Connect with us

मुख्य समाचार

आईपीएल-8 : रॉयल चैलेंजर्स को मिला 149 रनों का लक्ष्य

Published

on

चेन्नई,चेन्नई सुपर किंग्स,एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम,आईपीएल-8,रॉयल चैलेंजर्स,सुरेश रैना,फाफ दू प्लेसिस,बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्लम

चेन्नई | चेन्नई सुपर किंग्स ने एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में सोमवार को जारी आईपीएल-8 के 37वें मैच में रॉयल चैलेंजर्स के सामने जीत के लिए 149 रनों का लक्ष्य रखा है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए सुपर किंग्स ने निर्धारित 20 ओवरों में नौ विकेट के नुकसान पर 148 रन बनाए।

शुरुआत में ही दो विकेट गिर जाने के बाद सुरेश रैना (52) और फाफ दू प्लेसिस (24) ने तीसरे विकेट के लिए 64 रनों की अहम साझेदारी निभाई और टीम को संभाला। हर्षल पटेल ने हालांकि पारी के 15वें ओवर की पहली गेंद पर प्लेसिस और फिर आखिरी गेंद पर रैना को आउट कर सुपर किंग्स को बड़ा झटका दिया। रैना ने 46 गेंदों की पारी में पांच चौके और एक छक्का लगाया। एक ही ओवर में गिरे दो विकेट का असर सुपर किंग्स की रन गति पर पड़ा और तेजी से रन बटोरने के प्रयास में नीचले क्रम के बल्लेबाज एक के बाद एक पवेलियन लौटते चले गए।

इस बीच कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (29) ने 18 गेंदों की पारी में दो चौके और दो छक्के लगाकर तेजी से रन जोड़ने की कोशिश जरूर की लेकिन 19वें ओवर में डेविड वीज ने उन्हें मिशेल स्टार्क के हाथों कैच करा दिया। इससे पूर्व, रॉयल चैलेंजर्स की ओर से स्टार्क ने गेंदबाजी का मोर्चा संभाला और पहले ही ओवर में ड्वायन स्मिथ (0) के रूप में सुपरकिंग्स को पहला झटका दिया। पहली ही ओवर विकेट मेडन रहा।

टीम की रनसंख्या में अभी 34 रन और जुड़े थे कि विस्फोटक बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्लम (20) छठे ओवर में वीज की गेंद पर इकबाल अब्दुल्ला को कैच दे बैठे। रॉयल चैलेंजर्स की ओर से स्टार्क ने तीन जबकि वीज और हर्षल ने दो-दो सफलता हासिल की। युजवेंद्र चहल को एक विकेट मिला। हर्षल ने बेहद कसी हुई गेंदबाजी की और चार ओवरों के अपने स्पेल में मात्र 19 रन दिए।

प्रादेशिक

केरल-पंजाब के बाद अब राजस्थान विधानसभा में भी पास हुआ CAA के खिलाफ प्रस्ताव

Published

on

जयपुर केरल, पंजाब के बाद राजस्थान विधानसभा ने भी शनिवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रस्ताव पास कर दिया। इसी के साथ राजस्थान सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पास करने वाला तीसरा राज्य बन गया है।

केरल और पंजाब के बाद ऐसा प्रस्ताव पास करने वाला राजस्थान तीसरा राज्य बन गया है। राजस्थान विधानसभा में सीएए के खिलाफ पेश प्रस्ताव में कहा गया कि संसद द्वारा अनुमोदित सीएए के जरिए धर्म के आधार पर अवैध प्रवासियों को निशाना बनाया गया है।

धर्म के आधार पर ऐसा भेदभाव ठीक नहीं है। यह संविधान की धर्मनिरपेक्ष वाली मूल भावना के खिलाफ है। यही कारण है कि सीएए के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। संकल्प में एनआरसी और असम का भी जिक्र किया गया है।

हालांकि, राजस्थान विधानसभा में सीएए के साथ ही एनपीआर में हुए संशोधनों को लेकर भी संकल्प पास हुआ। राजस्थान पहला राज्य है, जहां एनपीआर के संशोधनों को लेकर कोई संकल्प पास किया गया है।

इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही 10 फरवरी सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। शनिवार को जब सदन में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया गया तो विपक्ष ने विरोध किया।

भाजपा सदस्य वेल में चले आए और सीएए के समर्थन में नारे लगाए। इससे पहले एससी-एसटी आरक्षण को बढ़ाने वाला 126वां संशोधन प्रस्ताव पारित किया गया।

केरल विधानसभा ने 31 दिसंबर 2019 और पंजाब विधानसभा ने 17 जनवरी को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending