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इटावा की छात्राएं मार्शल आर्ट में बनाएंगी विश्व रिकार्ड

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इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के चार स्कूलों की 1700 छात्राएं 26 अप्रैल को एक साथ मार्शल आर्ट का प्रदर्शन कर विश्व रिकार्ड बनाएंगी। प्रदेश की हर लड़की मार्शल आर्ट सीखे, इसके लिए शासन ने आदेश भी जारी किए हैं। राज्य महिला आयोग ने प्रदेशभर के राजकीय बालिका इंटर कालेज की छात्राओं को मार्शल आर्ट स्पेशल कमांडो ट्रेनिंग की जिम्मेदारी यश भारती सम्मान प्राप्त व विश्व रिकार्ड धारक अभिषेक यादव को सौंपी है।

प्रशिक्षण की शुरुआत राजधानी लखनऊ के अलावा इटावा में भी शुरू की जा चुकी है। इटावा के संत विवेकानंद पब्लिक स्कूल में मार्शल आर्ट कैम्प लगाकर एक हजार छात्राओं को मार्शल आर्ट के गुर सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षक अभिषेक यादव ने कहा कि आजकल छात्राएं घर से बाहर निकलने में संकोच करती हैं। बहुत जरूरी हुआ तो अपने भाई व परिवार के किसी सदस्य के साथ ही बाहर निकल पाती हैं। प्रशिक्षण लेने के बाद छात्राएं बेखौफ अकेली निकल पाएंगी और अराजक तत्वों का डटकर मुकाबला करेंगी। मार्शल आर्ट छात्राओं को नई दिशा देगा।

स्कूल के प्राचार्य डॉ. आनंद ने बताया कि इटावा की छात्राएं पहली बार इतिहास रचने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 26 अप्रैल को चार स्कूलों की 1700 छात्राएं एक साथ मार्शल आर्ट का प्रदर्शन कर विश्व रिकार्ड बनाएंगी।

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यूपी में अब ‘लव जिहाद’ करने वालों को की खैर नहीं, मिलेगी 10 साल की सज़ा

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में गैरकानूनी धर्मातरण समेत 21 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। अध्यादेश के मुताबिक, धोखे से धर्म बदलवाने पर 10 साल तक की सजा होगी। इसके अलावा धर्म परिवर्तन के लिए जिलाधिकारी को दो महीने पहले सूचना देनी होगी।

यूपी कानून आयोग के अध्यक्ष आदित्यनाथ मित्तल ने भी कहा कि दो अलग-अलग धर्म के लोग आपस में शादी कर सकते हैं, लेकिन नए कानून में व्यवस्था अवैध रूप से धर्मातरण को लेकर है। इसमें 3 साल, 7 साल और 10 साल की सजा का प्रावधान है। नए कानून के जरिए अवैध रूप से धर्मातरण कर शादी करने पर रोक लगेगी। गौरतलब है कि यूपी सरकार ने ऐलान किया था कि हम लव जिहाद पर नया कानून बनाएंगे ताकि लालच, दबाव, धमकी या झांसा देकर शादी की घटनाओं को रोका जा सके।

यूपी सरकार में मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि अध्यादेश में धर्म परिवर्तन के लिए 15,000 रुपये के जुर्माने के साथ 1-5 साल की जेल की सजा का प्रावधान है। अगर एससी-एसटी समुदाय की नाबालिगों और महिलाओं के साथ ऐसा होता है तो 25,000 रुपये के जुर्माने के साथ 3-10 साल की जेल होगी।

उन्होंने कहा कि यूपी कैबिनेट उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म समपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020 लेकर आई है, जो उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था सामान्य रखने के लिए और महिलाओं को इंसाफ दिलाने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों में 100 से ज्यादा घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें जबरन धर्म परिवर्तित किया जा रहा है। इसके अंदर छल-कपट, बल से धर्म परिवर्तित किया जा रहा है।

अध्यादेश में धर्म परिवर्तन के इच्छुक होने पर विहित प्रारुप पर जिलाधिकारी को 2 महीने पहले सूचना देनी होगी, इसका उल्लंघन किए जाने पर 6 महीने से 3 साल तक की सजा और जुर्माने की राशि 10 हजार रुपये से कम की नहीं होने का प्रावधान है।

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