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नेताजी के परिवार ने उठाई मांग, नेहरू से वापस लिया जाए भारत रत्न

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कोलकाता। महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस के एक वंशज ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा कथित तौर पर नेताजी के परिवार के सदस्यों की जासूसी के खुलासे के मद्देनजर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से भारत रत्न वापस ले लेना चाहिए। परिवार के एक सदस्य चंद्र कुमार बोस ने कहा कि इस खुलासे के बाद नेहरू का चरित्र लोगों के सामने आ गया है।

नेताजी के परपोते चंद्र कुमार ने कहा कि भारत रत्न एक नागरिक सम्मान है और नेहरू का जिस तरह का चरित्र सामने आया है, उससे वह इस सम्मान के लायक नहीं हैं। देश के लोगों की यह मांग है कि उनसे भारत रत्न वापस लिया जाना चाहिए। लेखक व शोधकर्ता अनुज धर के मुताबिक, बोस के दो भतीजों -शिशिर कुमार बोस तथा अमिय नाथ बोस- सहित कई निकट संबंधियों की 1948-68 के दौरान 20 वर्षों तक कथित तौर पर जासूसी की गई। इन 20 सालों में 16 साल तक नेहरू देश के प्रधानमंत्री थे।

नेताजी से संबंधित 150 से अधिक गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग के बीच नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक अंतर-मंत्रालयी समिति गठित कर रही है, जो इन फाइलों के संदर्भ में शासकीय गुप्तता अधिनियम की समीक्षा करेगी।

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बडगाम में आतंकियों ने भाजपा नेता को उतारा मौत के घाट

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जम्मू| जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने भाजपा नेता की गोली माकर हत्या कर दी। मृतक अब्दुल हमीद नाजर बडगाम जिले के ओमपोरा इलाके में भारतीय जनता पार्टी के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के जिलाध्यक्ष थे। अब्दुल हमीद नजर को आतंकवादियों ने रविवार की सुबह उनके घर के पास गोली मार दी थी। वह सुबह की सैर के लिए घर से निकले थे।

गोलियां लगने से गंभीर रूप से घायल हुए नजर को अस्पताल ले जाया गया जहां सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

आतंकी विशेष रूप से भाजपा नेताओं को निशाना बना रहे हैं। जून माह से अब तक चार भाजपा नेताओं पर हमले हो चुके हैं। 11 जुलाई को बांदीपोरा के पूर्व जिला अध्यक्ष वसीम बारी की उनके पिता और भाई समेत हत्या कर दी गई थी। इसके बाद 15 जुलाई को सोपोर में भाजपा नेता मेहराजुद्दीन मल्ला को अगवा किया गया था, हालांकि इन्हें दस घंटे में ही मुक्त करा लिया गया था। इसके बाद चार अगस्त को कुलगाम में पंच पीर आरिफ अहमद शाह को गोली मार दी गई थी,छह अगस्त को सज्जाद खांडे की हत्या कर दी गई।

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