे सुपर किंग्स ने धीमी लेकिन सधी शुरुआत की। चौथे ओवर में सलामी बल्लेबाज ड्वायन स्मिथ (17) का विकेट सस्ते में गंवाने के बाद हसी ने फाफ दू प्लेसिस (21) के साथ दूसरे विकेट के लिए 40 रनों की साझेदारी कर टीम को स्थिरता प्रदान की। 10वां ओवर लेकर आए युजवेंद्र चहल ने लेकिन एक ही ओवर में प्लेसिस के बाद सुरेश रैना को भी खाता खोले बगैर पवेलियन की राह दिखा मैच को थोड़ा रोमांचक मोड़ दिया। हालांकि सुपर किंग्स कभी भी मुसीबत में नजर नहीं आए। इसके बाद क्रीज पर उतरे धौनी ने हसी के साथ चौथे विकेट के लिए 47 रन जोड़कर टीम को 100 के पार पहुंचाया। हसी 46 गेंदों पर तीन चौका और दो छक्का लगाने के बाद 17वें ओवर में डेविड वीज की गेंद शॉर्ट फाइन लेग पर खड़े हर्षल पटेल की ओर उछाल दिया, जिसे पटेल ने आसानी से लपक लिया।

17वें ओवर की समाप्ति के बाद सुपर किंग्स को आखिरी के 18 गेंदों में जीत के लिए 27 रनों की दरकार थी और क्रीज पर उतरे पवन नेगी (12) ने 18वें ओवर में एक छक्के के साथ 14 रन जोड़कर टीम को जीत के करीब पहुंचाया। हालांकि 19वां ओवर लेकर आए मिशेल स्टार्क ने मात्र आठ रन देकर ओवर की आखिरी दो गेंदों पर लगातार नेगी और ड्वायन ब्रावो के विकेट चटका मैच को फिर से रोचक बना दिया। अब सुपर किंग्स को जीत के लिए आखिरी छह गेंदों में पांच रन चाहिए थे और कप्तान धौनी क्रीज पर थे। हालांकि धौनी स्कोर बराबरी पर लाने के बाद आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर विकेट के पीछे लपक लिए गए और विजयी रन बनाने का श्रेय रविचंद्रन अश्विन ले गए।

इससे पहले, टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरे रॉयल चैलेंजर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में आठ विकेट गंवाकर 139 रन बनाए। रॉयल चैलेंजर्स टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। मैच के पहले ओवर में नेहरा की गेंद पर गेल एकमात्र छक्का लगा सके और शेष गेंदों पर कोई रन नहीं बना पाए। सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने अपने घरेलू मैदान पर सभी को चौंकाते हुए दूसरे ओवर में ही स्पिन गेंदबाज अश्विन को आक्रमण पर बुलाया लेकिन सुपर किंग्स को पहली सफलता नेहरा ने ही दिलाई।

नेहरा ने पांचवें ओवर की पहली गेंद पर कोहली (12) को मोहित शर्मा के हाथों शॉर्ट फाइन लेग पर कैच करवा दिया। नेहरा ने इसी ओवर की आखिरी गेंद पर विस्फोटक बल्लेबाज अब्राहम डिविलियर्स (1) को भी चलता कर रॉयल चैलेंजर्स को बड़ा झटका दे दिया। पिछले मैच में नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलने वाले मंदीप सिंह (4) इस मैच में कुछ नहीं कर सके और अश्विन का पहला शिकार हुए। अश्विन ने उन्हें हसी के हाथों कैच कराया।

इस बीच अपने स्वाभाविक खेल के विपरीत संभलकर खेल रहे क्रिस गेल (41) ने दिनेश कार्तिक (28) के साथ चौथे विकेट के लिए 44 रनों की धीमी साझेदारी निभाई और टीम को संभालने की कोशिश की। गेल बेहद संभलकर खेल रहे थे, लेकिन जैसे ही उन्होंने आक्रामक रुख अपनाया सुरेश रैना ने उनको अपनी ही गेंद पर लपक लिया और पवेलियन की राह दिखा दी। 14वां ओवर लेकर आए रैना की शुरुआती दो गेंदों पर लगातार दो छक्का लगाने के बाद गेल चौथी गेंद पर अपनी विकेट गंवा बैठे। गेल ने 43 गेंदों की अपनी पारी में कुल दो चौके और तीन छक्के लगाए।

रॉयल चैलेंजर्स आखिरी के पांच ओवरों में 49 रन बना सके और चार विकेट गंवाए। आखिरी के ओवरों में सरफराज खान (31) ने कुछ अच्छे शॉट खेले और 21 गेंदों का सामना कर चार चौके जड़े। डेविड वीज (12) सात गेंदों में एक छक्का लगाया। धौनी के आखिरी ओवर के पसंदीदा गेंदबाज ड्वायन ब्रावो ने आखिरी ओवर में आठ रन देकर दो विकेट हासिल किए, जिसमें हर्षल पटेल (2) को धौनी ने रन आउट किया। नेहरा ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए, जबकि अश्विन सबसे किफायती साबित हुए।

आध्यात्म

हनुमान जयंती : कीजिए श्री हनुमान चालीसा का पाठ कट जाएगा हर संकट

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दोहा :

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।।
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

चौपाई :

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।

रामदूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी।।

कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुंडल कुंचित केसा।।

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
कांधे मूंज जनेऊ साजै।

संकर सुवन केसरीनंदन।
तेज प्रताप महा जग बन्दन।।

विद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर।।

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया।।

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
बिकट रूप धरि लंक जरावा।।

भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्र के काज संवारे।।

लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा।।

जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा।।

तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
लंकेस्वर भए सब जग जाना।।

जुग सहस्र जोजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।

दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रक्षक काहू को डर ना।।

आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हांक तें कांपै।।

भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।।

नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा।।

संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।

सब पर राम तपस्वी राजा।
तिन के काज सकल तुम साजा।

और मनोरथ जो कोई लावै।
सोइ अमित जीवन फल पावै।।

चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा।।

साधु-संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे।।

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता।।

राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा।।

तुम्हरे भजन राम को पावै।
जनम-जनम के दुख बिसरावै।।

अन्तकाल रघुबर पुर जाई।
जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।।

और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।

संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।

जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बंदि महा सुख होई।।

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा।।

तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।।

दोहा :

पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

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