Connect with us

प्रादेशिक

प्रियंका गांधी पर निशाना साधने वाली कांग्रेस विधायक अदिति सिंह को पार्टी ने किया निलंबित

Published

on

नई दिल्ली। कांग्रेस विधायक अदिति सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। उन पर ये कार्रवाई पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधने के बाद की गई है।

अदिति सिंह पर कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियां करने का आरोप लगाया है। उन्हें पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। फिलहाल वह पार्टी और पार्टी के महिला विंग के पदाधिकारी के पद से निलंबित रहेंगीं।

बता दें कि उन्होंने बुधवार को ट्वीट कर कहा था कि आपदा के समय इस तरह की निम्नस्तरीय राजनीति उचित नहीं है। उस समय ये बसें कहां थीं जब कोटा में यूपी के विद्यार्थी फंसे थे। आपदा के वक्त ऐसी निम्न सियासत की क्या जरूरत है।

एक हजार बसों की सूची भेजी, उसमें भी आधी से ज्यादा बसों का फर्जीवाड़ा है। 297 कबाड़ बसें, 98 ऑटो रिक्शा व एंबुलेंस जैसी गाड़ियां और 68 वाहन बिना कागजात के, ये कैसा क्रूर मजाक है। अगर बसें थीं तो राजस्थान, पंजाब और महाराष्ट्र में क्यों नहीं लगाईं। कोटा में जब यूपी के हजारों बच्चे फंसे थे, तब कहां थीं ये बसें। कांग्रेस सरकार इन बच्चों को घर तक तो छोड़िए, बार्डर तक न छोड़ पाई। तब सीएम योगी आदित्यनाथ ने रातोंरात बसें लगाकर इन बच्चों को घर पहुंचाया। खुद राजस्थान के सीएम ने भी इसकी तारीफ की थी। अदिति ने कहा कि योगी सरकार दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

गौरतलब है कि अदिति सिंह पिछले कुछ समय से पार्टी के खिलाफ बगावती तेवर दिखा रही हैं। इससे पहले पार्टी के निर्णय को न मानते हुए वह विधानसभा के विशेष सत्र में भी हिस्सा ले चुकी हैं। जिसके बाद कांग्रेस पार्टी ने उन्हें नोटिस भी जारी किया था।

प्रादेशिक

श्रमजीवी पत्रकार डॉ. के. विक्रम राव हैं हर एक मीडिया पर्सन के लिए मिसाल

Published

on

By

समाज की सच्ची तस्वीर दिखाना हर एक ईमानदार पत्रकार की ज़िम्मेदारी होती है, ऐसे ही एक श्रमजीवी पत्रकार हैं डॉ. के. विक्रम राव।गद्यकार, सम्पादक, मीडिया शिक्षक और टीवी, रेडियो समीक्षक डॉ. के. विक्रम राव श्रमजीवी पत्रकारों के मासिक दि वर्किंग जर्नलिस्ट के प्रधान सम्पादक हैं।

वे वॉयस ऑफ अमेरिका (हिन्दी समाचार प्रभाग, वाशिंगटन) के दक्षिण एशियाई ब्यूरो में 15 वर्षों तक संवाददाता रहे। वे 1962 से 1998 तक दैनिक टाइम्स ऑफ इण्डिया (मुंबई) में कार्यरत थे।

नौ प्रदेशों में इसके ब्यूरो प्रमुख रहे। सम्प्रति 85 तेलुगु, हिंदी, उर्दू तथा अंग्रेजी पत्रिकाओं में स्तंभकार हैं। वे मुम्बई, हैदराबाद, कोची, दिल्ली, अहमदाबाद, कोलकत्ता आदि के पत्रकारिता संस्थानों में रिपोर्टिंग पर व्याख्याता भी हैं।

वे डॉ. धर्मवीर भारती के “धर्मयुग” और रघुवीर सहाय के “दिनमान” में लिखते रहे। वे दैनिक इकनामिक टाइम्स, और पाक्षिक फिल्मफेयर में भी काम कर चुके हैं। विक्रम राव की समाचार रिपोर्ट की चर्चा विभिन्न विधान मण्डलों तथा संसद के दोनों सदनों में होती रही हैं।

मुरादाबाद, अहमदाबाद और हैदराबाद के साम्प्रदायिक दंगों पर उनकी रिपोर्ट अपनी वास्तविकता और सत्यता के लिए प्रशंसित हुई।बुन्देलखण्ड और उत्तर गुजरात में अकाल स्थिति पर भेजी उनकी रिपोर्टों से सरकारी और स्वयंसेवी संगठनों ने तात्कालिक मदद भेजी जिससे कई प्राण बचाए जा सके।

विक्रम राव की मातृभाषा तेलुगु है। वे मराठी, गुजराती तथा उर्दू भी जानते हैं। उन्होंने मीडिया पर नौ और डॉ. लोहिया पर दो पुस्तकें लिखी हैं। वे भारतीय प्रेस काउंसिल (PCI) के छह वर्षों (1991) तक लगातार सदस्य रहे।

श्रमजीवी पत्रकारों के लिए भारत सरकार द्वारा 2008 में गठित जस्टिस जी.आर. मजीठिया और मणिसाणा वेतन बोर्ड (1996) के वे सदस्य थे। प्रेस सूचना ब्यूरो की केन्द्रीय प्रेस मान्यता समिति के पाँच वर्षों तक वो सदस्य रहे।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending