Connect with us

नेशनल

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा में दिखे कोरोना के लक्षण, अस्पताल में भर्ती

Published

on

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) के मामले लगातार बढ़ते चले जा रहे हैं। इस बीच खबर है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा में कोरोना के लक्षण दिखने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के मुताबिक संबित को कोविड-19 के लक्षण दिखने के गुरुग्राम के मेदांता अस्पताला में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, बीजेपी की ओर से अभी तक संबित के स्वास्थ्य को लेकर कोई औपचारिक बयान नहीं दिया गया है।

मध्य प्रदेश के कद्दावर बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर संबित पात्रा के जल्द स्वस्थ होनो की प्रार्थना की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि संबित पात्रा के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

दिल्ली बीजेपी के नेता तेजिंदर पाल बग्गा ने भी संबित पात्रा के जल्द ठीक होने की कामना करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि जल्दी ठीक हों संबित भाई।
गौरतलब है कि भारत में अब तक 1 लाख 58 हजार से अधिक लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं और 4500 से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है। वहीं 67 हजार से अधिक लोग अबतक इस बीमारी से ठीक भी हो चुके हैं।

 

नेशनल

मंदिर का सुरक्षा गार्ड या पुलिस, किसके हिस्से में जाएंगे पांच लाख

Published

on

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिस वालों का हत्यारा विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया है। सात दिनों तक पुलिस से आंख मिचौली का खेल खेल रहा विकास दुबे आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ ही गया। अब सभी की नजरें उस इनामी राशि पर टिक गई हैं जो विकास दुबे को पकड़ने वाले को मिलने वाली थी।

विकास दुबे पर पहले 25 हजार का इनाम था, जिसको बढ़ाकर 50 हजार, फिर 1 लाख और फिर 2.5 लाख किया गया था। इसके बाद विकास दुबे पर इनामी राशि बढ़कर पांच लाख कर दी गई थी। अब सवाल ये उठता है है कि ये पांच लाख रु मंदिर के उस गार्ड को मिलेंगे जिसने विकास दुबे को सबसे पहले पहचाना था या फिर उज्जैन पुलिस जिसने उसे गिरफ्तार किया।

मंदिर परिसर की ओर से देखा जाए तो सवाल यह उठ रहा है कि अगर सुरक्षाकर्मियों ने ध्यान नहीं दिया होता तो शायद विकास वहां से भी भाग निकलता। इनामी राशि मध्यप्रदेश पुलिस को भी दी जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो मंदिर परिसर का सवाल करना भी वाजिब होगा। हालांकि इसमें पुलिस का पक्ष भी अपने आप में मजबूत है कि अगर पुलिस चौकन्नी नहीं रहती तो मंदिर परिसर द्वारा दी गई सूचना के बावजूद विकास फरीदाबाद की तरह वहां से भी भाग सकता था।

#vikasdubey #ujjain #arrested #uppolice #kanpur

Continue Reading

Trending