Connect with us

नेशनल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Lockdown 2.0 के दौरान दिए सात मंत्र

Published

on

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जनता सम्बोधन में सात मंत्र दिए हैं। प्रधानमंत्री ने अपने सम्बोधन के अंत में इन 7 बातों के साथ देशवासियों का साथ मांगा है।

Lockdown 2.0 : 03 मई तक बढ़ाई गई देश बंदी

आइए जानते हैं मोदी जी के सात मंत्र –

पहली बात

अपने घर के बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें, विशेषकर ऐसे व्यक्ति जिन्हें पुरानी बीमारी हो, उनकी हमें Extra Care करनी है, उन्हें कोरोना से बहुत बचाकर रखना है।

दूसरी बात

लॉकडाउन और Social Distancing की लक्ष्मण रेखा का पूरी तरह पालन करें, घर में बने फेसकवर या मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।

तीसरी बात

अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए, आयुष मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें, गर्म पानी, काढ़ा, इनका निरंतर सेवन करें।

चौथी बात

कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने में मदद करने के लिए आरोग्य सेतु मोबाइल App जरूर डाउनलोड करें।
दूसरों को भी इस App को डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करें।

पांचवी बात

जितना हो सके उतने गरीब परिवार की देखरेख करें, उनके भोजन की आवश्यकता पूरी करें।

छठी बात

आप अपने व्यवसाय, अपने उद्योग में अपने साथ काम करे लोगों के प्रति संवेदना रखें, किसी को नौकरी से न निकालें।

सातवीं बात

देश के कोरोना योद्धाओं, हमारे डॉक्टर- नर्सेस, सफाईकर्मी, पुलिसकर्मी का पूरा सम्मान करें।

नेशनल

जेसीबी से ढहाया गया विकास दुबे का घर, गाड़ियां की गईं तहस-नहस

Published

on

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिस वालों की जान लेने वाले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की तलाश में पुलिस की 100 टीमें लगी हुई हैं। आशंका जताई जा रही है कि वारदात को अंजाम देने के बाद विकास नेपाल भाग गया है। इस बीच विकास दुबे के घर को जिला प्रशासन द्वारा ध्वस्त कर दिया। इस दौरान वहां खड़ी कारों को भी कुचल दिया गया। प्रशासन ने उसी जेसीबी से उसके घर को गिराया जिसका इस्तेमाल उसने पुलिस वालों का रास्ता रोकने के लिए किया था। शनिवार सुबह से पुलिस और प्रशासन की टीमें बिकरु गांव पहुंच गई थीं।

बता दें कि गुरुवार देर रात कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू निवासी कुख्यात अपराधी विकास दुबे को उसके गांव पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था जिसमें एक क्षेत्राधिकारी, एक थानाध्यक्ष समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए. मुठभेड़ में पांच पुलिसकर्मी, एक होमगार्ड और एक आम नागरिक घायल है।

पुलिस को मुखबिरी का शक

कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों की निर्ममता ने हत्या करने वाला हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे अभी फरार है। बताया जा रहा है कि रात को ही वारदात को अंजाम देने के बाद विकास दुबे नेपाल भाग गया है। इन सबके बीच एक सवाल सभी के मन में उठ रहा है कि आखिर विकास दुबे को पुलिस टीम के आने की भनक पहले से ही कैसे लग गई थी, क्योंकि जिस तरह विकास ने पूरी प्लानिंग के साथ घटना को अंजाम दिया उससे साफ़ पता चलता है उसे पहले से पूरी जानकारी थी। एसटीएफ को भी इस बात का शक है कि विकास दुबे को पुलिस के ही किसी भेदिये ने पहले ही सूचना दे दी थी। इसी शक को यकीन में बदलने के लिए पुलिस ने विकास के कॉल डिटेल निकलवाए हैं जिनमें कुछ पुलिस वालों के भी नंबर मिले हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि चौबेपुर थाने के ही एक सब इंस्पेक्टर ने विकास दुबे को पुलिस के आने की सूचना दी थी। मुठभेड़ के दौरान वह सबसे पीछे थे और फायरिंग होते ही वह वहां से भाग गए। इस वक्त पुलिस को एक दरोगा, सिपाही और होमगार्ड पर शक है। तीनों की कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। बता दें कि मामले की जांच एसटीएफ गठित हुई है। यूपी पुलिस ने विकास दुबे का सुराग देने वाले को 50 हजार रुपये के इनाम का ऐलान भी किया है। विकास दुबे के पास एके-47 और अडवांस हथियार भी थे।

#vikasdubey #kanpur #jcb #uppolice

Continue Reading

Trending