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ब्रिटेन में बर्ड फ्लू की पुष्टि

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लंदन| उत्तरी इंग्लैंड में एक ब्रिटिश फार्म में बर्डफ्लू की पुष्टि हुई है, और इसके वायरस की पहचान एच5एन8 के रूप में हुई है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि बर्डफ्लू का यही वायरस हाल ही में नीदरलैंड्स और जर्मनी में भी पाया गया था।

पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी यॉर्कशायर में पिछले रविवार को बर्डफ्लू के एक मामले की पुष्टि हुई थी।

पर्यावरण, खाद्य एवं ग्रामीण मामलों के विभाग (डेफ्रा) के मुताबिक, बीमारी की पुष्टि कर दी गई है, क्योंकि एच5एन8 वायरस नीदरलैंड और जर्मनी में पाए गए वायरस से मिलता जुलता है।

हालांकि इंग्लैंड के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस वायरस से सार्वजनिक स्वास्थ्य को नुकसान होने की संभावना बहुत कम है। खाद्य मानक एजेंसी ने बताया कि उपभोक्ताओं को खाद्य सुरक्षा का कोई जोखिम नहीं है।

बीबीसी के मुताबिक, यूरोपीय संघ (ईयू) के अधिकारियों ने बगता कि ब्रिटिश बर्ड फ्लू और नीदरलैंड्स और जर्मनी के लिए सर्दियों में दक्षिण की ओर जा रहे प्रवासी पक्षी जिम्मेदार हो सकते हैं।

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इस देश के डॉक्टरों ने किया बड़ा दावा, अब कमजोर पड़ने लगा है कोरोना वायरस

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस दुनियाभर के लगभग 62 लाख लोगों को अपना शिकार बना चुका है। इस खतरनाक बीमारी से मरने वालों की संख्या 3 लाख 71 हजार के पार चली गई है।

इस बीच इटली के टॉप डॉक्टर्स ने कोरोना को लेकर एक अच्छी खबर दी है। इस देश के डॉक्टर्स के दावे के मुताबिक  वायरस धीरे-धीरे अपनी क्षमता खो रहा है और अब उतना जानलेवा नहीं रह गया है।

डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना वायरस अब कमजोर पड़ रहा है। जेनोआ के सैन मार्टिनो अस्पताल में संक्रामक रोग प्रमुख डॉक्टर मैट्टेओ बासेट्टी ने ये जानकारी न्यूज एजेंसी ANSA को दी।

डॉक्टर मैट्टेओ ने कहा, कोरोना वायरस अब कमजोर हो रहा है. इस वायरस में अब वैसी क्षमता नहीं रह गई है जैसी दो महीने पहले थी। स्पष्ट रूप से इस समय की COVID-19 बीमारी अलग है।’

लोम्बार्डी के सैन राफेल अस्पताल के प्रमुख अल्बर्टो जांग्रिलो ने RAI टीवी को बताया,  ‘वास्तव में, वायरस क्लीनिकली रूप से अब इटली में मौजूद नहीं है। पिछले 10 दिनों में लिए गए स्वैब सैंपल से पता चलता है कि एक या दो महीने पहले की तुलना में अब इनमें वायरल लोड की मात्रा बहुत कम है।’

इटली में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है और COVID-19 से होने वाली सबसे ज्यादा मौतों में इटली तीसरे नंबर पर है। हालांकि मई महीने में यहां संक्रमण के नए मामलों और मौतों में तेजी से गिरावट आई है और यहां कई जगहों पर सख्त लॉकडाउन को खोला जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की एक मंत्री सैंड्रा जम्पा ने एक बयान में कहा, ‘कोरोना वायरस खत्म होने वाली बातों के लिए लंबित पड़े वैज्ञानिक प्रमाणों का सहारा लिया जा रहा है। मैं उन लोगों से कहती हूं कि इटली के लोगों को भ्रमित ना करें।’

सैंड्रा जम्पा ने कहा, ‘इसके बजाय हमें लोगों से अधिक सावधानी बरतने, फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाए रखने, भीड़ में ना जानें, बार-बार हाथ धोने और मास्क पहनने के लिए कहना चाहिए।’

 

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