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‘हिट एंड रन’ मामले में कल फैसला सुनाएगी कोर्ट

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मुंबई। सुपरस्टार सलमान खान के ‘हिट एंड रन’ मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डी.डब्ल्यू. देशपांडे मंगलवार को फैसला सुनाएंगे। यह जानकारी यहां सोमवार को एक अधिकारी ने दी। अदालत के समक्ष सलमान के वकील श्रीकांत शिवादे की अंतिम जिरह सोमवार दोपहर पूरी हो गई।

इससे पहले मामले में फैसला सुनाने के लिए सोमवार का दिन तय किया गया था, लेकिन बाद में इसे एक दिन के लिए टाल दिया गया। उल्लेखनीय है कि 28 सितंबर, 2002 को सलमान ने मुंबई के बांद्रा इलाके में अपनी कार से पटरी पर सो रहे पांच लोगों को कुचल दिया था। जिनमें से एक की मौत हो गई थी और चार लोग घायल हुए थे। सलमान पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304-दो (गैर इरादतन हत्या), धारा 279(तेज रफ्तार एवं लापरवाही से ड्राइविंग), धारा 337 व 338 (जान जोखिम में डालना व गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 427(गलत हरकत से संपत्ति को नुकसान) के तहत आरोप तय किए गए हैं। इन सभी धाराओं में अलग-अलग सजा का प्रावधान है।

इसके अलावा उन पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 34 ए, बी के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 181(नियमों का उल्लंघन कर वाहन चलाना) व 185(नशे में तेज रफ्तार से वाहन चलाना) और बांबे प्रोहिबिशन एक्ट की धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं। इनमें भी अलग-अलग सजा का प्रावधान है।

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भारत के इस राज्य में तैयार हुआ कोरोना से लड़ने वाला रोबोट, डॉक्टरों में खुशी

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pic - ANI

कोरोना महामारी के बीच एक आशा की खबर सामने आ रही इंजीनीयरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्र ने घर बैठे एक ऐसा रोबोट तैयार किया है ,जो कोरोना महामारी में इन डाक्टरों की मदद तो करेगा ही साथ ही उन्हें इस बीमारी से बचायेगा और कोरोना पीड़ित मरीजों की भी सेवा करेगा।

महासमुंद जिले के गुडरूपारा निवासी इंजीनियरिंग के छात्र योगेश कुमार साहू ने अपने दो मित्रो ( प्रवीण वर्मा और रिषिकेश यादव ) की मदद से बनाया है। योगेश छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद टेक्निकल यूनीर्वसिटी भिलाई का बीई अंतिम वर्ष का छात्र है।

इस रोबोट को बनाने के लिए योगेश ने मेटल शीट, पीवीसी पाइप, लकड़ी, ग्यारह मोटर, माइक्रो फोन ,स्पीकर और इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड का उपयोग किया। रोबोट के आँखो में एलईडी लाईट का उपयोग किया। रोबोट किसी भी चीज को उठाकर एक जगह से दूसरी जगह ले जा सके इसके लिए रोबोट को मोबाईल फोन से कनेक्ट किया।

इस प्रकार रोबोट तैयार हो गया और रोबोट को बनाने में 5 हजार रूपये का खर्च आया। इस रोबोट का उपयोग अस्पतालों में मरीजों की देखभाल में किया जा सकता है,जो कोरोना जैसे बीमारियों से ग्रसित हो। इसका उपयोग कारखानो में मानेटरिंग, आर्मी में, केमिकल स्प्रे में, सुरंग में, न्यूक्लियर प्लांट में एवं लैंड माईन का पता लगाने और बम को निष्क्रिय करने में भी किया जा सकता है।

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