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ICMR तक पहुंचा कोरोना वायरस, वरिष्ठ वैज्ञानिक हुए संक्रमित

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नई दिल्ली। भारतीय आयु्र्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) तक कोरोना वायरस पहुंच चुका है। जानकारी के अनुसार वरिष्ठ वैज्ञानिक कोरोना की चपेट में आ गए हैं। इसकी जानकारी मिलते ही पूरी बिल्डिंग को सैनिटाइज किया जा रहा है।

कोरोना संक्रमित ये वैज्ञानिक मुंबई के रहने वाले हैं और कुछ दिन पहले ही दिल्ली पहुंचे हैं। रविवार सुबह को उनको कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है। ये मुंबई में ICMR के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन रिप्रोडक्टिव हेल्थ में वैज्ञानिक हैं।

कोरोना केस मिलने के बाद आइसीएमआर बिल्डिंग को दो दिनों तक सैनिटाइज और फ्यूमिगेट किया जाएगा। पिछले हफ्ते ही साइंटिस्ट एक बैठक में शामिल हुए थे, जिसमें ICMR के डायरेक्टर जनरल डॉक्टर बलराम भार्गव समेत अन्य लोग भी मौजूद थे।

प्रशासन की तरफ से सभी ICMR कर्मचारियों को घर से काम करने का संदेश दिया गया है, क्योंकि हेडक्वार्टर में फिलहाल सैनिटाइजेशन और फ्यूमीगेशन चल रहा है। इसके अलावा संदेश में यह भी कहा गया है कि अगर जरूरत हुई तो सिर्फ COVID-19 कोर टीम को आने की अनुमति होगी।

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मंदिर का सुरक्षा गार्ड या पुलिस, किसके हिस्से में जाएंगे पांच लाख

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कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिस वालों का हत्यारा विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया है। सात दिनों तक पुलिस से आंख मिचौली का खेल खेल रहा विकास दुबे आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ ही गया। अब सभी की नजरें उस इनामी राशि पर टिक गई हैं जो विकास दुबे को पकड़ने वाले को मिलने वाली थी।

विकास दुबे पर पहले 25 हजार का इनाम था, जिसको बढ़ाकर 50 हजार, फिर 1 लाख और फिर 2.5 लाख किया गया था। इसके बाद विकास दुबे पर इनामी राशि बढ़कर पांच लाख कर दी गई थी। अब सवाल ये उठता है है कि ये पांच लाख रु मंदिर के उस गार्ड को मिलेंगे जिसने विकास दुबे को सबसे पहले पहचाना था या फिर उज्जैन पुलिस जिसने उसे गिरफ्तार किया।

मंदिर परिसर की ओर से देखा जाए तो सवाल यह उठ रहा है कि अगर सुरक्षाकर्मियों ने ध्यान नहीं दिया होता तो शायद विकास वहां से भी भाग निकलता। इनामी राशि मध्यप्रदेश पुलिस को भी दी जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो मंदिर परिसर का सवाल करना भी वाजिब होगा। हालांकि इसमें पुलिस का पक्ष भी अपने आप में मजबूत है कि अगर पुलिस चौकन्नी नहीं रहती तो मंदिर परिसर द्वारा दी गई सूचना के बावजूद विकास फरीदाबाद की तरह वहां से भी भाग सकता था।

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