Connect with us

प्रादेशिक

इस राज्य में कांग्रेस ने शुरू की ‘न्याय स्कीम’, किसानों को मिलेंगे 7500-7500 रुपए

Published

on

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर महत्वकांक्षी न्याय योजना की शुरुआत की है। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरुआत की।

न्याय स्कीम की शुरूआत करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि न्याय स्कीम की शुरुआत से पूरी पार्टी खुश है। सोनिया गांधी ने कहा कि राजीव जी के दिल में अन्नदाता किसान, खासतौर पर महिला और आदिवासी किसानों के लिए बहुत प्यार था, इसलिए वह समय-समय पर इन सबके बीच में जाकर सीधे संवाद करते थे और तकलीफों की जानकारी लेते थे।

वे मानते थे कि किसान और खेती ही भारत के विकास की असली पूंजी है। वहीं, छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने कहा, ‘जब नोबेल पुरस्कार विजेता महान अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी से राहुल गांधी ने बातचीत की, तो उन्होंने भी कहा कि किसानों को सशक्त बनाने का एक मात्र रास्ता है कि उनके खाते में सीधे राशि पहुंचाना. आज हमने कर दिखाया है।’

वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इस योजना में धान फसल के लिए 18 लाख 34 हजार 834 किसानों को प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। योजना से प्रदेश के 9 लाख 53 हजार 706 सीमांत किसानों, 5 लाख 60 हजार 284 लघु किसानों और 3 लाख 20 हजार 844 बड़े किसानों को फायदा मिलेगा।

प्रादेशिक

श्रमजीवी पत्रकार डॉ. के. विक्रम राव हैं हर एक मीडिया पर्सन के लिए मिसाल

Published

on

By

समाज की सच्ची तस्वीर दिखाना हर एक ईमानदार पत्रकार की ज़िम्मेदारी होती है, ऐसे ही एक श्रमजीवी पत्रकार हैं डॉ. के. विक्रम राव।गद्यकार, सम्पादक, मीडिया शिक्षक और टीवी, रेडियो समीक्षक डॉ. के. विक्रम राव श्रमजीवी पत्रकारों के मासिक दि वर्किंग जर्नलिस्ट के प्रधान सम्पादक हैं।

वे वॉयस ऑफ अमेरिका (हिन्दी समाचार प्रभाग, वाशिंगटन) के दक्षिण एशियाई ब्यूरो में 15 वर्षों तक संवाददाता रहे। वे 1962 से 1998 तक दैनिक टाइम्स ऑफ इण्डिया (मुंबई) में कार्यरत थे।

नौ प्रदेशों में इसके ब्यूरो प्रमुख रहे। सम्प्रति 85 तेलुगु, हिंदी, उर्दू तथा अंग्रेजी पत्रिकाओं में स्तंभकार हैं। वे मुम्बई, हैदराबाद, कोची, दिल्ली, अहमदाबाद, कोलकत्ता आदि के पत्रकारिता संस्थानों में रिपोर्टिंग पर व्याख्याता भी हैं।

वे डॉ. धर्मवीर भारती के “धर्मयुग” और रघुवीर सहाय के “दिनमान” में लिखते रहे। वे दैनिक इकनामिक टाइम्स, और पाक्षिक फिल्मफेयर में भी काम कर चुके हैं। विक्रम राव की समाचार रिपोर्ट की चर्चा विभिन्न विधान मण्डलों तथा संसद के दोनों सदनों में होती रही हैं।

मुरादाबाद, अहमदाबाद और हैदराबाद के साम्प्रदायिक दंगों पर उनकी रिपोर्ट अपनी वास्तविकता और सत्यता के लिए प्रशंसित हुई।बुन्देलखण्ड और उत्तर गुजरात में अकाल स्थिति पर भेजी उनकी रिपोर्टों से सरकारी और स्वयंसेवी संगठनों ने तात्कालिक मदद भेजी जिससे कई प्राण बचाए जा सके।

विक्रम राव की मातृभाषा तेलुगु है। वे मराठी, गुजराती तथा उर्दू भी जानते हैं। उन्होंने मीडिया पर नौ और डॉ. लोहिया पर दो पुस्तकें लिखी हैं। वे भारतीय प्रेस काउंसिल (PCI) के छह वर्षों (1991) तक लगातार सदस्य रहे।

श्रमजीवी पत्रकारों के लिए भारत सरकार द्वारा 2008 में गठित जस्टिस जी.आर. मजीठिया और मणिसाणा वेतन बोर्ड (1996) के वे सदस्य थे। प्रेस सूचना ब्यूरो की केन्द्रीय प्रेस मान्यता समिति के पाँच वर्षों तक वो सदस्य रहे।

Continue Reading
Advertisement Aaj KI Khabar English

Trending