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प्रादेशिक

मुंबई में लॉकडाउन हुआ फेल, बांद्रा स्टेशन पर इकठ्ठा हुए हजारों लोग

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मुंबई। कोरोना वायरस की वजह से 21 दिनों के लॉकडाउन को अब 19 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। इस बीच मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन में प्रवासी मजदूरों की भीड़ इक्ठ्ठा हो गई।

ये सभी मजदूर स्टेशन पर इकठ्ठा होकर घर जाने की मांग करने लगे। मजदूरों को उम्मीद थी कि लॉकडाउन खत्म हो जाएगा। उन्हें हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।

बताया जा रहा है कि पुलिस की कार्रवाई के बाद भीड़ हट गई। स्थानीय नेताओं का कहना है कि लोगों को समझाया जा रहा है कि उन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी और हर संभव मदद की जाएगी।

महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार इन मजदूरों के खाने का इंतजाम करेगी। हम मजदूरों को समझा रहे हैं कि उनकी परिस्थितियों को सुधारने की पूरी कोशिश करेंगे।

 

नेशनल

जेसीबी से ढहाया गया विकास दुबे का घर, गाड़ियां की गईं तहस-नहस

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कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिस वालों की जान लेने वाले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की तलाश में पुलिस की 100 टीमें लगी हुई हैं। आशंका जताई जा रही है कि वारदात को अंजाम देने के बाद विकास नेपाल भाग गया है। इस बीच विकास दुबे के घर को जिला प्रशासन द्वारा ध्वस्त कर दिया। इस दौरान वहां खड़ी कारों को भी कुचल दिया गया। प्रशासन ने उसी जेसीबी से उसके घर को गिराया जिसका इस्तेमाल उसने पुलिस वालों का रास्ता रोकने के लिए किया था। शनिवार सुबह से पुलिस और प्रशासन की टीमें बिकरु गांव पहुंच गई थीं।

बता दें कि गुरुवार देर रात कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू निवासी कुख्यात अपराधी विकास दुबे को उसके गांव पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था जिसमें एक क्षेत्राधिकारी, एक थानाध्यक्ष समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए. मुठभेड़ में पांच पुलिसकर्मी, एक होमगार्ड और एक आम नागरिक घायल है।

पुलिस को मुखबिरी का शक

कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों की निर्ममता ने हत्या करने वाला हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे अभी फरार है। बताया जा रहा है कि रात को ही वारदात को अंजाम देने के बाद विकास दुबे नेपाल भाग गया है। इन सबके बीच एक सवाल सभी के मन में उठ रहा है कि आखिर विकास दुबे को पुलिस टीम के आने की भनक पहले से ही कैसे लग गई थी, क्योंकि जिस तरह विकास ने पूरी प्लानिंग के साथ घटना को अंजाम दिया उससे साफ़ पता चलता है उसे पहले से पूरी जानकारी थी। एसटीएफ को भी इस बात का शक है कि विकास दुबे को पुलिस के ही किसी भेदिये ने पहले ही सूचना दे दी थी। इसी शक को यकीन में बदलने के लिए पुलिस ने विकास के कॉल डिटेल निकलवाए हैं जिनमें कुछ पुलिस वालों के भी नंबर मिले हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि चौबेपुर थाने के ही एक सब इंस्पेक्टर ने विकास दुबे को पुलिस के आने की सूचना दी थी। मुठभेड़ के दौरान वह सबसे पीछे थे और फायरिंग होते ही वह वहां से भाग गए। इस वक्त पुलिस को एक दरोगा, सिपाही और होमगार्ड पर शक है। तीनों की कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। बता दें कि मामले की जांच एसटीएफ गठित हुई है। यूपी पुलिस ने विकास दुबे का सुराग देने वाले को 50 हजार रुपये के इनाम का ऐलान भी किया है। विकास दुबे के पास एके-47 और अडवांस हथियार भी थे।

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