Connect with us

खेल-कूद

फॉर्मूला-ई का भविष्य उज्‍जवल : चंडोक

Published

on

बेंगलुरू| भारतीय फॉर्मूला-1 चालक करुण चंडोक का मानना है कि फॉर्मूला-ई रेस आने वाले समय में स्थायी होगा और कहा कि इलेक्ट्रिक कारों की इस रेस का किसी अन्य टूर्नामेंट से कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। फॉर्मूला-ई रेस की शुरुआत 13 सितंबर को बीजिंग में हुई पहली चैम्पियनशिप रेस के साथ हो गई। चंडोक फॉर्मूला-ई रेसिंग में महिंद्रा रेसिंग टीम के चालक हैं। चंडोक ने सोमवार को कहा कि यह चैम्पियनशिप मोटर रेसिंग की दुनिया में नए युग की शुरुआत करने वाला है, वहीं नई पीढ़ी को अपने पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने वाला भी है।

चंडोक ने कहा, “फॉर्मूला-ई की राह में दो बाधाए हैं। पहली जहां एक नए उत्पाद को बाजार में लोकप्रिय बनाना है तो दूसरे तकनीकी चुनौती भी है। समय के साथ लेकिन यह चैम्पियनशिप निश्चित ही काफी ऊपर जाएगा।” चंडोक ने कहा, “अभी तो चैम्पियनशिप में सभी कारें एकसमान हैं और टीमों को उनमें सिर्फ मामूली फेरबदल करने की छूट है। लेकिन अगले कुछ वर्षो में टीमों को ज्यादा छूट मिल सकेगी, जो कई चरणों में होगा। मोटर रेसिंग की यह नई चैम्पियनशिप पर्यावरण के प्रति कहीं अधिक संवेदनशील युवा पीढ़ी में रेसिंग की नई संस्कृति विकसित करेगी।”

चंडोक के अलावा महिंद्रा रेसिंग में एक अन्य चालक ब्राजील के ब्रूनो सेन्ना भी हैं। फॉर्मूला-1 से फॉर्मूला-ई में हिस्सा लेने पर चंडोक ने स्वीकार किया कि दोनों चैम्पियनशिप में जमीन-आसमान का अंतर है, लेकिन प्रतिस्पर्धा के लिहाज से दोनों में कोई अंतर नहीं है।

खेल-कूद

पूर्व क्रिकेटर कपिल देव को पड़ा दिल का दौरा, दिल्ली के अस्पताल में करवाई एंजियोप्लास्टी

Published

on

नई दिल्ली। भारत को 1983 का क्रिकेट वर्ल्ड कप दिलवाने वाले दिग्गज क्रिकेटर कपिल देव को दिल का दौरा पड़ा है जिसके बाद उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में एंजियोप्लास्टी करवाई है।

फिलहाल वह खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं और उनकी हालत स्थिर है। कपिल देव की यह खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके स्वास्थ्य लाभ को लेकर दुआओं का सिलसिला शुरू हो गया है। यूजर उनके जल्छ ठीक होने की कामना कर रहे हैं।

कपिल देव की कप्तानी में भारत ने 1983 में पहला वर्ल्ड कप जीता था। कपिल देव एक बेहतरीन ऑलराउंडर रहे हैं।

Continue Reading

Trending