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कोरोना वायरस का मिल गया सफल इलाज, तेजी से ठीक हो रहे हैं लोग!

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नई दिल्ली। चीन के वुहान शहर से निकला कोरोना वायरस अब पूरी दुनिया में तबाही मचा रहा है। इस वायरस से अब तक 42 हजार लोगों की मौत हो चुकी है वहीं दुनियाभर के 8 लाख से ज्यादा लोग इससे संक्रमित पाए गए हैं।

इस बीच कोरोना वायरस को लेकर एक राहत भरी खबर आई है। मिली जानकारी के मुताबिक कोरोना के 5 गंभीर मरीजों का नए तरीके से इलाज किया गया है। यह इलाज काफी हद तक सफल रहा है।

चीन के एक अस्पताल में कोरोना से गंभीर रूप से संक्रमित 5 लोगों को पुराने मरीजों का खून चढ़ाकर इलाज किया गया जिसमें 3 बिलकुल ठीक हो गए जबकि 2 पहले से बहुत अच्छी स्थिति में हैं। इन मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर का मानना है कि पुराने मरीजों के खून के जरिए ट्रीटमेंट के इस तरीके से कोरोना के काफी ज्यादा मरीजों को ठीक किया जा सकता है।

ये खबर डेलीमेल वेबसाइट पर प्रकाशित हुई है। पीपुल्स हॉस्पिटल ने अपने इलाज के इस तरीके की रिपोर्ट 27 मार्च को प्रकाशित की थी। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि जिन पांच मरीजों का इलाज पुराने कोरोना मरीजों के खून से किया गया था, वो 36 से 73 साल के बीच थे।

 

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कोरोनाः चीनी कंपनी का दावा, बन चुकी है वैक्सीन, 10 करोड़ डोज होंगे तैयार

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा है। इस वायरस से अब तक 61 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 3 लाख 71 हजार लोगों को इस खतरनाक बीमारी की वजह से जान गंवानी पड़ी है। इस बीच जिस देश से यह वायरस पूरी दुनिया में फैला वहां के वैज्ञानिकों ने इसकी वैक्सीन को लेकर बड़ा दावा किया है।

चीनी वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने कोरोना वायरस की 99 फीसदी कारगर वैक्सीन बना ली है। इस वैक्सीन के करीब 10 करोड़ डोज बनाने की तैयारी चल रही है। वैक्सीन बनाने का यह दावा बीजिंग की बायोटेक कंपनी ‘सिनोवैक’ ने किया है। चीन में करीब एक हजार से ज्यादा वॉलंटियर पर इसका ट्रायल चल रहा है। हालांकि अब इस वैक्सीन का स्टेज 3 ट्रायल ब्रिटेन में करने की तैयारी की जा रही है।

वैक्सीन बनाने वाले शोधकर्ताओं से जब यह पूछा गया कि क्या यह वैक्सीन काम करेगी। इसके जवाब में रिसर्चर्स लुओ बैशन ने कहा कि यह 99 फीसदी तक कारगर साबित होगी। फिलहाल कंपनी वैक्सीन का स्टेज 2 का ट्रायल कर रही है, लेकिन चीन में कोरोना संक्रमण के कम मामले को देखते हुए वॉलंटियर की कमी पड़ गई है।

कंपनी ‘सिनोवैक’ ने कहा है कि हम यूरोप के कई देशों से ट्रायल के लिए बातचीत कर रहे हैं। इसके साथ ही यूके से भी बातचीत की गई है। हालांकि बातचीत अभी शुरुआती चरण में है। कंपनी बीजिंग में एक प्लांट भी लगा रही है। इस प्लांट में करीब 10 करोड़ डोज तैयार किए जाएंगे।

‘सिनोवैक’ का कहना है कि इस वैक्सीन का प्रयोग सबसे पहले हाई रिस्क वाले मरीजों पर होगा। इस दौरान हेल्थ वर्कर्स और बड़ी उम्र वाले लोगों पर इसका इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि अभी स्टेज 2 के ट्रायल में महीनों लगेंगे। इसके साथ ही वैक्सीन की रेग्यूलेटरी अप्रूवल भी चाहिए होगी।

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