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सतलोक आश्रम में 4 महिलाओं की मौत का दावा

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चंडीगढ़| विवादित संत रामपाल के आश्रम के अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि आश्रम परिसर में की गई पुलिस कार्रवाई में कम से कम चार महिलाओं की मौत हो गई है। आश्रम के प्रवक्ता राज कपूर ने कहा कि महिलाओं की मौत पुलिस कार्रवाई में हुई है। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक एस.एन. वशिष्ठ ने कहा कि रामपाल की गिरफ्तारी के लिए की गई पुलिस कार्रवाई में कोई मौत नहीं हुई है।

वशिष्ठ ने मीडिया से कहा, “पुलिस कार्रवाई में कोई मौत नहीं हुई है। कुल 109 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। नौ पुलिसकर्मियों को गोली लगी है। एक एसएचओ के गले में गोली लगी है।” उन्होंने कहा कि जली हुई अवस्था में एक महिला को अस्पताल में भर्ती कराया है।  वशिष्ठ ने कहा, “अंदर लोग बंधक बने हुए हैं। उनमें से अधिकांश बेगुनाह हैं और हम नहीं चाहते कि उन्हें किसी तरह का नुकसान हो। पुलिस ने बहुत संयम दिखाया है।” रामपाल के अनुयायियों ने एक जेसीबी मशीन को आग के हवाले कर दिया, जिसे पुलिस ने आश्रम परिसर की एक दीवार तोड़ने के लिए लाया था।

नेशनल

दिल्ली हिंसा: पुलिस को फटकार लगाने वाले जज का हुआ तबादला, कांग्रेस ने उठाए सवाल

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नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को फटकार वाले जज एस मुरलीधर का तबादला दिल्ली हाई कोर्ट से पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में कर दिया गया है। सुप्रीम कॉलिजियम ने बीती 12 फरवरी को जस्टिस मुरलीधर के तबादले को लेकर सुझाव दिया था जिसके बाद बुधवार को इससे संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे के साथ विचार-विमर्श करने के बाद फैसला लिया है।

वहीँ, जज के तबादले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस फैसले को दुखद बताया। इसबीच उनके भाई तथा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने न्यायमूर्ति लोया के याद करते हुए केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया, जिनकी मौत पर राजनीतिक विवाद हुआ था। प्रियंका ने ट्वीट किया, “वर्तमान स्थिति को देखते हुए न्यायमूर्ति मुरलीधर का आधी रात को ट्रांसफर चौंकाने वाली घटना नहीं है, लेकिन यह दुखद और शर्मनाक है।”

स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए उन्होंने आरोप लगाया, “लाखों भारतीय नागरिकों को ईमानदार न्यायपालिका पर विश्वास है, लेकिन न्याय को विफल करने और उनके विश्वास को तोड़ने का सरकार का प्रयास दुस्साहस भरा है।” इसी दौरान उनका साथ देते हुए राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर दिया, “बहादुर जज लोया की याद आई, जिनका ट्रांसफर नहीं हुआ था।” न्यायाधीश बी.एच. लोया सोहराबुद्दीन मामले की सुनवाई कर रहे थे, जब दिसंबर 2014 में उनकी नागपुर में संदिग्ध मौत हो गई थी। कानून एवं न्याय मंत्रालय ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर का स्थानांतरण (ट्रांसफर) पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट कर दिया था।

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